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चोरी के तीन अभियुक्तों को एक-एक वर्ष की सजा
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काशीपुर। एक ट्रांसपोर्टर के घर हुई चोरी का सामान बरामद होने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन आरोपियों को एक-एक वर्ष की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि धारा 379 के आरोप से उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
ट्रांसपोर्ट वरुण कुमार पुत्र हरपाल सिंह आवास-विकास कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय के चलते वह अक्सर घर से बाहर रहते हैं। छह जनवरी 2018 को उनका परिवार भी रिश्तेदारी में गया था। 14 जनवरी को परिजन घर लौटे तो मुख्य गेट का ताला खुला था। अंदर अलमारी का लॉकर भी टूटा मिला। चोर अलमारी से लाखों रुपये के जेवरात, नकदी ले गए थे। पुलिस ने इस मामले में वरुण की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था।
बाजपुर में सिलसिलेवार हुई चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह में कुछ महिलाएं भी थीं। बाजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किए तीन आरोपियों केशोवाला निवासी अतीक अहमद, मुडिया कलां निवासी फरीदुल और मेहबूब ने ट्रांसपोर्टर वरुण के घर से हुई चोरी करना स्वीकार किया था।
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विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक सुनील सिंह बिष्ट ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर ट्रांसपोर्टर के घर से चोरी हुए कुछ जेवरात बरामद किए थे।
तीनों के खिलाफ चार्जशीट लगने पर इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी अनुज कुमार साहनी ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन कर एसीजेएम ने तीनों आरोपियों अतीक, फरीदुल और मेहबूब को धारा 411 के तहत दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर आरोपियों को दस-दस दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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ट्रांसपोर्ट वरुण कुमार पुत्र हरपाल सिंह आवास-विकास कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय के चलते वह अक्सर घर से बाहर रहते हैं। छह जनवरी 2018 को उनका परिवार भी रिश्तेदारी में गया था। 14 जनवरी को परिजन घर लौटे तो मुख्य गेट का ताला खुला था। अंदर अलमारी का लॉकर भी टूटा मिला। चोर अलमारी से लाखों रुपये के जेवरात, नकदी ले गए थे। पुलिस ने इस मामले में वरुण की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था।
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बाजपुर में सिलसिलेवार हुई चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह में कुछ महिलाएं भी थीं। बाजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किए तीन आरोपियों केशोवाला निवासी अतीक अहमद, मुडिया कलां निवासी फरीदुल और मेहबूब ने ट्रांसपोर्टर वरुण के घर से हुई चोरी करना स्वीकार किया था।
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विवेचना अधिकारी उपनिरीक्षक सुनील सिंह बिष्ट ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर ट्रांसपोर्टर के घर से चोरी हुए कुछ जेवरात बरामद किए थे।
तीनों के खिलाफ चार्जशीट लगने पर इस मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी अनुज कुमार साहनी ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन कर एसीजेएम ने तीनों आरोपियों अतीक, फरीदुल और मेहबूब को धारा 411 के तहत दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर आरोपियों को दस-दस दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।