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ओडीएफ के दावे को आइना दिखा रहे बाजपुर में अधूरे शौचालय
सुनील दिवाकर/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:02 AM IST
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बाजपुर में अधूरे निर्मित शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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जिला प्रशासन की ओर से जनपद को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन बाजपुर क्षेत्र के अधूरे बने 352 शौचालय जिला प्रशासन के दावे को आइना दिखा रहे हैं। आरोप है कि लाभार्थियों को विभाग की ओर से पहली किस्त की धनराशि तक नहीं मिली है, जिससे शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा नही हुआ।
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क्षेत्र के स्वजल परियोजना के अंतर्गत गांव हजीरा, महौली जंगल, बन्नाखेड़ा, बरहैनी, जोगीपुरा, टांडा अमीचंद, चनकपुर क्षेत्र में ग्राम पंचायत की ओर लाभार्थियों का चयन किया गया था। ग्रामीणों ने अपने स्तर से शौचालयों का ढांचा निर्माण करा लिया, लेकिन उन्हें विभाग की ओर से मिलने वाली धनराशि नहीं मिली। आर्थिक रूप से कमजोर लाभार्थी शौचालयों का पूरा निर्माण नहीं कर सके। गांव बन्नाखेड़ा निवासी प्रकाश, रमतो देवी और पूरन सिंह ने बताया शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है।
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पूरा परिवार जंगल में खुले में शौच करता है, जिन घरों में शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ वे सभी लोग खुले में शौच करते हैं। ग्रामीणों कहते हैं कि सरकार की ओर से गड्ढा खुदान और उसका निर्माण होने के बाद ही पहली किस्त दी जाती है। ऐसे में शौचालयों का निर्माण कैसे होगा। इधर, बीडीओ डा. निर्मला जोशी ने बताया क्षेत्र के गांव में जाकर स्थलीय सत्यापन कर अपूर्ण शौचालयों की सूची तैयार कर जिला मुख्यालय को भेजी गई है।
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बाजपुर ब्लाक से मिले आंकड़े के अनुसार ग्रामवार अधूरे शौचालय की संख्या
ग्राम महोली जंगल 92
हजीरा 86
जोगीपुरा 58
बरहैनी 57
टांडा अमीचंद 31
गोबरा 11
चनकपुर 13
बन्नाखेड़ा 04
कुल 352
जिलेभर में टीमें गठित कर अपूर्ण शौचालयों का स्थलीय सत्यापन कराया गया है। अधूरे निर्मित शौचालयों को पूर्ण करने के लिए लाभार्थियों को एडवांस के रूप में पहली किस्त प्रति लाभार्थी को 6000 रुपये उसके बैंक खाते में डाले जा रहे हैं। मंगलवार को अधिकांश लाभार्थियों को पहली किस्त की धनराशि उनके बैंक खातों में डाल दी गई है। इसी महीने में अधूरे शौचालयों का निर्माण पूरा हो जायेगा। सभी बीडीओ को अधूरे पड़े शौचालयों को पूर्ण करने की कड़ी हिदायत दी गई है।
आलोक कुमार पांडये मुख्य विकास अधिकारी
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत अधूरे शौचालयों को पूर्ण करने के लिए लाभार्थियों से आधार कार्ड के साथ फार्म भरवाए गए हैं। जिससे सीधे तौर उनके बैंक खाते माध्यम से उन्हे धनराशि मिलेगी। फार्म में सप्ताहभर के अंदर शौचालय पूर्ण करने का समय दिया गया है। साथ ही लाभार्थी से फार्म में सप्ताहभर के निर्माण नहीं होने पर दी गई धनराशि की वसूली और विधिक कार्यवाही करने की बात भी कही गई है। - डा. निर्मला जोशी बीडीओ बाजपुर
क्षेत्र में अधूरे निर्मित शौचालयों को पूर्ण कराने के लिए लाभार्थियों धनराशि देने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। सालभर से शौचालयों का निर्माण अधर में लटका है। जिला मुख्यालय से उन्हे एक दो दिन के भीतर ही लाभार्थियों को धनराशि दिए जाने की जानकारी मिली है। - किशोरी देवी, ब्लाक प्रमुख