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सफलता की गारंटी कड़ी मेहनत : नागपोरवाला
Sun, 28 Apr 2024 04:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 28 Apr 2024 04:08 AM IST
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काशीपुर। आईआईएम के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि केपीएमजी इंडिया के सीईओ येजदी नागपोरवाला ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित कर कहा कि सफलता की गारंटी संस्थानों के नाम व डिग्री से नहीं होती है। कड़ी मेहनत और अनुकूलता से सफलता मिलती है। वहीं उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारी समझे तभी अब कोई ठोस फैसला ले सकते हैं।
कुंडेश्वरी स्थित आईआईएम संस्थान परिसर में शनिवार को संस्थान ने 11वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। मुख्य अतिथि नागपोरवाला, आईआईएम काशीपुर के शासी बोर्ड अध्यक्ष संदीप सिंह और डायरेक्टर कुलभूषण बलूनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रक्रियाओं को संबोधित करते हुए आपको इस अवसर पर लाया है और आपको गर्व होना चाहिए। मैं आपके समर्पण और भविष्य को लेकर गंभीर हूं और आपको भी होना चाहिए। विश्व शिक्षा और शक्तियों का उद्देश्य चुनौतियों पर काबू पाना और अतीत में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ज्ञान का होना भी जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि आज व्यवसाय का कोई प्रमाणपत्र नहीं है। आज आपने जो डिग्री प्राप्त की है, वह वास्तव में एक पासपोर्ट है। सफलता की गारंटी संस्थानों के नाम और आपकी डिग्री से नहीं होती, यह निरंतर कड़ी मेहनत और अनुकूलन क्षमता से मिलती है। उन्होंने कहा कि अपना रास्ता चुनें और आगे बढें। आप यह सुनिश्चित कर लें कि आप अपना 100 प्रतिशत समय दे रहे हैं और यदि यह सब संभव है तो कभी भी पीछे मुड़कर न देखें।
उन्होंने बताया कि मैंने प्रौद्योगिकी को सब कुछ बदलते देखा है। यह समय पूरी तरह से नई दुनिया है और आप जैसे युवाओं के लिए कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश करने का यह एक सुंदर अवसर है। कहा कि आपको अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करनी होगी, आपको ब्रांड बनाना होगा।
मुख्य अतिथि ने कहा कि चुनौतियों से कभी भी पीछे न हटें, क्योंकि अराजकता में ही अवसर छिपा होता है। प्रौद्योगिकी को अपनाएं, अपने कौशल में निवेश करें और हमेशा ईमानदारी और सम्मान के मूल्यों को बनाए रखें। आप सभी को बधाई, क्योंकि आप कल के हीरे हैं। नए स्नातकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कोरिया में लोग पहले वह राष्ट्र, दूसरे पर वह कंपनी, तीसरे पर वह परिवार और चौथे स्थान पर स्वयं के बारे में सोचते हैं। हमें उनसे सीखने की जरूरत है। अमीर होने का मतलब सफल होना नहीं है। खुश रहना अच्छी बात है, व्यक्ति को बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करना चाहिए।
अंत में उन्होंने दस छात्रों को उनके संबंधित पाठ्यक्रमों में उनके प्रदर्शन के लिए स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक भेंट करके उनका उत्साहवर्धन किया।
यह रहे पदक विजेता
- ऑल राउंडर पदक विजेता
विक्रम श्रीवास्तव
- एमबीए 2022-24 बैच के पदक विजेता
श्रवण हरिहरन - गोल्ड
बोधिसत्व घोष - सिल्वर
शिवन शर्मा - कांस्य
- एमबीए (एनालिटिक्स) के पदक विजेता
श्रीजिता मैती - गोल्ड
सुभम शेखर सारंगी - सिल्वर
- कार्यकारी एमबीए के पदक विजेता
कपिल शर्मा - गोल्ड
गौरव डोबरियाल - सिल्वर
- कार्यकारी एमबीए एनालिटिक्स
रमनदीप कौर - गोल्ड
योगेश विजय वालुंज - सिल्वर
काशीपुर आईआईएम ने 50 प्रबंधन संस्थानों में 19 वां स्थान पाया
काशीपुर। आईआईएम के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने बताया कि फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी), उद्योग के लिए प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) और डिजाइन एंड इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) के साथ आईआईएम काशीपुर ने सफल बिजनेस लीडर और नौकरी निर्माता तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2023 रैंकिंग में आईआईएम काशीपुर ने भारत के शीर्ष 50 प्रबंधन संस्थानों/कॉलेजों में 19वां स्थान हासिल किया है। आईआईएम काशीपुर अन्य आईआईएम को पछाड़ कर एनआईआरएफ-एआरआईआईए नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग में शीर्ष 50 में प्रवेश करने वाला एकमात्र आईआईएम बन गया है।
