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Udham Singh Nagar News: तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार के मरीज बढ़े
Sat, 18 Jul 2026 12:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:53 AM IST
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काशीपुर। मानसून की बारिश और मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में रोज 200 से ज्यादा बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के डॉ. प्रियांक चौहान ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। साथ ही टाइफाइड के मरीज भी बढ़ रहे हैं। बदलते तापमान, अधिक नमी और गंदा पानी इसकी मुख्य वजह है। डॉक्टरों के मुताबिक बारिश के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। रुके हुए पानी में मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। वहीं बाहर का खाना और दूषित पानी पीने से टाइफाइड और वायरल इंफेक्शन हो रहा है। मौसम बदलने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज से बीमारियां ठीक हो जाती हैं। लक्षण दिखते ही लापरवाही न करें और डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करें।
यह बरते सावधानी
घर में पानी जमा न होने दें, कूलर और गमलों का पानी हर 3 दिन में बदलें
उबला हुआ पानी पिएं और बाहर का कटा फल, बर्फ वाला जूस न लें
बुखार 2 दिन से ज्यादा रहे तो जांच कराएं, खुद से एंटीबायोटिक न लें
फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराएं
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सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में रोज 200 से ज्यादा बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के डॉ. प्रियांक चौहान ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। साथ ही टाइफाइड के मरीज भी बढ़ रहे हैं। बदलते तापमान, अधिक नमी और गंदा पानी इसकी मुख्य वजह है। डॉक्टरों के मुताबिक बारिश के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है। रुके हुए पानी में मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। वहीं बाहर का खाना और दूषित पानी पीने से टाइफाइड और वायरल इंफेक्शन हो रहा है। मौसम बदलने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज से बीमारियां ठीक हो जाती हैं। लक्षण दिखते ही लापरवाही न करें और डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवा का सेवन करें।
यह बरते सावधानी
घर में पानी जमा न होने दें, कूलर और गमलों का पानी हर 3 दिन में बदलें
उबला हुआ पानी पिएं और बाहर का कटा फल, बर्फ वाला जूस न लें
बुखार 2 दिन से ज्यादा रहे तो जांच कराएं, खुद से एंटीबायोटिक न लें
फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराएं