Uttarakhand: IPS खुराना ने कप्तान रहते बनाई थी अलग छवि, फाइलों में बंद केस को खुलवाकर आरोपियों को भेजा था जेल
आईपीएस अफसर केवल खुराना का कैंसर की जंग लड़ते हुए निधन हो गया। अपने कार्यों और नायाब प्रयोगों से उन्हाेंने जनता के दिलों में अलग छाप छोड़ी थी। उनके निधन से ऊधमसिंह नगर जिले में भी महकमे में शोक की लहर है।
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पुलिस महकमे के तेज तर्रार आईपीएस अफसर केवल खुराना का कैंसर की जंग लड़ते हुए निधन हो गया। अपने कार्यों और नायाब प्रयोगों से उन्हाेंने जनता के दिलों में अलग छाप छोड़ी थी। उनके निधन से ऊधमसिंह नगर जिले में भी महकमे में शोक की लहर है।
दरअसल आईजी रैंक के अधिकारी खुराना वर्ष 2015 में ऊधमसिंह नगर के कप्तान रहे थे। अनुशासनप्रिय खुराना ने जनता दरबार लगाकर जनता की समस्याएं सुनने की परंपरा शुरू की थी। बच्चों को आईएएस और आईपीएस की तैयारी कराने के लिए उन्होंने हर रविवार को कोचिंग शुरू की। इसमें कई अधिकारियों ने बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की टिप्स दी थी। उन्होंने जसपुर में ट्रांसपोर्टर की हत्या कर एक्सीडेंट का रूप देकर छिपाने की साजिश का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा। गदरपुर में ऑनर किलिंग के दबे मामले को खुलवाकर आरोपियों के हाथों में हथकड़ी पहनाई।
ऊधमसिंह नगर में रहते हुए वे पुलिसिंग को लेकर कड़क मगर जनहित में लिए फैसले को लेकर लोगों के बीच लोकप्रिय रहे थे। यातायात निदेशक के रूप में उन्होंने चार मैदानी जिलों में ट्रैफिक सुधार को लेकर काफी प्रयास किए गए। उनकी पहल पर जूनियर ट्रैफिक फोर्स के साथ ही वर्ष 2018 में जिले में महिलाओं को निशुल्क यात्रा के लिए शुरू की गई सुखद सेवा की खूब सराहना हुई थी। सोमवार को उनके निधन पर अधिकारी और कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के लोगों ने शोक जताया।