फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Human understanding will be important to welcome computer understanding

आईआईएम %समन्वय 2019 में विद्यार्थियों को मिले कॉर्पोरेट अनुभव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
Human understanding will be important to welcome computer understanding
आईआईएम काशीपुर के एचआर कॉन्क्लेव-समन्वय 2019 में कई कंपनियों के प्रत‌िन‌िध‌ियों ने ह‌िस्सा ल‌िया? - फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) से रोजगार को खतरा नहीं है। आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के समानांतर इमोशन इंटेलिजेंस यानी इंसानी समझ भी प्रासंगिक बनी रहेगी। आवश्यकता इस बात की है कि मशीनी समझ को इंसानी दिमाग पर हावी न होने दिया जाए। उसे एक औजार की तरह इस्तेमाल करते हुए दफ्तरों-कारखानों में बेहतर उत्पादकता हासिल की जाए।
विज्ञापन

ये विचार रविवार को आईआईएम काशीपुर के एचआर कॉन्क्लेव-समन्वय 2019 में प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईएम के निदेशक केएस बलूनी समेत अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बलूनी ने काशीपुर के आईआईएम के स्वर्णिम इतिहास व इसकी उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन

एजीएस ट्रांजेक्ट टेक्नोलॉजी के ग्रुप हेड (एचआर) कैप्टेन पार्थ ने कहा कि रिसर्च बताती है कि दुनिया भर में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के विकास के साथ-साथ इंसानी समझ यानी इमोशनल इंटेलिजेंस महत्वपूर्ण बनी रहेगी। कर्ल ऑन की हेड (एचआर) शिल्पी सक्सेना ने कहा कि मौजूदा दौर में व्यक्ति उपवास रख सकता है लेकिन डिजिटल उपवास नहीं रख सकता। एक भी दिन मोबाइल से दूर रहना उसके लिए मुमकिन नहीं है। कंप्यूटर और इंसानी भावनाओं के सटीक मेलजोल से ही भविष्य मेें नए रोजगारों की राह निकलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस चर्चा में अमर उजाला के सीनियर एडिटर संजय अभिज्ञान, डालमिया ग्रुप के एचआर हेड राजकमल गुप्ता, आईटी बाय डिजाइन के वीपी और एचआर अमूल्य शाह, हेड ऑफ सोल्युशनिंग के श्रीहरि महाले, प्रीमियर इन्फो असिस्टेंट्स के शिवादीप पंजवानी ने विचार रखे। महाले ने कहा कि अर्टिफीशियल इंटेलिजेंस हमारा स्थान लेने के लिए नहीं बल्कि हमारी दक्षता को सुधारने के लिए है।
राजकमल गुप्ता ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता के हिस्से में बहुत सारे रूटीन काम छोड़ कर हम अपना ध्यान अधिक रचनात्मक और रणनीतिक कार्यों में लगा सकते हैं। संजय अभिज्ञान ने स्वचालन और भावनात्मक समझ के उपयोग को इन काव्यात्मक पंक्तियों से समझाया, ‘अगर तू मशीन है तो मुस्करा के दिखा, अगर तू इंटेलिजेंस है तो एक गजल लिखकर दिखा।’

अभिज्ञान ने कहा कि दोनों तरह की समझ के समन्वय से हम सफलता की ऊंचाइयों को छू सकते हैं। चर्चा का संचालन पीपल एचआर एसोसिएट्स के हेड कोच और स्ट्रेटेजिक कंसल्टेंट कृष्णा राव ने किया। पैनल में शामिल विद्वानों ने अपने कॉरपोरेट अनुभव आईआईएम के विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान भी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed