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भारी विरोध के बीच बाईपास में डाले गए ह्यूम पाइप
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खटीमा में बाईपास में ह्यूम पाइप डलवाती प्रशासन की टीम। संवाद
- फोटो : KHATIMA
खटीमा। आठ किमी बाईपास निर्माण में कलमठ के लिए ह्यूम पाइप डालने के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) टीम को ग्रामीणों का भारी विरोध झेलना पड़ा। ग्राम बिगराबाग के पास बाईपास पर बनाए जा रहे कलमठ का रुख खेत की ओर करने से विरोध में उतरीं महिलाओं में शामिल खेत स्वामिनी बेहोश होकर गिर पड़ीं। इस पर महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। आखिर में महिलाओं को समझाकर पाइप डाले गए।
लोहियापुल पहेनिया से कुटरी-चकरपुर बाईपास निर्माण पर ग्राम बिगराबाग के पास एनएचएआई के इंजीनियरों ने पानी का निकास मार्ग तय किया है। कलमठ चयनित स्थान पर राजकिशोर सिंह राणा बिगराबाग निवासी की दस बीघा भूमिधरी जमीन है। इसमें से चार बीघा एनएचएआई ने अधिग्रहीत कर ली है। नगर का आठ किमी लंबा बाईपास निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। बारिश के कारण हुए व्यवधान एवं कई जगह कलमठ निर्माण में एनएचएआई के अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
बिगराबाग में बाईपास निर्माण के समय एक ह्यूम पाइप डाला गया था। राजकिशोर का आरोप है कि उनको विश्वास में लिए बिना बुधवार को दो ह्यूम पाइप बाईपास में और डाल दिए गए। इनका निकास उसके खेत की तरफ है। बरसात में जलभराव से उसकी खेती बर्बाद हो जाएगी। इसलिए ह्यूम पाइप डालने पहुंचे एनएचएआई की टीम का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।
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सूचना मिलते ही वहां पहुंचे एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट, सीओ वीर सिंह, एनएचएआई के साइट इंजीनियर हेमंत कुुमार जोशी, तुषार गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर लोकेश देशपाल ने लोगों को काफी समझाया। इसके बावजूद जब राजकिशोर राणा का परिवार नहीं माना तो पुलिस ने विरोध में उतरी महिला एवं पुरुषों को मौके से हटाकर बाईपास में ह्यूम पाइप डलवाए। वहां मौजूद सुनील सिंह, अनुराधा देवी, दीपा राणा, सुनीता राणा, नीता देवी, मनीष राणा, चंद्रकली देवी, साधना देवी, उसरेस देवी, शांति राणा, कामिनी, मोहनी राणा आदि ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया।
ग्रामीणों की बात
इससे पूर्व ह्यूम पाइप डालते समय प्रशासन ने आश्वस्त किया था कि इसके बाद कोई पाइप नहीं डालेंगे लेकिन अब बिना पूर्व सूचना के जबरदस्ती तीन ह्यूम पाइप डाले जा रहे हैं।
- सुनील सिंह राणा, खेत स्वामी।
प्रशासन हमारे साथ घोर अन्याय कर रहा है। कलमठ का रुख हमारी जमीन की तरफ कर प्रशासन हमें बर्बाद करना चाहता है जबकि पहले एक ह्यूम पाइप डालने की बात हुई थी।
- अनुराधा देवी।
प्रशासन अपनी ही बात बदलकर तीन ह्यूम पाइप डाल रहा है। एक गरीब परिवार को परेशान कर रहा है। महिलाओं को धमका कर बल प्रयोग किया है। उनके साथ घोर अन्याय है।
- दीपा राणा।
