{"_id":"5f2467068ebc3e63b956f07a","slug":"farmers-are-in-line-for-fertilizer-from-four-in-the-morning-kashipur-news-hld3918191136","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं पहुंचने पर किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं पहुंचने पर किसान परेशान
विज्ञापन
संजीव कुमार।
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। सहकारी समितियों में यूरिया न आने से किसान के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। केवल इफ्को के एकमात्र बिक्री केंद्र पर यूरिया उपलब्ध है। जहां पर यूरिया लेने के लिए किसानों की सुबह चार बजे से लाइन लग जाती है।
केंद्र पर एक दिन में मात्र एक ट्रक यूरिया आता है। जो पहले पहुंच जाते हैं, उन्हें यूरिया मिल जाता है। अधिकांश किसान सहकारी समिति के सदस्य हैं। इस साल अभी तक सहकारी समितियों में यूरिया नहीं पहुंचा है। इन दिनों किसानो के पास नकद यूरिया खरीदने के लिए रुपये नही होते हैं। इफ्को के बिक्री केंद्र पर नकद में ही यूरिया मिलता है। आंवला बरेली से यूरिया खाद पहुंचती है।
सरकार को किसानों की चिंता नही है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया डालने का समय है। सहकारी समितियों को यूरिया नहीं दी जा रहा है। पहले ही प्राकृतिक आपदाओं से किसान बर्बाद हो चुका है। बिना खाद के धान की फसल भी खराब हो जाएगी। - टीका सिंह सैनी, किसान नेता
विज्ञापन
हर वर्ष धान की फसल के समय यूरिया खाद की कमी होती है। सरकार को पहले से ही किसानों की डिमांड के अनुरूप सहकारी समितियों को खाद आपूर्ति की व्यवस्था रखनी चाहिए। - सत्यम शर्मा, किसान, लालपुर
खाद की जिस वक्त जरूरत होती है, तब किसान को खाद न मिले तो फसल की उपज पर बहुत फर्क पड़ता है। उसकी भरपाई नहीं हो पाती है। समय पर खाद न मिलना प्रदेश सरकार की विफलता को दर्शाता है।
- शीतल सिंह, जिला प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन।
फसल में समय पर खाद नहीं डाली जाय तो पैदावार में अत्यधिक गिरावट आ जाती है। सरकार को समय पर खाद की व्यवस्था करनी चाहिए। - संजीव कुमार, पूर्व प्रधान ग्राम कुदईयांवाला
अभी तक इफको ने सहकारी समितियों के लिए यूरिया की आपूर्ति नहीं की है। इफ्को के अधिकारियों ने अगस्त माह के पहले सप्ताह एक रैक और तीसरे सप्ताह दूसरी रैक भेजने का आश्वासन दिया है। एक रैक में 20 हजार टन यूरिया आता है। - हरीश चंद्र खंडूरी, एआर, सहकारी समितियां
विज्ञापन
केंद्र पर एक दिन में मात्र एक ट्रक यूरिया आता है। जो पहले पहुंच जाते हैं, उन्हें यूरिया मिल जाता है। अधिकांश किसान सहकारी समिति के सदस्य हैं। इस साल अभी तक सहकारी समितियों में यूरिया नहीं पहुंचा है। इन दिनों किसानो के पास नकद यूरिया खरीदने के लिए रुपये नही होते हैं। इफ्को के बिक्री केंद्र पर नकद में ही यूरिया मिलता है। आंवला बरेली से यूरिया खाद पहुंचती है।
विज्ञापन
सरकार को किसानों की चिंता नही है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया डालने का समय है। सहकारी समितियों को यूरिया नहीं दी जा रहा है। पहले ही प्राकृतिक आपदाओं से किसान बर्बाद हो चुका है। बिना खाद के धान की फसल भी खराब हो जाएगी। - टीका सिंह सैनी, किसान नेता
विज्ञापन
हर वर्ष धान की फसल के समय यूरिया खाद की कमी होती है। सरकार को पहले से ही किसानों की डिमांड के अनुरूप सहकारी समितियों को खाद आपूर्ति की व्यवस्था रखनी चाहिए। - सत्यम शर्मा, किसान, लालपुर
खाद की जिस वक्त जरूरत होती है, तब किसान को खाद न मिले तो फसल की उपज पर बहुत फर्क पड़ता है। उसकी भरपाई नहीं हो पाती है। समय पर खाद न मिलना प्रदेश सरकार की विफलता को दर्शाता है।
- शीतल सिंह, जिला प्रवक्ता, भारतीय किसान यूनियन।
फसल में समय पर खाद नहीं डाली जाय तो पैदावार में अत्यधिक गिरावट आ जाती है। सरकार को समय पर खाद की व्यवस्था करनी चाहिए। - संजीव कुमार, पूर्व प्रधान ग्राम कुदईयांवाला
अभी तक इफको ने सहकारी समितियों के लिए यूरिया की आपूर्ति नहीं की है। इफ्को के अधिकारियों ने अगस्त माह के पहले सप्ताह एक रैक और तीसरे सप्ताह दूसरी रैक भेजने का आश्वासन दिया है। एक रैक में 20 हजार टन यूरिया आता है। - हरीश चंद्र खंडूरी, एआर, सहकारी समितियां

शीतल सिंह।- फोटो : KASHIPUR

सत्यम शर्मा।- फोटो : KASHIPUR

टीका सिंह सैनी।- फोटो : KASHIPUR