{"_id":"6a5a83f746905a074b01addb","slug":"first-shown-dead-then-taken-hostage-and-grabbed-eight-bighas-of-land-plea-to-ssp-rudrapur-news-c-242-1-rdp1029-144477-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: पहले मृत दिखाया, फिर बंधक बनाकर हड़पी आठ बीघा जमीन, एसएसपी से गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: पहले मृत दिखाया, फिर बंधक बनाकर हड़पी आठ बीघा जमीन, एसएसपी से गुहार
Sat, 18 Jul 2026 01:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर। मानसिक रूप से अस्वस्थ और लापता पिता को पहले मृत घोषित करने और बाद में उन्हें बंधक बनाकर करोड़ों रुपये मूल्य की आठ बीघा पुस्तैनी जमीन हड़पने मामला सामने आया है। बेटे ने एक व्यक्ति और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम और एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम अहमदनगर निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ अमरजीत आठ नवंबर 2025 को लापता हो गए थे जिसकी गुमशुदगी थाना जसपुर में दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि बाद में मिले एक अज्ञात शव को उनके पिता का शव बताकर अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिजनों ने शव की पहचान के लिए डीएनए जांच की मांग की लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि इसी बीच अधिकारियों की कथित मिलीभगत से उनकी आठ बीघा जमीन का बैनामा मुजफ्फर हुसैन के नाम करा दिया गया।
फर्जी बैंक लेनदेन दर्शाकर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही उपनिबंधक को लिखित सूचना देकर पिता की मानसिक स्थिति और जमीन हड़पे जाने की आशंका जताई थी। आरोप लगाया कि उनके पिता आज भी कथित अभियुक्त के कब्जे में बंधक हैं। परिवार जब उनसे मिलने की मांग करता है तो पुलिस समझौते का दबाव बनाती है। उन्होंने पुलिस के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें अमरजीत को परिजनों के सुपुर्द किए जाने की बात कही गई थी। पीड़ित ने इस दावे की सच्चाई सामने लाने के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। पीड़ित ने डीएम और एसएसपी से अपने पिता की सकुशल बरामदगी, कथित फर्जी भूमि हस्तांतरण की निष्पक्ष जांच और पूरे प्रकरण में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। वहीं, एसएसपी अजय गणपति का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम अहमदनगर निवासी जसबीर सिंह ने बताया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ अमरजीत आठ नवंबर 2025 को लापता हो गए थे जिसकी गुमशुदगी थाना जसपुर में दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि बाद में मिले एक अज्ञात शव को उनके पिता का शव बताकर अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिजनों ने शव की पहचान के लिए डीएनए जांच की मांग की लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि इसी बीच अधिकारियों की कथित मिलीभगत से उनकी आठ बीघा जमीन का बैनामा मुजफ्फर हुसैन के नाम करा दिया गया।
विज्ञापन
फर्जी बैंक लेनदेन दर्शाकर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही उपनिबंधक को लिखित सूचना देकर पिता की मानसिक स्थिति और जमीन हड़पे जाने की आशंका जताई थी। आरोप लगाया कि उनके पिता आज भी कथित अभियुक्त के कब्जे में बंधक हैं। परिवार जब उनसे मिलने की मांग करता है तो पुलिस समझौते का दबाव बनाती है। उन्होंने पुलिस के उस दावे को भी गलत बताया जिसमें अमरजीत को परिजनों के सुपुर्द किए जाने की बात कही गई थी। पीड़ित ने इस दावे की सच्चाई सामने लाने के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। पीड़ित ने डीएम और एसएसपी से अपने पिता की सकुशल बरामदगी, कथित फर्जी भूमि हस्तांतरण की निष्पक्ष जांच और पूरे प्रकरण में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। वहीं, एसएसपी अजय गणपति का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन