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यूपी की अधीन पांच नहरों पर मिला उत्तराखंड को स्वामित्व
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज
Updated Sun, 22 Jan 2017 12:41 AM IST
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बरेली सिंचाई खंड में आहूत यूपी व उत्तराखंड सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक में मौजूद ईई संजय राज।
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य स्थापना के बाद से उत्तर प्रदेश के अधीन चली आ रही सिंचाई संपत्तियों में से किच्छा व खटीमा क्षेत्र की पांच नहरों पर उत्तराखंड को स्वामित्व मिल गया है। इसके लिए बरेली और ऊधमसिंह नगर जनपद के सिंचाई अफसरों की बैठक हुई। बैठक में बरेली सिंचाई खंड के अधिकारियों ने पांच नहरों को हस्तांतरित कर दिया।
बरेली सिंचाई खंड में आहूत बैठक में शामिल होकर लौटे सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता संजय राज ने बताया कि यूपी व उत्तराखंड सरकार के बीच राज्य की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। इसके बाद बरेली व यहां के सिंचाई अफसरों ने सिंचाई संपत्तियों का सर्वे कर आपसी सहमति बनाई थी। शुक्रवार को बरेली सिंचाई खंड में दोनों राज्यों के बरेली व ऊधम सिंह नगर जनपद के सिंचाई अफसरों की बैठक हुई थी। इसमें किच्छा की 4.510 किमी लंबी प्राग नहर, 4.170 किमी. लंबी देवरिया नहर और 8.800 किमी लंबी भंगा नहर पर उत्तराखंड को स्वामित्व देने की स्वीकृति के बाद अंतिम मोहर लग गई। बताया कि पाहा नहर से निकली प्राग नहर के शीर्ष पर 0.100 किमी, देवरिया नहर के शीर्ष पर 0.100 किमी व धौंरा जलाशय से निकली भंगा नहर के शीर्ष पर 0.100 किमी तक नहर यूपी के नियंत्रणाधीन रहेगी।
इसके अलावा नानकसागर जलाशय से निकली 4.360 किमी लंबी झनकट नहर और 2.900 किमी लंबी सड़ासड़िया नहर भी उत्तराखंड के अधीन हो गई है। इसमें से झनकट नहर के 0.100 किमी शीर्ष वाले हिस्से पर यूपी का नियंत्रण रहेगा। जबकि, सड़ासड़िया नहर पूरी तरह से उत्तराखंड को हस्तांतरित हो गई है। राज्य की नहरें सिंचाई के अधीन आने से किसानों को इसका लाभ होगा और राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
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बरेली सिंचाई खंड में आहूत बैठक में शामिल होकर लौटे सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता संजय राज ने बताया कि यूपी व उत्तराखंड सरकार के बीच राज्य की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था। इसके बाद बरेली व यहां के सिंचाई अफसरों ने सिंचाई संपत्तियों का सर्वे कर आपसी सहमति बनाई थी। शुक्रवार को बरेली सिंचाई खंड में दोनों राज्यों के बरेली व ऊधम सिंह नगर जनपद के सिंचाई अफसरों की बैठक हुई थी। इसमें किच्छा की 4.510 किमी लंबी प्राग नहर, 4.170 किमी. लंबी देवरिया नहर और 8.800 किमी लंबी भंगा नहर पर उत्तराखंड को स्वामित्व देने की स्वीकृति के बाद अंतिम मोहर लग गई। बताया कि पाहा नहर से निकली प्राग नहर के शीर्ष पर 0.100 किमी, देवरिया नहर के शीर्ष पर 0.100 किमी व धौंरा जलाशय से निकली भंगा नहर के शीर्ष पर 0.100 किमी तक नहर यूपी के नियंत्रणाधीन रहेगी।
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इसके अलावा नानकसागर जलाशय से निकली 4.360 किमी लंबी झनकट नहर और 2.900 किमी लंबी सड़ासड़िया नहर भी उत्तराखंड के अधीन हो गई है। इसमें से झनकट नहर के 0.100 किमी शीर्ष वाले हिस्से पर यूपी का नियंत्रण रहेगा। जबकि, सड़ासड़िया नहर पूरी तरह से उत्तराखंड को हस्तांतरित हो गई है। राज्य की नहरें सिंचाई के अधीन आने से किसानों को इसका लाभ होगा और राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
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