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Udham Singh Nagar News: विद्यार्थियों को बताए टिकाऊ फैशन के नए तरीके
Thu, 08 Oct 2026 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:42 PM IST
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पंतनगर। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के परिधान एवं वस्त्र विज्ञान विभाग की ओर से क्लोरोहेंप एग्रोटेक के सहयोग से ‘फार्म टू फैशन’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को सतत वस्त्र, प्राकृतिक रेशों, पुनर्योजी कृषि और कृषि से फैशन उद्योग तक की प्रक्रिया की जानकारी देना था।
कार्यक्रम में पेपीलोऑन ब्लू की संस्थापक एवं सीईओ वैनेसा बार्कर, कोफाउंडर रेडिस काटन सैने वान डेन डुंगेन और क्लोरोहेंप के संस्थापक राघवेंद्र सिंह ने विचार रखे। विशेषज्ञों ने वैश्विक फैशन उद्योग में टिकाऊ वस्त्रों की बढ़ती भूमिका, प्राकृतिक एवं वैकल्पिक रेशों की संभावनाओं, पुनर्योजी कृषि और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाओं पर जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और रेशों को आधुनिक तकनीक व नवाचार के माध्यम से वस्त्र और फैशन उत्पादों में बदला जा सकता है। साथ ही किसानों, शोधकर्ताओं, उद्योगों और फैशन ब्रांडों के बीच सहयोग को टिकाऊ वस्त्र उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा गहलौत और प्राध्यापक डॉ. अनीता रानी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
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कार्यक्रम में पेपीलोऑन ब्लू की संस्थापक एवं सीईओ वैनेसा बार्कर, कोफाउंडर रेडिस काटन सैने वान डेन डुंगेन और क्लोरोहेंप के संस्थापक राघवेंद्र सिंह ने विचार रखे। विशेषज्ञों ने वैश्विक फैशन उद्योग में टिकाऊ वस्त्रों की बढ़ती भूमिका, प्राकृतिक एवं वैकल्पिक रेशों की संभावनाओं, पुनर्योजी कृषि और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रक्रियाओं पर जानकारी साझा की।
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उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और रेशों को आधुनिक तकनीक व नवाचार के माध्यम से वस्त्र और फैशन उत्पादों में बदला जा सकता है। साथ ही किसानों, शोधकर्ताओं, उद्योगों और फैशन ब्रांडों के बीच सहयोग को टिकाऊ वस्त्र उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा गहलौत और प्राध्यापक डॉ. अनीता रानी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद