फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Explains the difference between good touch and bad touch to girls

छात्राओं को समझाया गुड टच और बैड टच में अंतर

Sat, 09 Mar 2019 12:37 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
अमर उजाला ब्यूरो  Published by: अरुण कुमार Updated Sat, 09 Mar 2019 12:37 AM IST
विज्ञापन
Explains the difference between good touch and bad touch to girls
रुद्रपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में शपथ पत्रों के साथ छात्राएं - फोटो : amar ujala

अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संजयनगर में महिला राइजिंग फाउंडेशन के सहयोग से शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए शारीरिक बदलावों की जानकारी दी। 65 छात्राओं और शिक्षिकाओं ने संकल्प पत्र भरे और छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन वितरित की गई। 

विज्ञापन


महिला राइजिंग फाउंडेशन की अध्यक्ष मनीषा राय ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के टच करने से उसकी नीयत का पता चलता है। यदि आपको किसी की भी नीयत गलत लगे तो उसका विरोध दर्ज जरूर कराएं। साथ ही अभिभावक और शिक्षक-शिक्षिकाओं से इसकी तुरंत शिकायत करें। जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स दीपा जोशी ने छात्राओं को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की जानकारी दी। नीलम कांडपाल ने छात्राओं के सम्मान में अपनी कविता ‘लक्ष्मी का वरदान है बेटी, धरती पर भगवान है बेटी...’ सुनाई। वहां शालिनी शर्मा, नीतू गुप्ता, रुद्रपुर राइजिंग के अध्यक्ष विजय आहूजा, प्रधानाध्यापक मोहनराम, मीनू जोशी, पिंकी तिवारी, ममता नारंग, विनीता राय मौजूद रहे। 
विज्ञापन


---- 
गुड टच, बैड टच और महिला स्वास्थ्य पर बोलने में लोग आज भी कतराते हैं। इससे महिला अपराध की घटनाएं बढ़ती हैं। जरूरी है कि रूढ़िवादी सोच से निकला जाए। - हेमलता तिवारी, नीलम कांडपाल, रुद्रपुर। 
विज्ञापन
विज्ञापन

-- 
अभिभावकों को अपनी बेटी के स्वास्थ्य पर उसके साथ खुलकर बातें करनी चाहिए। इससे बेटी में आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपनी सभी समस्याएं अभिभावकों से शेयर कर सकती है। - विनीता राय, सलोनी राघव, रुद्रपुर। 

अमर उजाला ने अपराजिता कार्यक्रम से समाज में एक अच्छी पहल की है। समाज में जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रम बार-बार होने चाहिए। छात्राएं भी पहले की अपेक्षा अब स्वास्थ्य और शारीरिक बदलाव के प्रति अधिक जागरूक हुईं हैं। - चंद्रा जोशी, कृष्णा कुमारी, सुनीता भंडारी, शिक्षिकाएं। 
-- 
अभी भी समाज के कुछ वर्गों में महिला के शारीरिक बदलावों को लेकर पुरानी सोच चली जा रही है। इसका विरोध होना चाहिए, तभी समाज की सोच भी बदलेगी और बेटियां खिलखिला सकेंगी। गोमती, कमला, रीता कांडपाल, भोजनमाता। 

--
अभिभावकों को अपनी बेटियों को गुड टच, बैड टच की जानकारी देनी चाहिए। अमर उजाला के इस कार्यक्रम से बेटियों में जरूर जागरूकता आएगी। जागरूकता के इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए। - नायाब फातिमा, रेनू चंद्रा, मुस्कान, छात्राएं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed