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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Farmers protested against Law.

गुस्से से लाल किसानों ने काला दिवस मनाया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 27 May 2021 12:01 AM IST
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Farmers protested against Law.
रुद्रपुर/गदरपुर/पंतनगर/दिनेशपुर। किसान आंदोलन के छह माह पूर्ण होने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेने से आक्रोशित किसानों ने बुधवार को काला दिवस मनाया। किसानों ने विरोध स्वरूप अपने घरों में काले झंडे लगाए। जिलेभर के साथ ही यूपी के बिलासपुर से सैकड़ों किसान काले झंडों के साथ गाजीपुर बॉर्डर रवाना हुए। किसानों के समर्थन में कांग्रेस ने भी धरना देते हुए सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।
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जिले के खटीमा, नानकमत्ता, सितारगंज, किच्छा, रुद्रपुर, गदरपुर आदि से सैकड़ों बुधवार सुबह रामपुर बॉर्डर होते हुए यूपी के बिलासपुर पहुंचे। वहां से सभी किसानों ने काले झंडों के साथ गाजीपुर बॉर्डर के लिए कूच किया। किसानों ने मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका।
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तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन को आज (बुधवार को) छह माह पूरे हो गए हैं। आज से किसान आंदोलन का दूसरा पड़ाव शुरू हो गया है। वहां संतोख सिंह, राजिंदर खैरा, लखविंदर सिंह, गुरवीर बराड़, अमनदीप सिंह, हरपाल सिंह, अंग्रेज सिंह, गुरजीत चीमा आदि किसान थे।
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इधर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ समेत कांग्रेस पदाधिकारियों ने किसानों के समर्थन में गांधी पार्क पर सांकेतिक धरना दिया। वहां पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, अनिल शर्मा, अरुण पांडेय थे। इधर, रुद्रपुर स्थित कांग्रेस जिला कार्यालय में जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा ने भी कार्यकर्ताओं के साथ काले झंडे लेकर धरना दिया।
वहां कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा, राजीव कामरा, नंद किशोर, विरेंद्र कोली, श्याम कोली आदि थे। इधर, कांग्रेस नेता सीपी शर्मा ने किसानों के समर्थन में रुद्रपुर स्थित आवास पर काले झंडे के साथ धरना दिया।
उधर, गदरपुर में भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मक्कड़ के नेतृत्व में किसानों ने मुख्य बाजार के गुरुद्वारा सिंह सभा पर बांह पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक धरना देकर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। वहां प्रीत ग्रोवर, राजीव ग्रोवर, मंगत बत्रा, जोगिंदर सिंह, ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह विर्क, इंद्रपाल सिंह संधू, विनोद गुंबर, हैप्पी विर्क आदि थे।
इधर, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य राजेंद्र पाल सिंह के साथ कार्यकर्ताओं ने हाथों में काला झंडा लेकर कृषि कानूनों को खारिज किए जाने की मांग की। वहां शैलेंद्र शर्मा, अजय गाबा, गुरविंदर सिंह विर्क, शराफत अली मंसूरी, अमन कंबोज थे। इधर, उत्तराखंड कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष शिल्पी अरोरा ने गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। वहां ज्योत्सना गुलिया, आरती, शांता, संगीता, लक्ष्मी, सुनीता आदि थीं।
वहीं, पंतनगर में कृषि कानूनों को किसान और मजदूर विरोधी बताते हुए राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन महासंघ के आह्वान पर सभी ट्रेड यूनियन ने विरोध व्यक्त किया गया। इसके समर्थन में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक के जिला यूनियन कार्यालय पंतनगर में भी सांकेतिक रूप में मौन रखकर धरना दिया गया। वहां जिलाध्यक्ष जनार्दन सिंह, श्रमिक कल्याण संघ महामंत्री डॉ महेंद्र शर्मा, नगर इंटक के अध्यक्ष जगदीश कुमार, नागेंद्र, हाकिम, श्याम सुंदर मिश्रा, संतोष यादव थे।
उधर, दिनेशपुर में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और मुख्य चौराहे पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। वहां डॉ. कुलवंत सिंह, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, किशोर हाल्दार, बलकार सिंह, करनैल सिंह,पल्विंदर सिंह फौजी,कुलविंदर सिंह, जसवीर सिंह थे।
खटीमा, सितारगंज और किच्छा में भी दिखा गुस्सा
खटीमा/सितारगंज। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष गुरसेवक सिंह ने बताया कि पूरे ब्लॉक क्षेत्र में काला दिवस मनाया गया। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने काले झंडे, बैनर लेकर कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंका।
