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खुलासा: मेरठ में ही छपी थीं NCERT की फर्जी किताबें, पुलिस हिरासत में अभियुक्त ने खोले कई राज

Sat, 28 Mar 2026 11:38 AM IST
गायत्री जोशी अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: गायत्री जोशी Updated Sat, 28 Mar 2026 11:38 AM IST
सार

एनसीईआरटी की फर्जी किताबें मेरठ में छापी गई थीं और गिरोह के सरगना संदीप गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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Fake NCERT books were printed in Meerut itself
NCERT - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक

विस्तार

 राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की फर्जी किताब मामले में एसआईटी को कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ के लिए हिरासत लिए गए अभियुक्त विशाल ने स्वीकार है कि गिरोह के सरगना संदीप गुप्ता ने एनसीईआरटी की फर्जी किताबें मेरठ में ही छापी थीं। एसआईटी अब प्रिंटिंग प्रेस के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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एसआईटी सूत्रों के अनुसार फर्जीवाड़े के तार लंबे हैं। बृहस्पतिवार को रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने मेरठ में दबिश देकर विशाल नाम के एक अभियुक्त को हिरासत में लिया जिससे शुक्रवार को पूरे दिन कई दौर की पूछताछ की गई। अभियुक्त ने बताया कि उसने मेरठ निवासी गिरोह के सरगना संदीप गुप्ता व शाहरुख के साथ काम किया है।

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गिरोह मेरठ में किताबें छापकर पूरे देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता था। मेरठ में गिरोह के पकड़े जाने के बाद उन्होंने रुद्रपुर को नया ठिकाना बनाया था। कीरतपुर में किराए के गोदाम पर कैंटरों से किताबें लाकर सुरक्षित रखी जाती थीं।

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इसके बाद उन्हें मांग के आधार पर बताए गए स्थानों पर पहुंचाया जाता था। किताबों को बुक सेलर तक पहुंचाने के लिए कई युवक रखे गए थे। वह मार्केटिंग के जरिए उनकी किताबों को खरीदने के लिए कहते थे। रुद्रपुर के अलावा कुमाऊं में किताबें भेजी जा चुकी हैं। प्रिंटिंग प्रेस संदीप की खुद थी या किसी और की। इसकी तस्दीक की जा रही है।

आज विशाल के दर्ज होंगे कलमबद्ध बयान
एसआईटी हिरासत में लिए गए अभियुक्त विशाल को आज मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर सकती है। जहां उसके कलमबद्ध बयान दर्ज होंगे। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जा सकता है। इसके अलावा पांच और अभियुक्त एसआईटी की रडार पर आ चुके हैं।

ये था पूरा मामला
14 मार्च को कोतवाल मनोज रतूड़ी ने कीरतपुर में राजेश जैन के गोदाम पर छापा मारा था। गोदाम के बाहर किताबों से भरा कैंटर पकड़ा था। इसके बाद 10 लाख किताबों का जखीरा बरामद हुआ। 16 मार्च को किताबों की जांच के लिए दिल्ली से एनसीईआरटी के अधिकारी पहुंचे तो किताबों के फर्जी पाए जाने की बात पुख्ता हो गई। किताबों के सैंपल पुलिस व एनसीईआरटी ने जांच के लिए लैब भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट जल्द सामने आ जाएगी। मामले में पुलिस गोदाम के मालिक राजेश जैन, मेरठ निवासी संदीप गुप्ता व शाहरुख पर पुलिस अधीक्षक क्राइम कर चुकी है।

एनसीईआरटी की फर्जी किताबें मेरठ में छापी गईं। इस बात की जानकारी मिली है। मुख्य सरगना संदीप गुप्ता के पकड़े जाने पर कई नई बात सामने आएगी। - जितेंद्र चौधरी, एसआईटी प्रभारी व पुलिस अधीक्षक क्राइम

 

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