बाईपास निर्माण का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। बिगराबाग ग्राम में जिस स्थान पर बाईपास में कलमठ निर्माण हो रहा है वह अन्य स्थानों से गहरा है। बाईपास में डाले जा रहे कलमठ से पानी की निकासी के लिए नाली बनेगी जिससे फसल को नुकसान न हो। यह बात मौके पर विरोध कर रहे किसान परिवार को समझाई गई है।
- मीनू, निदेशक, एनएचएआई रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर
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लोहियापुल पहेनिया से कुटरी-चकरपुर बाईपास निर्माण पर ग्राम बिगराबाग के पास एनएचएआई के इंजीनियरों ने पानी का निकास मार्ग तय किया है। कलमठ चयनित स्थान पर राजकिशोर सिंह राणा बिगराबाग निवासी की दस बीघा भूमिधरी जमीन है। इसमें से चार बीघा एनएचएआई ने अधिग्रहीत कर ली है। नगर का आठ किमी लंबा बाईपास निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। बारिश के कारण हुए व्यवधान एवं कई जगह कलमठ निर्माण में एनएचएआई के अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
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बिगराबाग में बाईपास निर्माण के समय एक ह्यूम पाइप डाला गया था। राजकिशोर का आरोप है कि उनको विश्वास में लिए बिना बुधवार को दो ह्यूम पाइप बाईपास में और डाल दिए गए। इनका निकास उसके खेत की तरफ है। बरसात में जलभराव से उसकी खेती बर्बाद हो जाएगी। इसलिए ह्यूम पाइप डालने पहुंचे एनएचएआई की टीम का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।
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सूचना मिलते ही वहां पहुंचे एसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट, सीओ वीर सिंह, एनएचएआई के साइट इंजीनियर हेमंत कुुमार जोशी, तुषार गुप्ता, प्रोजेक्ट मैनेजर लोकेश देशपाल ने लोगों को काफी समझाया। इसके बावजूद जब राजकिशोर राणा का परिवार नहीं माना तो पुलिस ने विरोध में उतरी महिला एवं पुरुषों को मौके से हटाकर बाईपास में ह्यूम पाइप डलवाए। वहां मौजूद सुनील सिंह, अनुराधा देवी, दीपा राणा, सुनीता राणा, नीता देवी, मनीष राणा, चंद्रकली देवी, साधना देवी, उसरेस देवी, शांति राणा, कामिनी, मोहनी राणा आदि ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया।
ग्रामीणों की बात
इससे पूर्व ह्यूम पाइप डालते समय प्रशासन ने आश्वस्त किया था कि इसके बाद कोई पाइप नहीं डालेंगे लेकिन अब बिना पूर्व सूचना के जबरदस्ती तीन ह्यूम पाइप डाले जा रहे हैं।
- सुनील सिंह राणा, खेत स्वामी।
प्रशासन हमारे साथ घोर अन्याय कर रहा है। कलमठ का रुख हमारी जमीन की तरफ कर प्रशासन हमें बर्बाद करना चाहता है जबकि पहले एक ह्यूम पाइप डालने की बात हुई थी।
- अनुराधा देवी।
प्रशासन अपनी ही बात बदलकर तीन ह्यूम पाइप डाल रहा है। एक गरीब परिवार को परेशान कर रहा है। महिलाओं को धमका कर बल प्रयोग किया है। उनके साथ घोर अन्याय है।
- दीपा राणा।
बाईपास निर्माण का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। बिगराबाग ग्राम में जिस स्थान पर बाईपास में कलमठ निर्माण हो रहा है वह अन्य स्थानों से गहरा है। बाईपास में डाले जा रहे कलमठ से पानी की निकासी के लिए नाली बनेगी जिससे फसल को नुकसान न हो। यह बात मौके पर विरोध कर रहे किसान परिवार को समझाई गई है।
- मीनू, निदेशक, एनएचएआई रुद्रपुर, ऊधमसिंह नगर

खटीमा में बाईपास में ह्यूम पाइप डालने का विरोध करती महिलाओं को रोकती पुलिस टीम। संवाद- फोटो : KHATIMA