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धान से भरी मंडियां, लेकिन तौल नहीं: टोकन-सॉफ्टवेयर खराबी से किसान परेशान, खुले में पड़ा हजारों क्विंटल धान

Thu, 22 Oct 2026 12:32 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: Heera Updated Thu, 22 Oct 2026 12:32 PM IST
सार

तराई में धान की बंपर पैदावार के बाद तौल का संकट खड़ा हो गया है। सितारगंज, गदरपुर और किच्छा मंडियों में हजारों क्विंटल धान खुले में पड़ा है, लेकिन टोकन, सॉफ्टवेयर खराबी, कांटों की कमी और खरीद सीमा के चलते तौल नहीं हो पा रही।

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Farmers are troubled by token-software glitches in udham singh nagar
सितारगंज में तौल नहीं होने पर सड़क किनारे खड़ी धान से लदी ट्रालियां। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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तराई में धान की बंपर पैदावार के बाद अब तौल का संकट किसानों पर भारी पड़ रहा है। पहले बेमौसम बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया, अब मंडियों में धान की खरीद सुस्त होने से किसान फड़ में ही दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं।

जिले की सितारगंज, गदरपुर और किच्छा मंडियों में हजारों क्विंटल धान खुले में पड़ा है लेकिन टोकन, सॉफ्टवेयर खराबी और खरीद सीमा के चलते तौल नहीं हो पा रही है। कहीं कांटे कम हैं तो कहीं लिमिट खत्म हो गई। किसानों का कहना है कि मंडी में 20-20 दिन से पड़े हैं लेकन नंबर नहीं आ रहा है। ऊपर से धान में नमी और घटतौली का डर सता रहा है। बुधवार को अमर उजाला व संवाद की टीम ने जिले के अलग-अलग पांच ब्लाॅको में धान खरीद की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट...।

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रुद्रपुर : धान तौल की रफ्तार धीमी
रुद्रपुर में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान तौल की रफ्तार धीमी है। बगवाड़ा, रुद्रपुर में आरएफसी के क्रय केंद्रों में करीब 400 क्विंटल धान की तौल हो चुकी है। सरकारी क्रय केंद्र में अब भी संतोषजनक खरीद नहीं हो सकी है। इसका एक कारण मिलर्स की ओर से कम रजिस्ट्रेशन भी माना जा रहा है।

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सितारगंज : खरीद के इंतजार में मंडी फड़ में पड़ा 20 हजार क्विंटल धान
नई मंडी समिति में धान की आवक के बीच बड़ी मात्रा में उपज बिक्री के इंतजार में पड़ी है। मंडी परिसर के फड़ों पर करीब 20 हजार क्विंटल से अधिक धान बिकने के लिए रखा हुआ है। एसएमओ ओम नारायण मिश्रा ने बताया कि कच्चे आढ़तियों ने अब तक 155 किसानों से लगभग 6200 क्विंटल धान खरीदा है। वहीं, 25 किसानों का करीब 1000 क्विंटल धान तौल के लिए मंडी में पड़ा है। खाद्य विभाग के तीन कांटों पर अब तक 112 किसानों से 8888 क्विंटल धान खरीदा गया है। इसके बावजूद फड़ों पर 20 हजार क्विंटल से अधिक धान पड़ा है।

गदरपुर : 578.80 क्विंटल धान की हुई खरीद
धान खरीद को लेकर आरएफसी के तीन क्रय केंद्रों पर अब तक कुल 578.80 क्विंटल धान की खरीद हुई है। केंद्र प्रथम प्रभारी निकिता जोशी ने बताया कि 120 क्विंटल, द्वितीय प्रभारी जगदीश सिंह ने 320.40 क्विंटल और तृतीय प्रभारी राशि बिष्ट ने 138.40 क्विंटल खरीद की जानकारी दी। किसानों का आरोप है कि मंडी समिति के कांटों के सॉफ्टवेयर में दिक्कत से टोकन जारी नहीं हो रहे। सचिव आशा गोस्वामी ने बताया मानकों के अनुरूप खरीद जारी है। पड़ताल में सामने आया कि अभी कई क्विंटल धान की तौल होना बाकी है।

किच्छा : पहले खेतों में रतजगा, अब मंडी में बैठे हैं किसान
नवीन मंडी में किसान 20 दिन से फसल के साथ बैठे हैं। एसएमआई कौशल कुमार ने बताया कि संभागीय खाद्य नियंत्रक के तीन केंद्रों पर छह अक्तूबर से अब तक 4,728 क्विंटल धान तुला है। हर केंद्र पर तीन हजार क्विंटल की लिमिट है। सहकारी संघ के पांच केंद्रों पर 6,500 क्विंटल तौल हुई है। तराई सिख संगठन के संतोख सिंह ने कहा तौल की गति तेज की जाए। मंडी में 100 क्विंटल धान अब भी तौल के इंतजार में है।

बाजपुर : केंद्रों पर धीमी तौल होने से किसानों में नाराजगी
धान खरीद केंद्रों पर धीमी तौल होने से किसानों में नाराजगी है। बन्नाखेड़ा सहित चार केंद्रों पर बारदाना उपलब्ध होने पर धान तौल शुरू हो गई है। नोडल अधिकारी नितेश हर्बोला ने बताया कि धान की अधिक आवक आने से इन तीनों केंद्रों पर लेबर बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि उनके 16 केंद्रों पर लगभग 12 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। एसएमओ नलनी कांत ने बताया कि आरएफसी के तीन केंद्रों पर 2800 क्विंटल धान खरीदा गया है। कांग्रेस जिला महामंत्री किसान हरदेव सिंह संधू ने ग्रामीण क्षेत्रों के खरीद केंद्रों पर धीमी गति से धान तौल हो रही है। पाेर्टल की लिमिट पूरी हो गई है।

धान खरीद में तेजी लाने के निर्देश सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को दिए हैं। धान खरीद प्रभावित न हो इसलिए अवकाश भी रद्द कर दिए गए हैं। किसानों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। प्रत्येक किसान का धान क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा। - नितिन सिंह भदौरिया, डीएम

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