फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   First, the District Development Authority was formed or 900 colonies

Udham Singh Nagar News: पहले जिला विकास प्राधिकरण बना या 900 कॉलोनियां

Thu, 16 Oct 2025 02:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Thu, 16 Oct 2025 02:14 AM IST
विज्ञापन
First, the District Development Authority was formed or 900 colonies
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में जिला विकास प्राधिकरण ने 900 कॉलोनियों को अवैध घोषित किया तो लोगों का गुस्सा सामने आने लगा है। साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो गया कि पहले प्राधिकरण बना या काॅलोनियां? प्राधिकरण के फैसलों को शहर के व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने गलत बताया। उनका तर्क है कि कॉलोनियों पर रोक लगाने के पीछे प्राधिकरण की मंशा ठीक नहीं है।
विज्ञापन


जिन कॉलोनियों पर रोक लगी है वहां न तो ड्रेनेज और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही प्रशासनिक मंजूरी ली गई है। इससे साफ होता है कि इन कॉलोनियों का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया गया है।
विज्ञापन




अब प्रशासन ने इन अवैध काॅलोनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बिल्डरों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनसे जवाब मांगा जा रहा है। इसके साथ ही तमाम सवाल भी खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


---



प्रशासन की निष्क्रियता से काॅलोनियों को मिला बढ़ावा?
सवाल यह है कि जब ये काॅलोनियां अवैध थीं तो प्रशासन ने पहले ही कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या प्रशासन की निष्क्रियता के कारण इन अवैध काॅलोनियों को बढ़ावा मिला है? या फिर इसके पीछे कोई और कारण है? इन सवालों के जवाब ढूंढने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। ऊधमसिंह नगर के निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई करेगा और उनकी समस्याओं का समाधान करेगा लेकिन अभी भी यह देखना बाकी है कि प्रशासन की कार्रवाई कितनी प्रभावी होगी और क्या यह अवैध काॅलोनियां नियमित हो पाएंगी?


----

2017 में बना प्राधिकरण, तब तक कई कॉलोनियां बन गईं



सरकारी दस्तावेज इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि जिले में जिला विकास प्राधिकरण का गठन वर्ष 2017 में हुआ लेकिन जिन कॉलोनियों में रोक लगा दी गई हैं उनमें अधिकांश पहले से बसी हैं। हां जरूर कुछ निर्माण कार्य कॉलोनियों में इस समय चल रहे हैं। प्राधिकरण दावा कर रहा जो निर्माण कार्य हो रहे हैं उनकी परमिशन नहीं ली गई है। नए निर्माण होने पर इन्हें अवैध करार दिया गया है।

व्यापारी बोले



- प्राधिकरण का गठन वर्ष 2017 में हुआ था जबकि कई कॉलोनियों पहले ही बन चुकी थीं। गौर करने वाली बात ये है कि प्राधिकरण ने वर्ष 1998 के 10 हजार पुराने नोटिस उठाकर कार्रवाई शुरू कर दी है। हकीकत के बारे में कुछ पता नहीं है। प्राधिकरण अपनी मनमानी कर लोगों को परेशान करने का काम कर रहा है। - संजय जुनेजा, अध्यक्ष, व्यापार मंडल


- वर्ष 2017 के बाद कोई मनमानी कर रहा है तो प्राधिकरण कार्रवाई करे लेकिन उससे पहले बनी कॉलोनी वासियों के ऊपर मनमानी न करें। प्राधिकरण अगर गलत करेगा तो उसका विरोध किया जाएगा। - मनोज छावड़ा, महामंत्री, व्यापार मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed