फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Gatta sullen formality to the lotus

कमल गट्टा उखड़े तो खानापूर्ति करें

Wed, 09 Dec 2015 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/काशीपुर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/काशीपुर। Updated Wed, 09 Dec 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन

लोगों के आंदोलित हो जाने के बावजूद द्रोणसागर सरोवर में पानी भरने का उत्थान समिति कोई प्रयास नहीं कर रही है। समिति सरोवर से पहले कमल गट्टा उखड़ने का इंतजार कर रही है। इसके बाद हर साल की तरह इस बार भी समिति खानापूर्ति के फिराक में है।

विज्ञापन

भाजपा की खंडूरी सरकार के पर्यटन मंत्री प्रकाश पंत ने तीर्थ द्रोणसागर को पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करने के लिए दोनों सरोवर स्थलों के सुंदरीकरण को एक करोड़ 40 लाख की योजना को मंजूरी दी थी। पहली किस्त के रुप में द्रोणसागर को 35 और गिरीताल को 24 लाख रुपये दिए गए। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग थी।
विज्ञापन

कार्ययोजना में द्रोणसागर में सरोवर की पिंचिग, विद्युतीकरण, सरोवर के बीचोंबीच प्लेटफार्म बनाकर उसमें द्रोणाचार्य की प्रतिमा स्थापित करने, प्लेटफार्म तक एप्रोच पुल बनाने, एप्रोच के दोनों ओर सुरक्षा ग्रिल बनाने, सरोवर में पर्यटकों के लिए नौकायन की व्यवस्था करने और परिसर में आधुनिक कैंटीन बनाने की योजना थी। पहली किस्त के रुप में मिले 35 लाख रुपयों में से कार्यदायी संस्था ने ट्यूबवेल लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सरोवर की सफाई कराने के नाम पर खोदी गई मिट्टी तक बेच दी। कमेटी देखती रही अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। कमेटी कार्यदायी संस्था के अधिकारियों पर अति आवश्यक काम को पहले कराने का दबाव बनाने में विफल रही। जलाशय से पानी निकासी की व्यस्तता नहीं की गई। प्लेटफार्म पर द्रोणाचार्य की प्रतिमा स्थापित नहीं हुई। बाद की सरकार ने दूसरी किस्त जारी नहीं की। जिससे काम अधूरा रह गया।

कांग्रेस सरकार के समय तीर्थस्थल के विकास को अब तक एक भी रुपया नहीं दिया गया है। इधर कमेटी इंतजार कर रही है कि ठेकेदार कब कमल गट्टा उखाड़ेगा और जलाशय की सफाई कराएगा। ठेकेदार अगस्त से ही कमल गट्टा निकाल रहा है। अधिकांश निकाल चुका है। बचा खुचा निकालने में देरी कर रहा है। उसे इंतजार बरसात होने का है। जलाशय में पानी भरते ही सफाई नहीं हो सकती। ऐसे में सफाई नहीं करनी पड़ेगी और खानापूर्ति हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed