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लोन बकाएदारों को बंदीगृह में डालने पर किसान भड़के
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सितारगंज के पुरानी तहसील में बंदीगृह पर धरना देते किसान।
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। तीन लाख का ऋण नहीं चुकाने पर दो लोगों को राजस्व विभाग की टीम ने पकड़ लिया और बंदीगृह में डाल दिया। किसानों को इसकी भनक लगने पर उन्होंने पुरानी तहसील में बंदीगृह पर धरना दिया और बकाएदारों को छोड़ने की मांग करने लगे। एसडीएम ने किसानों की मांग पर बकाएदारों को एक महीने के भीतर लोन जमा करने का समय देकर दोनों को छोड़ दिया।
राजस्व विभाग की टीम ने विश्वजीत और अमर पर बैंक का लाखों रुपये का बकाया होने पर उन्हें पुरानी तहसील के बंदीगृह में डाल दिया। इस पर किसान पुरानी तहसील पहुंच गए। विश्वजीत ने किसान नेताओं को बताया कि उसकी ढाई एकड़ जमीन है। धान की फसल चौपट हो गई है। उस पर एक लाख का कर्जा था। वह चुकाने की स्थिति में नहीं है। अमर सरकार ने बताया कि उसने दो लाख का कर्जा लिया था। दो वर्ष से बीमार होने के कारण बिस्तर पर पड़ा है और इधर फसल खराब हो गई।
वह कर्जा जमा नहीं कर पाया। किसान नेता साहब सिंह बिज्टी के नेतृत्व में किसान बंदीगृह के बाहर धरने पर बैठ गए। साहब सिंह ने आरोप लगाया कि करोड़ों के बकायेदार खुलेआम घूम रहे हैं। एक-दो लाख के बकायेदार किसानों को बंदीगृह में डाला जा रहा है। किसानों ने कहा कि किसानों के खेत में पड़े धान को राजस्व विभाग काटकर अपनी राशि काट ले।
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किसानों को मुआवजा देने के बजाय गिरफ्तार किया जा रहा है। किसान संगठन इसका पुरजोर विरोध करेंगे। एसडीएम तुषार सैनी ने दोनों बकाएदारों को एक महीने में बकाया लोन की राशि जमा करने का समय देकर छोड़ दिया। वहां रणधीर सिंह, शमशेर सिंह, राकेश बावा, जावेद मंसूरी, प्रभजोत महार, राजू शेख, सोमाइल अंसारी, शोएब आदि थे।
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राजस्व विभाग की टीम ने विश्वजीत और अमर पर बैंक का लाखों रुपये का बकाया होने पर उन्हें पुरानी तहसील के बंदीगृह में डाल दिया। इस पर किसान पुरानी तहसील पहुंच गए। विश्वजीत ने किसान नेताओं को बताया कि उसकी ढाई एकड़ जमीन है। धान की फसल चौपट हो गई है। उस पर एक लाख का कर्जा था। वह चुकाने की स्थिति में नहीं है। अमर सरकार ने बताया कि उसने दो लाख का कर्जा लिया था। दो वर्ष से बीमार होने के कारण बिस्तर पर पड़ा है और इधर फसल खराब हो गई।
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वह कर्जा जमा नहीं कर पाया। किसान नेता साहब सिंह बिज्टी के नेतृत्व में किसान बंदीगृह के बाहर धरने पर बैठ गए। साहब सिंह ने आरोप लगाया कि करोड़ों के बकायेदार खुलेआम घूम रहे हैं। एक-दो लाख के बकायेदार किसानों को बंदीगृह में डाला जा रहा है। किसानों ने कहा कि किसानों के खेत में पड़े धान को राजस्व विभाग काटकर अपनी राशि काट ले।
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किसानों को मुआवजा देने के बजाय गिरफ्तार किया जा रहा है। किसान संगठन इसका पुरजोर विरोध करेंगे। एसडीएम तुषार सैनी ने दोनों बकाएदारों को एक महीने में बकाया लोन की राशि जमा करने का समय देकर छोड़ दिया। वहां रणधीर सिंह, शमशेर सिंह, राकेश बावा, जावेद मंसूरी, प्रभजोत महार, राजू शेख, सोमाइल अंसारी, शोएब आदि थे।