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कुंडेश्वरी स्थित आईआईएम संस्थान परिसर में शनिवार को संस्थान ने 11वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। मुख्य अतिथि नागपोरवाला, आईआईएम काशीपुर के शासी बोर्ड अध्यक्ष संदीप सिंह और डायरेक्टर कुलभूषण बलूनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रक्रियाओं को संबोधित करते हुए आपको इस अवसर पर लाया है और आपको गर्व होना चाहिए। मैं आपके समर्पण और भविष्य को लेकर गंभीर हूं और आपको भी होना चाहिए। विश्व शिक्षा और शक्तियों का उद्देश्य चुनौतियों पर काबू पाना और अतीत में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए ज्ञान का होना भी जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि आज व्यवसाय का कोई प्रमाणपत्र नहीं है। आज आपने जो डिग्री प्राप्त की है, वह वास्तव में एक पासपोर्ट है। सफलता की गारंटी संस्थानों के नाम और आपकी डिग्री से नहीं होती, यह निरंतर कड़ी मेहनत और अनुकूलन क्षमता से मिलती है। उन्होंने कहा कि अपना रास्ता चुनें और आगे बढें। आप यह सुनिश्चित कर लें कि आप अपना 100 प्रतिशत समय दे रहे हैं और यदि यह सब संभव है तो कभी भी पीछे मुड़कर न देखें।
उन्होंने बताया कि मैंने प्रौद्योगिकी को सब कुछ बदलते देखा है। यह समय पूरी तरह से नई दुनिया है और आप जैसे युवाओं के लिए कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश करने का यह एक सुंदर अवसर है। कहा कि आपको अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा करनी होगी, आपको ब्रांड बनाना होगा।
मुख्य अतिथि ने कहा कि चुनौतियों से कभी भी पीछे न हटें, क्योंकि अराजकता में ही अवसर छिपा होता है। प्रौद्योगिकी को अपनाएं, अपने कौशल में निवेश करें और हमेशा ईमानदारी और सम्मान के मूल्यों को बनाए रखें। आप सभी को बधाई, क्योंकि आप कल के हीरे हैं। नए स्नातकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कोरिया में लोग पहले वह राष्ट्र, दूसरे पर वह कंपनी, तीसरे पर वह परिवार और चौथे स्थान पर स्वयं के बारे में सोचते हैं। हमें उनसे सीखने की जरूरत है। अमीर होने का मतलब सफल होना नहीं है। खुश रहना अच्छी बात है, व्यक्ति को बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करना चाहिए।
अंत में उन्होंने दस छात्रों को उनके संबंधित पाठ्यक्रमों में उनके प्रदर्शन के लिए स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक भेंट करके उनका उत्साहवर्धन किया।
यह रहे पदक विजेता
- ऑल राउंडर पदक विजेता
विक्रम श्रीवास्तव
- एमबीए 2022-24 बैच के पदक विजेता
श्रवण हरिहरन - गोल्ड
बोधिसत्व घोष - सिल्वर
शिवन शर्मा - कांस्य
- एमबीए (एनालिटिक्स) के पदक विजेता
श्रीजिता मैती - गोल्ड
सुभम शेखर सारंगी - सिल्वर
- कार्यकारी एमबीए के पदक विजेता
कपिल शर्मा - गोल्ड
गौरव डोबरियाल - सिल्वर
- कार्यकारी एमबीए एनालिटिक्स
रमनदीप कौर - गोल्ड
योगेश विजय वालुंज - सिल्वर
काशीपुर आईआईएम ने 50 प्रबंधन संस्थानों में 19 वां स्थान पाया
काशीपुर। आईआईएम के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने बताया कि फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी), उद्योग के लिए प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) और डिजाइन एंड इनोवेशन सेंटर (डीआईसी) के साथ आईआईएम काशीपुर ने सफल बिजनेस लीडर और नौकरी निर्माता तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2023 रैंकिंग में आईआईएम काशीपुर ने भारत के शीर्ष 50 प्रबंधन संस्थानों/कॉलेजों में 19वां स्थान हासिल किया है। आईआईएम काशीपुर अन्य आईआईएम को पछाड़ कर एनआईआरएफ-एआरआईआईए नवाचार उपलब्धियों पर संस्थानों की अटल रैंकिंग में शीर्ष 50 में प्रवेश करने वाला एकमात्र आईआईएम बन गया है।