फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Elephant separated from each other

गजराज एक दूसरे से जुदा

Thu, 08 Sep 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा
अमर उजाला ब्यूरो खटीमा Updated Thu, 08 Sep 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई रेंज में चार दिन पूर्व पहुंचे गजराज एक दूसरे से जुदा हो गए हैं।एक पहुंचा यूपी तो दो यहां मौजूद जंगल से लगे ग्रामों में असुरक्षा का माहौल
 वन विभाग के अनुसार तीन हाथियों में से एक सुरई से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज पहुंच चुका है। दो हाथियों के सुरई रेंज में मौजूदगी के प्रमाण मिल रहे हैं।
विज्ञापन



मेलाघाट रोड वन शक्ति के पीछे हाथियों की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण सुरई रेंज के अधिकारियों को मिले हैं। पिछले तीन एवं चार सितंबर की रात्रि में सुरई रेंज पहुंचे तीन हाथी अब बिछुड़ गए हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी नवीन पंत ने अपनी टीम के साथ सुरई रेंज के कंपार्टों का जायजा लिया। जिसमें हाथियों के लिए सुरई कंपार्ट 24 व 26 महफूज बताए गए। तीन सितंबर रात्रि में जहां जंगल से लगे ग्राम संतना ऊंची महुवट में धान खाए गए वहीं यूपी जंगल सीमा से लौटते समय भी इसी स्थान पर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया।  
विज्ञापन
विज्ञापन



सुरई रेंज के रेंजर आरके मौर्य और प्रशिक्षु रेंजर हरीश नेगी ने बताया कि हाथी संभवत: वापस लौट रहे हैं। उन्होंने वनशक्ति मंदिर क्षेत्र में गजराजों के पांव के संकेत सरीखे निशान देखे। यहां पर इनकी संख्या दो बतायी जा रही है। रेंजर मौर्य एवं नेगी ने जंगल में आने-जाने वालों से सावधानी बरतने की भी अपील की है। सुुरई रेंज के कंपार्ट 24 व 26 को हाथियों के लिए महफूज बताते हुए उनके लिए यहां प्रचूर मात्रा में चारा भी बताया गया। गजराजों का प्रिय भोजन रोहिणी सहित ऊंची घास व बांस की उपलब्धता पर्याप्तता बतायी। वन दरोगा जशोद ने बग्घा क्षेत्र से पूर्व लगभग 60 हेक्टेअर क्षेत्र में बांस का जंगल बताया। फिलहाल हाथियों की सुरई रेंज में उपस्थिति के साथ ही जंगलों से संबंध रखने वालों की सुरक्षा के प्रति चिंता भी व्यक्त की है।


खटीमा। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डा. पराग मधुकर धकाते ने सुरई में हाथियों की उपस्थिति को सामान्य प्रक्रिया बताया। वन संरक्षक डा. धकाते ने मानव वन्य जीव संघर्ष की स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए उचित कार्रवाई करने को कहा।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed