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मिला नोटिस, 60 दिन में छोड़ें कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:07 AM IST
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रुद्रपुर में नेशनल हाईवे की जद में आ रही दुकानें।
- फोटो : amar ujala
शहर के बीच से गुजरने वाले एनएच-87 के चौड़ीकरण की जद में आ रही दुकानों के मालिकों को एसएलओ की ओर से नोटिस मिलने से खलबली मची है। नोटिस में 60 दिन के भीतर एनएच की जद में आई परिसंपत्तियों से कब्जा छोड़ने और मुआवजा लेने के लिए दस्तावेज के साथ पांच जनवरी को एसएलओ दफ्तर में तलब किया गया है। नोटिस मिलने के बाद व्यापारी अपनी संपत्तियों को बचाने की जद्दोजहद में जुट हैं। बताया जा रहा है कि फ्लाइओवर सोनिया होटल से लेकर फुटेला अस्पताल तक प्रस्तावित है।
दरअसल, रामपुर से काठगोदाम तक होने वाले एनएच-87 के चौड़ीकरण के कारण फ्लाइओवर प्रस्तावित है। एनएच चौड़ीकरण की जद में आने वाली दुकानों का चिन्हीकरण का काम पहले ही हो चुका है। पिछले साल व्यापारियों ने चिन्हीकरण का दायरा घटाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। जिला प्रशासन ने भी पिलरों पर फ्लाइओवर बनाने और ध्वस्तीरण की जद में आ रही दुकानों को बचाने की बात कही थी। चुनाव की वजह से यह मसला शांत हो गया था, लेकिन अब विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी की ओर से जारी नोटिस ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है।
नोटिस में साफ कहा गया है कि 26 अप्रैल 2013 को जारी अधिसूचना के राजपत्र के प्रकाशन में सक्षम अधिकारी अनुसूची के दायरे में आए भवन/संरचना केंद्र सरकार में निहित हो चुकी है। इसका प्रतिकर आदेश 31 मई 2015 को पारित हो चुका है। इसलिए 60 दिन के भीतर भूमि/परिसंपत्तियों का कब्जा केंद्र सरकार के पक्ष में छोड़ना होगा। मुआवजा राशि लेने के लिए जरूरी दस्तावेज के साथ पांच जनवरी को एसएलओ दफ्तर में उपस्थित हों।
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एसएलओ एनएस नबियाल ने बताया कि जगतपुरा और कल्याणपुर क्षेत्र में डेढ़ सौ व्यापारियों को नोटिस दिए गए हैं। फ्लाइओवर में भी दोनों तरफ चिन्हित जगह तक जमीन एनएच के लिए छोड़नी होगी।
पिलर पर फ्लाइओवर बनने पर भी उसके नीचे दोनों तरफ भवन और दुकानें हटाई जाएंगी। पिलर बनने का मतलब यह नहीं कि पूर्व में चिन्हित दुकानें न हटाई जाएं।
डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम, यूएसनगर
- प्रशासन को दुकानदारों को उजाड़ने की बजाए बीच का रास्ता निकालना चाहिए। फ्लाइओवर को पिलर पर बना दें और दुकानें न उजाड़ेें। अगर सड़क के दोनों तरफ 30-30 मीटर जगह एनएच ने कब्जे में ले ली तो इससे काफी कुछ उजड़ जाएगा।
- संजय जुनेजा, प्रांतीय व्यापार मंडल अध्यक्ष, रुद्रपुर
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दरअसल, रामपुर से काठगोदाम तक होने वाले एनएच-87 के चौड़ीकरण के कारण फ्लाइओवर प्रस्तावित है। एनएच चौड़ीकरण की जद में आने वाली दुकानों का चिन्हीकरण का काम पहले ही हो चुका है। पिछले साल व्यापारियों ने चिन्हीकरण का दायरा घटाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था। जिला प्रशासन ने भी पिलरों पर फ्लाइओवर बनाने और ध्वस्तीरण की जद में आ रही दुकानों को बचाने की बात कही थी। चुनाव की वजह से यह मसला शांत हो गया था, लेकिन अब विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी की ओर से जारी नोटिस ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है।
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नोटिस में साफ कहा गया है कि 26 अप्रैल 2013 को जारी अधिसूचना के राजपत्र के प्रकाशन में सक्षम अधिकारी अनुसूची के दायरे में आए भवन/संरचना केंद्र सरकार में निहित हो चुकी है। इसका प्रतिकर आदेश 31 मई 2015 को पारित हो चुका है। इसलिए 60 दिन के भीतर भूमि/परिसंपत्तियों का कब्जा केंद्र सरकार के पक्ष में छोड़ना होगा। मुआवजा राशि लेने के लिए जरूरी दस्तावेज के साथ पांच जनवरी को एसएलओ दफ्तर में उपस्थित हों।
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एसएलओ एनएस नबियाल ने बताया कि जगतपुरा और कल्याणपुर क्षेत्र में डेढ़ सौ व्यापारियों को नोटिस दिए गए हैं। फ्लाइओवर में भी दोनों तरफ चिन्हित जगह तक जमीन एनएच के लिए छोड़नी होगी।
पिलर पर फ्लाइओवर बनने पर भी उसके नीचे दोनों तरफ भवन और दुकानें हटाई जाएंगी। पिलर बनने का मतलब यह नहीं कि पूर्व में चिन्हित दुकानें न हटाई जाएं।
डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम, यूएसनगर
- प्रशासन को दुकानदारों को उजाड़ने की बजाए बीच का रास्ता निकालना चाहिए। फ्लाइओवर को पिलर पर बना दें और दुकानें न उजाड़ेें। अगर सड़क के दोनों तरफ 30-30 मीटर जगह एनएच ने कब्जे में ले ली तो इससे काफी कुछ उजड़ जाएगा।
- संजय जुनेजा, प्रांतीय व्यापार मंडल अध्यक्ष, रुद्रपुर