{"_id":"572652254f1c1bbe7b5cd114","slug":"in-the-absence-of-the-staff-how-improved-water-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों के अभाव में कैसे सुधरे जल संकट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों के अभाव में कैसे सुधरे जल संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Mon, 02 May 2016 12:29 AM IST
विज्ञापन
पानी
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल संस्थान में कर्मचारियों का संकट उत्पन्न हो गया है। वर्षों से विभाग में कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है। जिससे शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य बाधित हो रहा है। विभाग नियुक्ति करने के बजाए ठेकेदारों से काम करवा रहा है।
विज्ञापन
जल संस्थान के जेई प्रदीप चौहान ने बताया कि विभाग में वर्षों से नियुक्ति नहीं हुई है। जिससे संस्थान में कर्मचारियों का टोटा पड़ने से कार्य में बाधा आने लगी है। बताया जाता है कि कभी संस्थान में 50 लोगों का स्टाफ काम करता था लेकिन अब संस्थान में केवल 25 लोगों का स्टाफ बचा है। जिससे शहर व ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल व लिकेज की आने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए कर्मचारी ही नहीं है।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने बताया कि विभाग में कर्मचारी की कमी तो है ही साथ ही मैटीरियल का भी टोटा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में विभाग में 4 से 5 साल तक काम करने पर कर्मचारी को मस्ट्रोल के अंतर्गत परमानेंट कर दिया जाता था। 1992 से यह प्रक्रिया बंद कर दी गई। लेकिन अब कर्मचारी धीरे-धीरे सेवानिवृत्त हो रहे है। तथा कुछ कर्मचारियों की ड्यूटी के समय ही मृत्यु हो चुकी है। लेकिन विभाग नई नियुक्ति करने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
संस्थान के अधिकारी ने बताया कि विभाग में नई नियुक्ति नहीं निकल रही है। बल्कि एक सप्ताह पूर्व ही टेंडर प्रक्रिया की गई है। विभाग टेंडर प्रक्रिया कर सारा कार्य ठेकेदारी में कराएगा। वर्षों से विभाग में पद रिक्त चल रहे है। अधिकारी किसी प्राइवेट कंपनी से काम करवाते हैं। इस समय विभाग की हालत दयनीय हो चुकी है। कर्मचारी दिन प्रतिदिन कम होते जा रहे है जिससे शहर व ग्रामीण क्षेत्र में काम बाधित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को भी एक जूनियर फीटर मगन सिंह सेवानिवृत्त हो गए। अधिकारी ने बताया कि यदि विभाग में नई भर्ती नहीं होती है तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की कई दर्जन शिकायतें आ चुकी है। लेकिन संस्थान में कर्मचारियों की कमी होने से शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। मई में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जिसके चलते पेयजल व लिकेज तथा गंदा पानी आने की शिकायतों में इजाफा होने की उम्मीद है। संस्थान के सहायक अभियंता शिशुपाल यादव ने बताया कि अभी विभाग में नई भर्ती नहीं हो रही है जिससे शहर व ग्रामीण क्षेत्र में समस्याएं उत्पन्न हो रही है। शीघ्र ही भर्ती नही होती है तो संविदा पर कर्मचारियों से काम चलाया जाएगा।