{"_id":"b75d0b99e7cc9bf4c20a5bc0440962e3","slug":"government-efforts-to-prevent-the-participation-of-people-in-the-river-pollution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों की भागीदारी से गंगा में प्रदूषण रोकने को सरकार प्रयासरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों की भागीदारी से गंगा में प्रदूषण रोकने को सरकार प्रयासरत
ब्यूरो/अमर उजाला, काशीीर (ऊधमसिंह नगर)
Updated Tue, 24 Mar 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिडकुल के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि उत्तराखंड सरकार गंगा नदी बेसिन में प्रदूषण रोकने के लिए नागरिकों की भागीदारी के साथ समाधान खोजने की दिशा में प्रयासरत है।
सिडकुल एमडी सोमवार को बाजपुर रोड स्थित एक होटल में कुमाऊं गढ़वाल चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय संसाधनों, बेहतर तकनीकों और सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रदूषण कम करने की दिशा में उद्योगों के साथ संबद्ध रहना चाहती है। इसी क्रम में यहां बुनियादी सुविधाओं के विकास को बहुपक्षीय एजेंसियों द्वारा कम लागत पर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया है। चैंबर अध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व जल प्रदूषण रोकने के लिए उद्योग पूरी तरह से सभी निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं। पवन अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अच्छा कार्य कर रहा है। लेकिन इस प्रोजेक्ट में उद्योगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इस प्रोजेक्ट में शहर, कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करना चाहिए। चैंबर के उपाध्यक्ष आलोक कुमार गोयल ने कहा कि जब छोटे प्रोजेक्ट से काम चल सकता है तो इतना बड़ा प्रोजेक्ट लगाने की क्या आवश्यकता है। उद्योगों को इसमें नहीं जोड़ना चाहिए।
सिडकुल प्रबंध निदेशक कुमार ने कहा कि बिना उद्योग के सहयोग के कामन एपल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को चला पाना संभव नहीं है। इसलिए उद्योगों को इसमें सहयोग करना चाहिए। संचालन आलोक कुमार गोयल ने किया। इस मौके पर रीजनल मैनेजर सिडकुल पंतनगर जीपी दुर्गापाल, नितिन अग्रवाल, विकास जिंदल, दरबारा सिंह, जितेंद्र कुमार, पवन अग्रवाल, पुनीत सिंघल, अतुल असावा, दीपक बाली, ललित भट्ट, संजीव कुमार, विनीत कुमार, बीबी गोयनका, विकास जैन, अभिषेक जिंदल, एसके माथुर, आरपी सिंह, रुपेंद्र विश्नोई मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिडकुल एमडी सोमवार को बाजपुर रोड स्थित एक होटल में कुमाऊं गढ़वाल चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (केजीसीसीआई) के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय संसाधनों, बेहतर तकनीकों और सरल प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रदूषण कम करने की दिशा में उद्योगों के साथ संबद्ध रहना चाहती है। इसी क्रम में यहां बुनियादी सुविधाओं के विकास को बहुपक्षीय एजेंसियों द्वारा कम लागत पर परियोजनाओं को पूरा करने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया है। चैंबर अध्यक्ष अशोक बंसल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण व जल प्रदूषण रोकने के लिए उद्योग पूरी तरह से सभी निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं। पवन अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अच्छा कार्य कर रहा है। लेकिन इस प्रोजेक्ट में उद्योगों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इस प्रोजेक्ट में शहर, कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करना चाहिए। चैंबर के उपाध्यक्ष आलोक कुमार गोयल ने कहा कि जब छोटे प्रोजेक्ट से काम चल सकता है तो इतना बड़ा प्रोजेक्ट लगाने की क्या आवश्यकता है। उद्योगों को इसमें नहीं जोड़ना चाहिए।
विज्ञापन
सिडकुल प्रबंध निदेशक कुमार ने कहा कि बिना उद्योग के सहयोग के कामन एपल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट को चला पाना संभव नहीं है। इसलिए उद्योगों को इसमें सहयोग करना चाहिए। संचालन आलोक कुमार गोयल ने किया। इस मौके पर रीजनल मैनेजर सिडकुल पंतनगर जीपी दुर्गापाल, नितिन अग्रवाल, विकास जिंदल, दरबारा सिंह, जितेंद्र कुमार, पवन अग्रवाल, पुनीत सिंघल, अतुल असावा, दीपक बाली, ललित भट्ट, संजीव कुमार, विनीत कुमार, बीबी गोयनका, विकास जैन, अभिषेक जिंदल, एसके माथुर, आरपी सिंह, रुपेंद्र विश्नोई मौजूद थे।
विज्ञापन