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Udham Singh Nagar News: आप कितने तैयार, एआई से बदल रहा कामकाज और रोजगार का स्वरूप
Mon, 14 Sep 2026 12:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:08 AM IST
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काशीपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से कामकाज और रोजगार का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में संगठनों को तकनीकी बदलाव का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी रणनीतियों में बदलाव करना होगा। यह बात शुक्रवार को आईआईएम काशीपुर में आयोजित प्रबंधन कॉन्क्लेव ‘दिशा 2026’ में विशेषज्ञों ने कही।
कॉन्क्लेव में एआई एकीकरण, रणनीतिक तत्परता, नेतृत्व, बाजार में बदलाव और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। नीनओपल इंक, बीएनवाई, एचटी मीडिया ग्रुप और निवेशन टेक्नोलॉजिज समेत विभिन्न कंपनियों के वरिष्ठ पेशेवरों ने विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा किए।
नीनओपल इंक के ध्रुव चौधरी ने कहा कि क्रॉस-फंक्शनल लर्निंग के लिए केवल किसी उत्पाद का विशेषज्ञ होना पर्याप्त नहीं है। उसकी सही पोजिशनिंग की समझ भी जरूरी है। उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि 2030 तक एआई के कारण करीब नौ करोड़ नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जबकि 17 करोड़ नए रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
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बीएनवाई की करिश्मा सिंघल ने कहा कि बदलते दौर में तकनीकी समझ के साथ अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना भी जरूरी है।
निवेशन टेक्नोलॉजिज के क्षितिज सबलानिया ने वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधानों के बीच बेहतर निर्णय लेने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। दो पैनल चर्चाओं में संगठनों में समय रहते सकारात्मक बदलाव और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर मंथन हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।
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कॉन्क्लेव में एआई एकीकरण, रणनीतिक तत्परता, नेतृत्व, बाजार में बदलाव और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। नीनओपल इंक, बीएनवाई, एचटी मीडिया ग्रुप और निवेशन टेक्नोलॉजिज समेत विभिन्न कंपनियों के वरिष्ठ पेशेवरों ने विद्यार्थियों के साथ अनुभव साझा किए।
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नीनओपल इंक के ध्रुव चौधरी ने कहा कि क्रॉस-फंक्शनल लर्निंग के लिए केवल किसी उत्पाद का विशेषज्ञ होना पर्याप्त नहीं है। उसकी सही पोजिशनिंग की समझ भी जरूरी है। उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि 2030 तक एआई के कारण करीब नौ करोड़ नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, जबकि 17 करोड़ नए रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
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बीएनवाई की करिश्मा सिंघल ने कहा कि बदलते दौर में तकनीकी समझ के साथ अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना भी जरूरी है।
निवेशन टेक्नोलॉजिज के क्षितिज सबलानिया ने वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधानों के बीच बेहतर निर्णय लेने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। दो पैनल चर्चाओं में संगठनों में समय रहते सकारात्मक बदलाव और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर मंथन हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।