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Udham Singh Nagar News: अब तक की सबसे बड़ी बाघ की खाल के साथ पिथौरागढ़ के चार तस्कर दबोचे
Mon, 24 Jul 2023 12:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 24 Jul 2023 12:57 AM IST
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खटीमा में बाघ की खाल और हड्डियों के साथ पकड़े गए आरोपियों के साथ एसटीएफ और वन विभाग की टीम। संव
- फोटो : Samvad
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एसटीएफ और वन विभाग की टीम को मिली बड़ी सफलता, 10 किलो से अधिक हड्डी भी मिली
खटीमा। एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बाघ की खाल व हड्डियों के साथ चार शिकारियों को दबोच लिया। बरामद खाल को उत्तराखंड में अब तक बरामद सबसे बड़ी खाल बताया जा रहा है। डीएफओ संदीप कुमार ने रविवार का मामले का खुलासा किया।
सीओ एसटीएफ सुमित पांडे के नेतृत्व में उत्तराखंड एसटीएफ, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली और तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी की एसओजी की संयुक्त टीम ने वन्य जीव अंगों की तस्करी करने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए गश्त पर थी। शनिवार देर रात्रि एसटीएफ को सूचना मिली कि चार शातिर तस्कर सफेद रंग की बोलेरो संख्या (यूके05टीए-2815) से खटीमा की तरफ आ रहे हैं। इस पर संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उन्हें खटीमा पहेनिया टोल प्लाजा के पास रोक लिया। तलाशी लेने पर वाहन के अंदर से बाघ की 11 फुट लंबी खाल और 10.4 किलो हड्डियां बरामद हुईं। यह अब तक बरामद सबसे बड़ी खाल बताई जा रही है। गिरफ्तार तस्करों ने एसटीएफ को बताया कि वह बाघ की खाल और हड्डी को काशीपुर निवासी एक व्यक्ति से लाए और बेचने के लिए खटीमा आ रहे थे।
आरोपियों ने अपना नाम कृष्ण कुमार निवासी ग्राम बगीचा(धारचूला), गजेंद्र सिंह, संजय कुमार और हरीश कुमार निवासी गोठी कालिका (धारचूला) पिथौरागढ़ बताया। लंबे संय से वन्यजीव अंगों की तस्करी में लिप्त चारों बदमाशों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम व वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। एसटीएफ की इस कार्रवाई में आरक्षी महेंद्र गिरि औ किशोर कुमार की विशेष भूमिका रही। इतने बड़े बाघ का शिकार कहां और कब किया गया, एसटीएफ की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है। शीघ्र ही आगे और गिरफ्तारियां की जाएंगी।
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गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे मौजूद
एसटीएफ कुमायूं यूनिट निरीक्षक एमपी सिंह, एसआई केजी मठपाल, बृजभूषण गुरुरानी, मुख्य आरक्षी महेंद्र गिरी, किशोर कुमार, दुर्गा सिंह पापड़ा, गुरवंत सिंह, संजय कुमार एवे वन विभाग की तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी टीम में डिप्टी रेंजर कैलाश चंद्र तिवारी, प्रमोद सिंह, वन दरोगा पान सिंह मेहता, निर्मल रावत, उत्तम सिंह राना, वन आरक्षी जीत प्रकाश आदि मौजूद रहे।
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टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा
खटीमा। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने उत्तराखंड की अब तक की सबसे बड़ी बाघ की खाल बरामद करने और चार आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को बधाई दी और टीम को पांच हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने वन्यजीव तस्करी नेक्सस का भंडाफोड़ किया है। वन्यजीव तस्करों का उत्तराखंड से दिल्ली तक नेटवर्क फैला था।
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एसटीएफ को कई दिनों से मिल रही थी वन्यजीव-जंतुओं के शिकार की सूचना
खटीमा। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ कई दिनों से कुमाऊं के जंगलों से वन्यजीव-जंतुओं के शिकार की सूचनाएं मिल रही थी। इस पर कुमाऊं यूनिट को लगाया गया था। एसटीएफ ने वाइल्ड लाइफ दिल्ली और खटीमा वन विभाग टीम के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
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खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल, हड्डियां पकड़े जाने के नौ मामले
