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उद्यान विभाग के निदेशक ने किया बगीचों का स्थलीय निरीक्षण
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उद्यान विभाग के निदेशक हरमिंदर सिंह बवेजा ने क्षेत्र केे दो बगीचोें का भ्रमण किया। उन्होंने अधीनस्थों को बगीचों की वीडियोग्राफी कर सत्यापन रिपोर्ट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रिप और ड्रेगन फ्रूट में नियमानुसार अनुदान दिए जाने की बात कही।
मंगलवार शाम उद्यान विभाग के निदेशक हरमिंदर सिंह बवेजा ने टीम के साथ गांव बिचपुरी और गांव बिराहा के आधुनिक तरीके से लगाए गए बगीचेे का स्थलीय भ्रमण किया। गांव बिचपुरी निवासी महेंद्र सिंह जौहल के पांच एकड़ बगीचे में 1600 अमरूद के कलमी प्रजाति के पौधे रोपित किए गए हैं। जौहल ने टिशू कल्चर से तैयार की गई बंगलौर से लाकर अमरूद की पौध लगाई है।
जबकि गांव बिराहा निवासी यतिन सिंघल के बगीचे में ड्रेगन फ्रूट के 10400 पौधे रोपित किए गए हैं। जबकि जून 21 में 5200 पौधे रोपित किए गए है जिसमें रेड टू रेड पल्प और रेड टू व्हाइट पल्प दो प्रजातियां रोपित की गई हैं। निदेशक डॉ. बवेजा ने बताया कि आधुनिक तकनीकी से कम क्षेत्रफल पर अधिक मुनाफा प्राप्त कर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। सरकार की ओर से अनुदान ड्रिप में प्रदान होगा। वहां उपनिदेशक डॉ. ब्रजेश गुप्ता, मुख्य उद्यान अधिकारी हरीश चंद तिवारी, ज्येष्ठ उद्यान अधिकारी आरके सिंह, मोहन सिंह रावत, किसन लाल सागर, कविता भाटिया, शिल्पी, प्रभशरण गौराया, रजविंदर सिंह आदि थे। (संवाद)
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मंगलवार शाम उद्यान विभाग के निदेशक हरमिंदर सिंह बवेजा ने टीम के साथ गांव बिचपुरी और गांव बिराहा के आधुनिक तरीके से लगाए गए बगीचेे का स्थलीय भ्रमण किया। गांव बिचपुरी निवासी महेंद्र सिंह जौहल के पांच एकड़ बगीचे में 1600 अमरूद के कलमी प्रजाति के पौधे रोपित किए गए हैं। जौहल ने टिशू कल्चर से तैयार की गई बंगलौर से लाकर अमरूद की पौध लगाई है।
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जबकि गांव बिराहा निवासी यतिन सिंघल के बगीचे में ड्रेगन फ्रूट के 10400 पौधे रोपित किए गए हैं। जबकि जून 21 में 5200 पौधे रोपित किए गए है जिसमें रेड टू रेड पल्प और रेड टू व्हाइट पल्प दो प्रजातियां रोपित की गई हैं। निदेशक डॉ. बवेजा ने बताया कि आधुनिक तकनीकी से कम क्षेत्रफल पर अधिक मुनाफा प्राप्त कर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। सरकार की ओर से अनुदान ड्रिप में प्रदान होगा। वहां उपनिदेशक डॉ. ब्रजेश गुप्ता, मुख्य उद्यान अधिकारी हरीश चंद तिवारी, ज्येष्ठ उद्यान अधिकारी आरके सिंह, मोहन सिंह रावत, किसन लाल सागर, कविता भाटिया, शिल्पी, प्रभशरण गौराया, रजविंदर सिंह आदि थे। (संवाद)
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