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अस्थमा और टीबी के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है पटाखे का धुआं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 12:15 AM IST
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लक्ष्य बैद, शक्तिविहार, रुद्रपुर - फोटो : RUDRAPUR
दिवाली के समय पटाखों से वायु प्रदूषण के साथ ही अस्थमा और अन्य सांस संबंधी बीमारियों के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। अस्थमा बच्चों को अधिक प्रभावित करता है। पटाखों का धुआं टीबी के खतरे को भी बढ़ा देता है। वर्ष 2010 के बाद से दिवाली पर प्रदूषण का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है।
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वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और पार्टिकुलेट आदि बढ़ जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदूषण के कारण सभी उम्र के रोगियों में घबराहट, सांस की बीमारी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मामलों में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पटाखों के धुएं से निकलने वाली हानिकारक गैसें कई सप्ताह तक हवा में सक्रिय रहती हैं।
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एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक बताते हैं कि पटाखे फोड़ने से हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, क्रोमियम, कैडमियम, मरकरी, लेड, मैग्नीशियम, जिंक और कॉपर जैसी हानिकारक गैसें निकलती हैं। इनके जहरीले धुएं से फेफड़ों की गंभीर बीमारियां होती हैं। हवा में सल्फर डाइऑक्साइड का बढ़ता स्तर श्वसन तंत्र को बीमार करता है। पोटेशियम क्लोरेट, सल्फर, आर्सेनिक सल्फेट, एल्यूमीनियम और तांबा जैसी भारी धातु, दीवाली के बाद हवा में प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं।
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ये उत्सर्जन श्वास के माध्यम से रक्त प्रवाह में प्रवेश करते हैं और कई घातक बीमारियो का कारण बन सकते हैं। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और क्रॉनिक रोगियों के पटाखे के धुएं के संपर्क में आने ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, टीबी और सीओपीडी आदि श्वसन सबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
दिवाली के बाद एक्यूट अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। कई बार पटाखे के धुएं से अस्थमा के रोगियों को अटैक भी पड़ता है। डॉ. मलिक ने बताते हैं कि ऊधम सिंह नगर में वर्तमान में करीब छह प्रतिशत बच्चे और दो प्रतिशत वयस्कों को अस्थमा की शिकायत हैं। साथ ही सितंबर तक टीबी के 2480 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं।

जिले में टीबी के मरीज
वर्ष - पंजीकृत मरीज
2015 - 2362
2016- 2219
2017- 2668
2018- 3166
2019- 4271
2020- 2480 (सितंबर तक)
स्वयं को धुएं से बचाने के उपाय
- धुएं से बचाने के लिए घर पर एयर फिल्टर लगाएं।
- नाक को एक मोटे कपड़े से ढकें।
- पटाखे का धुआं नजदीक से सीधे प्रभावित करता है, इसलिए ऐसे स्थानों से दूर रहें।
- धुएं से त्वचा की एलर्जी भी होती है, इसलिए पूरी बाजू के सूती कपड़े पहनें।
रुद्रपुर के लक्ष्य ने पटाखारहित दिवाली मनाने का लिया संकल्प
रुद्रपुर। शक्ति विहार कालोनी निवासी लक्ष्य बैद पुत्र राजेश बैद ने इस बार पटाखा रहित दिवाली मनाने का संकल्प लिया है। लक्ष्य ने कहा कि वह अपने दोस्तों को भी दिवाली में पटाखे न जलाने के लिए प्रेरित करेगा। ताकि वायुमंडल को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। लक्ष्य ने कहा कि वह अमर उजाला की पहल एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध के साथ है।

डॉ. हरेंद्र मलिक, एसीएमओ, ऊधमसिंह नगर।

डॉ. हरेंद्र मलिक, एसीएमओ, ऊधमसिंह नगर।- फोटो : RUDRAPUR

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