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पशुओं में ब्रुसेलोसिस रोग को रोकने के लिए लगाई जाएगी एस-19 वैक्सीन
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डा. गोपाल सिंह धामी, सीवीओ।
- फोटो : RUDRAPUR
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पशुओं में संक्रामक बीमारी ब्रूसेलोसिस को रोकने के लिए जिले में 60 हजार बछियों और कटियों को अक्तूबर से ब्रूसेलोसिस एस-19 वैक्सीन लगाई जाएगी। यह पशुओं से मनुष्यों और मनुष्यों से पशुओं में वायरल की तरह तेजी से फैलती है। भारत सरकार के पशु रोग निरोधक कार्यक्रम के तहत देशभर में अक्तूबर से महाअभियान चलाया जाएगा।
गाय भैंस में यह रोग ब्रूसेलोसिस एबोरटस नामक जीवाणु से फैलता है। ये वायरस गाभिन पशु की बच्चेदानी में रहता है, जो अंतिम तिमाही में गर्भपात करा देता है, जबकि मनुष्य को इस रोग में तेज बुखार आता है, जो बार-बार उतरता और चढ़ता रहता है। इसके साथ ही जोड़ों और कमर में दर्द भी रहता है।
पशुचिकित्सकों की मानें तो इस बीमारी के निदान के लिए स्वस्थ गाय भैंसों के बच्चों में चार व आठ महीने की आयु में ब्रूसेला एस-19 वैक्सीन से टीकाकरण किया जाता है। जिले में यह तीन चरण में किया जाएगा। पहले चरण में 20 हजार, दूसरे चरण में 20 हजार और तीसरे चरण में 19 हजार बछियों व कटियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
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पशुओं में गर्भपात होने पर, उस स्थान में डालें फिनाइल
रुद्रपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. गोपाल सिंह धामी ने बताया कि नए खरीदे गए पशुओं में पहले ब्रूसेला संक्रमण की जांच कराना चाहिए। अगर किसी पशु को गर्भकाल के तीसरी तिमाही में गर्भपात हुआ हो तो उसे तुरंत फार्म के बाकी पशुओं से अलग कर देना चाहिए।
इसके बाद पशु चिकित्साधिकारी को इसकी सूचना देनी चाहिए। रोगी मादा पशु के कच्चे दूध को स्वस्थ नवजात पशु व मनुष्य को नहीं पीना चाहिए। इसके साथ ही आसपास के चारे और अन्य वस्तुओं को जला देना चाहिए। आसपास फिनाइल का छिड़काव कर देना चाहिए। इससे मनुष्यों व अन्य पशुओं में यह बीमारी नहीं फैलेगी।
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गाय भैंस में यह रोग ब्रूसेलोसिस एबोरटस नामक जीवाणु से फैलता है। ये वायरस गाभिन पशु की बच्चेदानी में रहता है, जो अंतिम तिमाही में गर्भपात करा देता है, जबकि मनुष्य को इस रोग में तेज बुखार आता है, जो बार-बार उतरता और चढ़ता रहता है। इसके साथ ही जोड़ों और कमर में दर्द भी रहता है।
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पशुचिकित्सकों की मानें तो इस बीमारी के निदान के लिए स्वस्थ गाय भैंसों के बच्चों में चार व आठ महीने की आयु में ब्रूसेला एस-19 वैक्सीन से टीकाकरण किया जाता है। जिले में यह तीन चरण में किया जाएगा। पहले चरण में 20 हजार, दूसरे चरण में 20 हजार और तीसरे चरण में 19 हजार बछियों व कटियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
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पशुओं में गर्भपात होने पर, उस स्थान में डालें फिनाइल
रुद्रपुर। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. गोपाल सिंह धामी ने बताया कि नए खरीदे गए पशुओं में पहले ब्रूसेला संक्रमण की जांच कराना चाहिए। अगर किसी पशु को गर्भकाल के तीसरी तिमाही में गर्भपात हुआ हो तो उसे तुरंत फार्म के बाकी पशुओं से अलग कर देना चाहिए।
इसके बाद पशु चिकित्साधिकारी को इसकी सूचना देनी चाहिए। रोगी मादा पशु के कच्चे दूध को स्वस्थ नवजात पशु व मनुष्य को नहीं पीना चाहिए। इसके साथ ही आसपास के चारे और अन्य वस्तुओं को जला देना चाहिए। आसपास फिनाइल का छिड़काव कर देना चाहिए। इससे मनुष्यों व अन्य पशुओं में यह बीमारी नहीं फैलेगी।