कैंप कार्यालय परिसर प्रतापपुर में हुए प्रदर्शन में अवतार सिंह, जनरैल सिंह, जसपाल सिंह, बबन सिंह, राम प्रसाद, मुकेश राणा, नारायण सिंह, जसविंदर सिंह आदि थे। इधर, किसान यूनियन एकता की ओर से सड़ासड़िया गांव में केंद्र सरकार का पुतला फूंका। वहां अनमोल चहल, गुरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, रिसाव, विमलप्रीत, जसनप्रीत, सतनाम सिंह चंडी, अनमोल सिंह आदि थे।
उधर, सितारगंज में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्यनारायण सचान के आह्वान पर एडवोकेट योगेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पर ही धरना देकर काला दिवस मनाया। वहां जिला प्रमुख महासचिव सैय्यद अली, अमर सिंह, पंकज कुमार, सलमान, फरियाद अंसारी, तलविंदर सिंह, तय्यब आदि थे।
इधर, आप कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में बांह पर काले फीते बांधकर झंडे लहराए और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहां जिलाध्यक्ष जसपाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष विशन दत्त जोशी, डॉ. विनय कृष्ण मंडल, संगठन मंत्री मक्खन सिंह, विरेंद्र बिष्ट, इमरान खान, तौसीफ खान, शहजाद आदि थे। इधर, किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नगर अध्यक्ष हरपाल सिंह के आवास पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। वहां कांग्रेस प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, राजू हरियाणवी, जसवंत सिंह, भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह गिल आदि थे।
उधर, किच्छा के लालपुर में एक चौक का नाम किसान चौक घोषित कर सांकेतिक धरना दिया गया। वहां सुरेश पपनेजा समेत अन्य लोग थे। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग धरना दिया।
फिरदौस सलमानी के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने सिरौली में प्रदर्शन किया। वहां हाजी ताहिर मलिक, एनयू खान, शरीफ मलिक, शराफत हुसैन, बाबू मलिक, जीशान खान आदि थे। मलसी गांव में हरीश पनेरु के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। वहां हरजीत सिंह, बलदेव सिंह, बाबा दया सिंह, सुखबीर सिंह, बच्चन सिंह, सुखदेव सिंह, सतनाम सिंह आदि थे। (संवाद)
काशीपुर, जसपुर में किसानों और आप कार्यकर्ताओं ने लहराए काले झंडे
काशीपुर/जसपुर/बाजपुर। ग्राम रायपुर खुर्द में किसानों ने बांह पर काले रिबन बांधकर कृषि कानूनों के विरोध में काले झंडे लहराएं और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहां हरपाल सिंह, जुगराज सिंह, चमकौर सिंह, दलवीर सिंह, मनप्रीत सिंह, दलजीत सिंह आदि थे। उधर, आप कार्यकर्ताओं ने हाथों में काले रिबन बांधकर एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहां युवा नगराध्यक्ष आकाश मोहन दीक्षित, विनोद नेगी, मोहित चौहान, अजय चौहान, गौरव पाल, आयुष मेहरोत्रा आदि थे।
उधर, जसपुर में संयुक्त किसान मोर्चा के किसानों ने काला दिवस मनाते हुए अपने घरों पर काले झंडे लगाएं। विधायक आदेश चौहान ने काले कपड़े पहनकर विरोध जताया। कांग्रेस और आप कार्यकर्ताओं ने किसानों की मांगों को समर्थन किया। किसानों ने कलियावाला मोड़ पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका और एसडीएम सुंदर सिंह को ज्ञापन सौंपा। वहां भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रेम सहोता, शीतल सिंह, मुख्त्यार सिंह, इंद्रपाल सिंह, दीदार सिंह, जागीर सिंह, सुखबीर सिंह भुल्लर, दर्शन सिंह आदि थे।
इधर, बाजपुर में भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा के नेतृत्व में किसान एकत्र होकर शहीद भगत सिंह चौक पहुंचे। किसानों ने हाथों में काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष पड्डा ने कहा कि आंदोलन में 400 किसान शहीद हो चुके है लेकिन प्रधानमंत्री नहीं जाग रहे हैं।
बाजपुर के 20 गांवों की भूमि मामले में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दो बार घोषणा की लेकिन भूमि का मामला अभी भी अधर में है। अब किसानों के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं है। वहां मलकीत रंधावा, निर्मल सिंह, राजपाल सिंह, अमरजीत सिंह, प्रताप सिंह, भूपेंद्र कौर बेदी आदि थे। प्रदर्शन को कांग्रेस, आप और सपा कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया।
इधर, केलाखेड़ा में पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सार्थक अरोरा, अमरजीत संधू, अमृतपाल सिंह, अजीत सिंह, दिलशाद अली, मनदीप निरवाल, नितिन गुप्ता, लवकेश शर्मा आदि ने प्रदर्शन किया। गांव बन्नाखेड़ा में किसानों ने मुख्य चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। वहां रविंद्र सिंह, सतपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह बंटी, मनप्रीत सिंह, मन्ना सिंह, बलजीत सिंह, सतनाम सिंह, बिल्लू शर्मा, बलदेव सिंह, सेवक सिंह आदि थे।

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा के साथ क्षेत्र से 40-50 किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे और भाकियू नेता राकेश टिकैत के साथ काला दिवस मनाते हुए प्रदर्शन किया। वहां जनकवि बल्ली सिंह चीमा, मन, कुलदीप सिंह, दिलेर सिंह, अवतार सिंह, गुरमुख सिंह आदि थे। (संवाद)
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