खटीमा। भारत-नेपाल सीमा से सटे खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल व हड्डियों नौ मामले पकड़े जा चुके है। वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में खटीमा रेंज के वन क्षेत्र में 2008-09 में तेंदुए की तीन खाल, 2009-10 में तेंदुए की एक खाल, 2012-13 में तेंदुए की एक खाल और चार नाखून, 2017-18 में खाल के तीन टुकड़े और इसी वर्ष में एक और मामले में बाघ की एक खाल और हड्डियों का एक पैकेट, 2018 में ही तेंदुए की एक खाल, 2019 में बाघ की हड्डियों का एक पैकेट, 2020 में तेंदुए की एक खाल बरामद की जा चुकी है। 22 जुलाई 2023 को बाघ की एक खाल सहित बाघ की 10.4 किग्रा हड्डियां बरामद की गई है।
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खटीमा। एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बाघ की खाल व हड्डियों के साथ चार शिकारियों को दबोच लिया। बरामद खाल को उत्तराखंड में अब तक बरामद सबसे बड़ी खाल बताया जा रहा है। डीएफओ संदीप कुमार ने रविवार का मामले का खुलासा किया।
सीओ एसटीएफ सुमित पांडे के नेतृत्व में उत्तराखंड एसटीएफ, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो दिल्ली और तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी की एसओजी की संयुक्त टीम ने वन्य जीव अंगों की तस्करी करने वाले बदमाशों की धरपकड़ के लिए गश्त पर थी। शनिवार देर रात्रि एसटीएफ को सूचना मिली कि चार शातिर तस्कर सफेद रंग की बोलेरो संख्या (यूके05टीए-2815) से खटीमा की तरफ आ रहे हैं। इस पर संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उन्हें खटीमा पहेनिया टोल प्लाजा के पास रोक लिया। तलाशी लेने पर वाहन के अंदर से बाघ की 11 फुट लंबी खाल और 10.4 किलो हड्डियां बरामद हुईं। यह अब तक बरामद सबसे बड़ी खाल बताई जा रही है। गिरफ्तार तस्करों ने एसटीएफ को बताया कि वह बाघ की खाल और हड्डी को काशीपुर निवासी एक व्यक्ति से लाए और बेचने के लिए खटीमा आ रहे थे।
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आरोपियों ने अपना नाम कृष्ण कुमार निवासी ग्राम बगीचा(धारचूला), गजेंद्र सिंह, संजय कुमार और हरीश कुमार निवासी गोठी कालिका (धारचूला) पिथौरागढ़ बताया। लंबे संय से वन्यजीव अंगों की तस्करी में लिप्त चारों बदमाशों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम व वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। एसटीएफ की इस कार्रवाई में आरक्षी महेंद्र गिरि औ किशोर कुमार की विशेष भूमिका रही। इतने बड़े बाघ का शिकार कहां और कब किया गया, एसटीएफ की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है। शीघ्र ही आगे और गिरफ्तारियां की जाएंगी।
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गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे मौजूद
एसटीएफ कुमायूं यूनिट निरीक्षक एमपी सिंह, एसआई केजी मठपाल, बृजभूषण गुरुरानी, मुख्य आरक्षी महेंद्र गिरी, किशोर कुमार, दुर्गा सिंह पापड़ा, गुरवंत सिंह, संजय कुमार एवे वन विभाग की तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी टीम में डिप्टी रेंजर कैलाश चंद्र तिवारी, प्रमोद सिंह, वन दरोगा पान सिंह मेहता, निर्मल रावत, उत्तम सिंह राना, वन आरक्षी जीत प्रकाश आदि मौजूद रहे।
टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा
खटीमा। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने उत्तराखंड की अब तक की सबसे बड़ी बाघ की खाल बरामद करने और चार आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को बधाई दी और टीम को पांच हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने वन्यजीव तस्करी नेक्सस का भंडाफोड़ किया है। वन्यजीव तस्करों का उत्तराखंड से दिल्ली तक नेटवर्क फैला था।
एसटीएफ को कई दिनों से मिल रही थी वन्यजीव-जंतुओं के शिकार की सूचना
खटीमा। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ कई दिनों से कुमाऊं के जंगलों से वन्यजीव-जंतुओं के शिकार की सूचनाएं मिल रही थी। इस पर कुमाऊं यूनिट को लगाया गया था। एसटीएफ ने वाइल्ड लाइफ दिल्ली और खटीमा वन विभाग टीम के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल, हड्डियां पकड़े जाने के नौ मामले
खटीमा। भारत-नेपाल सीमा से सटे खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल व हड्डियों नौ मामले पकड़े जा चुके है। वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में खटीमा रेंज के वन क्षेत्र में 2008-09 में तेंदुए की तीन खाल, 2009-10 में तेंदुए की एक खाल, 2012-13 में तेंदुए की एक खाल और चार नाखून, 2017-18 में खाल के तीन टुकड़े और इसी वर्ष में एक और मामले में बाघ की एक खाल और हड्डियों का एक पैकेट, 2018 में ही तेंदुए की एक खाल, 2019 में बाघ की हड्डियों का एक पैकेट, 2020 में तेंदुए की एक खाल बरामद की जा चुकी है। 22 जुलाई 2023 को बाघ की एक खाल सहित बाघ की 10.4 किग्रा हड्डियां बरामद की गई है।