फेसबुक में दोस्ती, प्यार, शादी और धोखा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएसपी कार्यालय में शौर्या टीम में तैनात महिला कांस्टेबल की जान पहचान मई 2014 में फेसबुक पर ग्राम फुलसुंगी नटहौरा जिला बिजनौर निवासी एक युवक से हुई। युवक ने खुद को पैरा रेजीमेंट दिल्ली में कैप्टन बताते हुए वर्दी वाली फोटो भी कांस्टेबल को पोस्ट की। इसके बाद दोनों में प्रेम हो गया। कांस्टेबल के मुताबिक जुलाई मेें युवक ने शादी नहीं करने पर आत्महत्या करने की बात कहकर दबाव डाला। आरोपी वर्दी पहनकर उसके घर हल्द्वानी में भी परिजनों से बात करने आया था। आपसी रजामंदी से दोनों की शादी बिजनौर की कोर्ट में हो गई। उसने बताया कि अक्टूबर 14 में वह एक महीने पति के घर पर रही। इसी दिन करवाचौथ के दिन पति शराब पीकर आया और उसने खुद के आर्मी में नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनी में काम करने की बात का खुलासा किया। इससे उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बाद में सास-ससुर ने भी दहेज के लिए उसको प्रताड़ित किया। उसका आरोप है कि पति का एक युवती से प्रेम प्रसंग था। पति ने युवती के अलावा दोस्तों से फर्जी फोन करवाए और फेसबुक पर फर्जी आईडी भी बनाकर परेशान किया। जब उसने आरटीआई के जरिए पैरा रेजीमेंट के बंगलूरू हेडक्वार्टर में जानकारी ली तो पता चला कि पति के नाम और पते का कोई व्यक्ति कैप्टन नहीं है। कई बार मैसेज देने के बावजूद पति का जवाब नहीं मिला। कुछ महीने पहले उसने यह कह दिया कि अब उसे जरूरत नहीं है। वर्तमान में आरोपी चेन्नई में एक कंपनी में काम करता है। एसएसपी केवल खुराना ने महिला कांस्टेबल की गुहार सुनने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।