UK News: 15 घंटे से तालाब में तड़प रहा हाथी, पैर जख्मी...दांत टूटा और जीभ कटी, फिर भी रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची
गूलरभोज से लालकुआं जा रही ओएमसी स्पेशल ट्रेन से टकराकर एक नर हाथी बुरी तरह घायल हो गया। घटना के 15 घंटे बाद भी रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी, और हाथी पानी के तालाब में तड़प रहा है।
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स्पेशल ट्रेन की चपेट में आने से रेलवे ट्रैक पार कर रहा एक नर हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना में हाथी के पिछले दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए। बायां दांत टूट गया और जीभ भी कट गई। तड़पते हुए वह पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। करीब 15 घंटे तड़पने के बाद रेस्क्यू टीम ने उसे तालाब से बाहर निकालकर इलाज शुरू किया।
शुक्रवार की रात गूलरभोज-लालकुआं रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने वाली स्पेशल ट्रेन ओएमएस (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) करीब 8:30 बजे रेलवे पोल संख्या 16/8 तिलपुरी गांव के पास पीपल पड़ाव रेंज से गुजर रही थी। इसी समय ट्रैक पार कर रहा 20 से 25 वर्ष उम्र का एक हाथी ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि हाथी मौके पर ही गिर गया और उसका बायां दांत टूटने के साथ ही जीभ भी कट गई। पिछले दोनों पैर भी बुरी तरह जख्मी हो गए। तड़पता हुआ हाथी पास में बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गया।
ग्रामीण महेंद्र सिंह डोगरा ने बताया कि घटना की सूचना रात टांडा रेंज के रेंजर रूपनारायण गौतम को दी गई। रात करीब 9:30 बजे टीम ने हाथी को दर्द निवारक दवाएं दीं। शनिवार सुबह हाथी के घायल होने की सूचना पर घटनास्थल पर ग्रामीणों का हुजूम एकत्र हो गया। शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे घटना के करीब 15 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से हाथी को पानी से बाहर निकाला। फिलहाल घायल हाथी का इलाज किया जा रहा है।
पूर्व में लगाए गए चेतावनी बोर्ड की अनदेखी
टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि घटनास्थल से लगभग 50 मीटर आगे 30 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड का कॉशन बोर्ड लगा है। यह बोर्ड आज से करीब तीन साल पहले एक हथिनी और उसके बच्चे की मौत के बाद लगाया गया था। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार रात को गुजरने वाली स्पेशल ट्रेन की स्पीड काफी तेज थी।
आगरा में हाथी का बहुत बड़ा रेस्क्यू सेंटर है। वहां के डॉक्टर से ऑनलाइन सुझाव लिया जा रहा है। घायल हाथी को हरसंभव इलाज दिया जा रहा है। - पीसी जोशी, रेंजर, पीपल पड़ाव
वन विभाग की ओर से रेल विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव जंतु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - रूप नारायण गौतम, वन क्षेत्राधिकारी, टांडा रेंज