{"_id":"67b4d7a25a97bae097054187","slug":"farmers-were-given-training-on-animal-husbandry-through-scientific-methods-rudrapur-news-c-242-1-rdp1005-121061-2025-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन पर प्रशिक्षण दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन पर प्रशिक्षण दिया
Wed, 19 Feb 2025 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के पशुधन उत्पादन और प्रबंधन विभाग में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। पशुपालकों को बद्री गाय और पंतजा बकरी पालन को बढ़ावा देने व पशुपालकों की आय वृद्धि के लिए वैज्ञानिक पद्धति से प्रशिक्षण दिया गया।
डीन वैटरिनरी डॉ. एए अहमद और प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। डॉ. एसके सिंह ने डेरी पशुओं के प्रबंधन के बारे में बताया कि उनका कैसे रखरखाव करना चाहिए। डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि पंतजा बकरी एक साल में दो से चार बच्चे देती है और दोबारा ढाई माह में गर्भधारण कर लेती है। डॉ. ज्योति पलोद ने पशुओं के आहार के बारे में किसानों को जानकारी दी। डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बद्री गाय का दूध अन्य गायों की तुलना में पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला होता है। डॉ. अनुपम आजाद ने बताया कि देश की जीडीपी में पशु उत्पादन की हिस्सेदारी पांच फीसदी है। इस अवसर पर 50 से अधिक किसानों सहित विभाग के प्राध्यापक डॉ. ब्रजेश सिंह, डॉ. शिव कुमार सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीन वैटरिनरी डॉ. एए अहमद और प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। डॉ. एसके सिंह ने डेरी पशुओं के प्रबंधन के बारे में बताया कि उनका कैसे रखरखाव करना चाहिए। डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि पंतजा बकरी एक साल में दो से चार बच्चे देती है और दोबारा ढाई माह में गर्भधारण कर लेती है। डॉ. ज्योति पलोद ने पशुओं के आहार के बारे में किसानों को जानकारी दी। डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बद्री गाय का दूध अन्य गायों की तुलना में पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला होता है। डॉ. अनुपम आजाद ने बताया कि देश की जीडीपी में पशु उत्पादन की हिस्सेदारी पांच फीसदी है। इस अवसर पर 50 से अधिक किसानों सहित विभाग के प्राध्यापक डॉ. ब्रजेश सिंह, डॉ. शिव कुमार सैनी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन