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पिता पुत्र में विवाद से रिश्तेदार भी दुविधा में
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:37 AM IST
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आरपीएस रावत
- फोटो : अमर उजाला
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्। यूपी के सीएम अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के बीच चल रहे घमासान से पार्टी के साथ ही करीबी रिश्तेदार भी दुविधा में है। उनका कहना है कि आपसी झगड़े से पार्टी कमजोर पड़ रही है।
कुंडेश्वरी में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश का ससुराल है। उनके ससुराल वाले मकान को नौकर के हवाले कर लखनऊ में शिफ्ट हो चुके हैं। कुंडेश्वरी में रहने वाले अखिलेश के ममिया ससुर रिटायर डीएसपी आरपीएस रावत भी सपा में सक्रिय रह चुके हैं। कुमाऊं मंडल प्रभारी रहकर वे सपा प्रत्याशियों को वर्ष 2007 के विधानसभा और 2009 के लोकसभा चुनाव लड़ाने के बाद राजनीति से किनारा कर चुके हैं। वह कहते हैं कि मुलायम और अखिलेश में सुलह की गुंजाइश बेहद कम है। उनका कहना है कि आपसी झगड़े से पार्टी कमजोर पड़ रही है।
पार्टी के साथ ही परिवार में भी उथल पुथल मची हुई है। परिवार के लोग और रिश्तेदार भी असमंजस में हैं। अगर विवाद खत्म नहीं हुआ तो पार्टी के साथ ही परिवार भी बिखर जाएगा। मुलायम का परिवार देश के बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक है। परिवारवालों और रिश्तेदारों ने भी विवाद को हल करने की कोशिश की है, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने यूपी में अच्छा काम किया है।
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इन दिनों मुलायम और अखिलेश में विवाद बढ़ने से स्थितियां खराब हो रही हैं। मुलायम और अखिलेश के अलग-अलग चुनाव लड़ने से विरोधी पार्टियों को फायदा पहुंचेगा। आपसी झगड़े से कार्यकर्ता के साथ ही सपा का वोटर भी दुविधा में है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रुप से अगर वे अखिलेश की जगह होते तो पिता के खिलाफ जाकर जग हंसाई नहीं करवाते।
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कुंडेश्वरी में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश का ससुराल है। उनके ससुराल वाले मकान को नौकर के हवाले कर लखनऊ में शिफ्ट हो चुके हैं। कुंडेश्वरी में रहने वाले अखिलेश के ममिया ससुर रिटायर डीएसपी आरपीएस रावत भी सपा में सक्रिय रह चुके हैं। कुमाऊं मंडल प्रभारी रहकर वे सपा प्रत्याशियों को वर्ष 2007 के विधानसभा और 2009 के लोकसभा चुनाव लड़ाने के बाद राजनीति से किनारा कर चुके हैं। वह कहते हैं कि मुलायम और अखिलेश में सुलह की गुंजाइश बेहद कम है। उनका कहना है कि आपसी झगड़े से पार्टी कमजोर पड़ रही है।
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पार्टी के साथ ही परिवार में भी उथल पुथल मची हुई है। परिवार के लोग और रिश्तेदार भी असमंजस में हैं। अगर विवाद खत्म नहीं हुआ तो पार्टी के साथ ही परिवार भी बिखर जाएगा। मुलायम का परिवार देश के बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक है। परिवारवालों और रिश्तेदारों ने भी विवाद को हल करने की कोशिश की है, लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने यूपी में अच्छा काम किया है।
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इन दिनों मुलायम और अखिलेश में विवाद बढ़ने से स्थितियां खराब हो रही हैं। मुलायम और अखिलेश के अलग-अलग चुनाव लड़ने से विरोधी पार्टियों को फायदा पहुंचेगा। आपसी झगड़े से कार्यकर्ता के साथ ही सपा का वोटर भी दुविधा में है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रुप से अगर वे अखिलेश की जगह होते तो पिता के खिलाफ जाकर जग हंसाई नहीं करवाते।