{"_id":"5830a88f4f1c1b3929900ad7","slug":"forgery-of-land-acquired-for-road-widening","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीन में फर्जीवाड़ा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीन में फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहीत जमीन में फर्जीवाड़ा
मिली भगत कर किसान की जमीन के मुआवजे के 53.11 लाख हड़पे
किसान ने पुलिस को दी तहरीर, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
सितारगंज। एनएच 125 के चौड़ीकरण की जद में आ रही जमीन के अधिग्रहण में बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि चीनी मिल कर्मी ने जमीन मालिक के नाम से एक्सिस बैंक प्रबंधन व भूमि अध्यापित अधिकारी से मिली भगत कर फर्जी तरीके एक शामिल खाता खुलवाकर उसकी जमीन के मुआवजे की 53.11 लाख रुपए हड़प लिए। पीड़ित किसान ने पुलिस को तहरीर देकर मिल कर्मी, बैंक प्रबंधन व भूमि अध्यापित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली पहुंचे बघौरा गांव के जनजाति कृषक कुंवर सिंह राणा पुत्र मनखुशी राम ने शनिवार को प्रभारी निरीक्षक बीएस भाकुनी को तहरीर देकर बताया कि चीकाघाट गांव में उसके नाम पर खेत नंबर पांच रकवा 0.02000 वर्ग मीटर तथा खेत नंबर सात रकवा 0.0019 वर्ग मीटर जमीन है। जो एनएच 125 के चौड़ीकरण की जद में आ गई है। बताया कि सड़क की जद में आई जमीन को भूमि अधिग्रहण विभाग द्वारा अधिग्रहित किया गया है। जिसके एवज में विभाग द्वारा 53 लाख 11 हजार 845 रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसका वह काफी समय से इंतजार कर रहा था।
तहरीर में उसने बताया कि 15 नवंबर की सुबह 11 बजे वह निजी काम से एक्सिस बैंक गया तो पता चला कि चीनी मिल के एक कर्मचारी ने बैंक प्रबंधन व भूमि अध्यापित अधिकारी रुद्रपुर से सांठगांठ कर बैंक उसके नाम के साथ शामिल खाता खुलाया। गत 03 मार्च को 53 लाख 11 हजार 845 रुपए मुआवजे की रकम खाते में आई। जिसे तीनों ने निकालकर हड़प लिया। उसने न तो बैंक में मुआवजे के लिए कभी खाता खुलवाया और न ही कोई हस्ताक्षर किए थे। खाते के लेनदेन की किसान को भनक न लगे, इसलिए आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर खाते में दर्ज कराया। उन्होंने कहा है कि अगर, सही तरीके से अधिग्रहीत भूमि के बांटे गए मुआवजे राशि की जांच की जाए तो क्षेत्र में इस तरह के और भी मामले सामने आएंगे। इस संबंध में बैंक प्रबंधक अनुभव कुमार ने बताया कि मामले में शिकायती पत्र मिला है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जनजाति के किसान कुंवर सिंह राणा के अनुसार शामिल खाते में 03 मार्च को एनएचआई ने 53 लाख 11 हजार 845 रुपये ट्रांसफर्र किए थे। जिसमें 51 लाख 33 हजार 150 रुपये निकालने व टांसफर करने की कार्यवाही एक ही दिन में की गई। आरोपी ने अधिकारियों की मदद से 03 मार्च को पहले आठ लाख 43 हजार 150 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से अन्य खाते में ट्रांसफर कराए। फिर उसी दिन 13 लाख 90 हजार कैश निकाला गया। इसके बाद मिल कर्मी ने अपने खाते में 29 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। इसके बाद 14 मार्च को डेढ़ लाख रुपये खाते से निकाले गए और फिर 17 मार्च को 28 हजार रुपये निकाले गए। ब्यूरो
एक्सिस बैंक पर कैश को लेकर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। उपभोक्ताओं का कहना था एक सप्ताह से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। टोकन देने के बाद भी टरका दिया जा रहा है। बैंक अधिकारी सांठगांठ कर अपने पहचान वालों को पैसा बांट रहे हैं। आम उपभोक्ता को पूरे दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है। ब्यूरो
विज्ञापन
मिली भगत कर किसान की जमीन के मुआवजे के 53.11 लाख हड़पे
किसान ने पुलिस को दी तहरीर, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
सितारगंज। एनएच 125 के चौड़ीकरण की जद में आ रही जमीन के अधिग्रहण में बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि चीनी मिल कर्मी ने जमीन मालिक के नाम से एक्सिस बैंक प्रबंधन व भूमि अध्यापित अधिकारी से मिली भगत कर फर्जी तरीके एक शामिल खाता खुलवाकर उसकी जमीन के मुआवजे की 53.11 लाख रुपए हड़प लिए। पीड़ित किसान ने पुलिस को तहरीर देकर मिल कर्मी, बैंक प्रबंधन व भूमि अध्यापित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली पहुंचे बघौरा गांव के जनजाति कृषक कुंवर सिंह राणा पुत्र मनखुशी राम ने शनिवार को प्रभारी निरीक्षक बीएस भाकुनी को तहरीर देकर बताया कि चीकाघाट गांव में उसके नाम पर खेत नंबर पांच रकवा 0.02000 वर्ग मीटर तथा खेत नंबर सात रकवा 0.0019 वर्ग मीटर जमीन है। जो एनएच 125 के चौड़ीकरण की जद में आ गई है। बताया कि सड़क की जद में आई जमीन को भूमि अधिग्रहण विभाग द्वारा अधिग्रहित किया गया है। जिसके एवज में विभाग द्वारा 53 लाख 11 हजार 845 रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसका वह काफी समय से इंतजार कर रहा था।
विज्ञापन
तहरीर में उसने बताया कि 15 नवंबर की सुबह 11 बजे वह निजी काम से एक्सिस बैंक गया तो पता चला कि चीनी मिल के एक कर्मचारी ने बैंक प्रबंधन व भूमि अध्यापित अधिकारी रुद्रपुर से सांठगांठ कर बैंक उसके नाम के साथ शामिल खाता खुलाया। गत 03 मार्च को 53 लाख 11 हजार 845 रुपए मुआवजे की रकम खाते में आई। जिसे तीनों ने निकालकर हड़प लिया। उसने न तो बैंक में मुआवजे के लिए कभी खाता खुलवाया और न ही कोई हस्ताक्षर किए थे। खाते के लेनदेन की किसान को भनक न लगे, इसलिए आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर खाते में दर्ज कराया। उन्होंने कहा है कि अगर, सही तरीके से अधिग्रहीत भूमि के बांटे गए मुआवजे राशि की जांच की जाए तो क्षेत्र में इस तरह के और भी मामले सामने आएंगे। इस संबंध में बैंक प्रबंधक अनुभव कुमार ने बताया कि मामले में शिकायती पत्र मिला है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जनजाति के किसान कुंवर सिंह राणा के अनुसार शामिल खाते में 03 मार्च को एनएचआई ने 53 लाख 11 हजार 845 रुपये ट्रांसफर्र किए थे। जिसमें 51 लाख 33 हजार 150 रुपये निकालने व टांसफर करने की कार्यवाही एक ही दिन में की गई। आरोपी ने अधिकारियों की मदद से 03 मार्च को पहले आठ लाख 43 हजार 150 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से अन्य खाते में ट्रांसफर कराए। फिर उसी दिन 13 लाख 90 हजार कैश निकाला गया। इसके बाद मिल कर्मी ने अपने खाते में 29 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। इसके बाद 14 मार्च को डेढ़ लाख रुपये खाते से निकाले गए और फिर 17 मार्च को 28 हजार रुपये निकाले गए। ब्यूरो
एक्सिस बैंक पर कैश को लेकर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा काटा। उपभोक्ताओं का कहना था एक सप्ताह से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। टोकन देने के बाद भी टरका दिया जा रहा है। बैंक अधिकारी सांठगांठ कर अपने पहचान वालों को पैसा बांट रहे हैं। आम उपभोक्ता को पूरे दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है। ब्यूरो