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खेती से जुड़े समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का खाका तैयार
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Fund For Farmers Group
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रुद्रपुर। जिले में खेती से जुड़े महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत जिले के 14 समूहों को कृषि यंत्रों के लिए अनुदान दिया जाएगा। इससे न केवल उन्हें खेती में उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि दूसरे किसानों को कृषि यंत्र किराए पर देकर अतिरिक्त आमदनी कर सकेेंगे। डीएम के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से खाका तैयार किया गया है और योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन सीएसआर के तहत बजट की व्यवस्था कर रहा है।
जिले में 4800 महिला स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। ये महिला समूह हस्तशिल्प, दुग्ध, मत्स्य, बेकरी, अगरबत्ती, धूप उत्पाद तैयार करने के साथ ही कृषि कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। बेकरी उत्पाद तैयार करने वाले एक समूह की संचालिका चंद्रमणि दास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो काफ्रेसिंग से बात कर चुके हैं। अब खेती कार्य से जुड़े समूहों को कृषि यंत्रों के लिए अनुदान देने की कवायद की जा रही है। इसके लिए भारत सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना की गाइडलाइन को आधार बनाया जाएगा। योजना के लिए हर ब्लाक से खेती कार्य से जुड़ीं दो महिला समूहों को चुना जाएगा।
हर समूह को कृषि यंत्रों के लिए अधिकतम आठ लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इन यंत्रों में ट्रैक्टर, मल्चर, रोटावेटर, ग्रास कटर, सुपर सीडर, स्ट्रारीपर, धान वेलन शामिल हैं। डीएम रंजना राजगुरू ने बताया कि कृषि कार्यों से जुड़े 14 समूहों में से हर समूह को अधिकतम आठ लाख रुपये तक अनुदान देने के लिए खाका खींचा गया है। इसके लिए कुल एक करोड़ 12 लाख रुपये की आवश्यकता होगी और आईओसीएल सितारगंज को सीएसआर के तहत फंड के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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जिले में 4800 महिला स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। ये महिला समूह हस्तशिल्प, दुग्ध, मत्स्य, बेकरी, अगरबत्ती, धूप उत्पाद तैयार करने के साथ ही कृषि कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। बेकरी उत्पाद तैयार करने वाले एक समूह की संचालिका चंद्रमणि दास से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो काफ्रेसिंग से बात कर चुके हैं। अब खेती कार्य से जुड़े समूहों को कृषि यंत्रों के लिए अनुदान देने की कवायद की जा रही है। इसके लिए भारत सरकार की कृषि यंत्रीकरण योजना की गाइडलाइन को आधार बनाया जाएगा। योजना के लिए हर ब्लाक से खेती कार्य से जुड़ीं दो महिला समूहों को चुना जाएगा।
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हर समूह को कृषि यंत्रों के लिए अधिकतम आठ लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इन यंत्रों में ट्रैक्टर, मल्चर, रोटावेटर, ग्रास कटर, सुपर सीडर, स्ट्रारीपर, धान वेलन शामिल हैं। डीएम रंजना राजगुरू ने बताया कि कृषि कार्यों से जुड़े 14 समूहों में से हर समूह को अधिकतम आठ लाख रुपये तक अनुदान देने के लिए खाका खींचा गया है। इसके लिए कुल एक करोड़ 12 लाख रुपये की आवश्यकता होगी और आईओसीएल सितारगंज को सीएसआर के तहत फंड के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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