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राष्ट्रवाद बनाम आतंकवाद का था चुनाव : भट्ट 

Thu, 23 May 2019 11:59 PM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
अमर उजाला ब्यूरो  Published by: अरुण कुमार Updated Thu, 23 May 2019 11:59 PM IST
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Election of Nationalism vs. Terrorism: Bhatt
bjp celebration - फोटो : विवेक निगम

नवनिर्वाचित सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि इस बार आम चुनाव राष्ट्रवाद बनाम आतंकवाद का था। जनता ने आतंकवादियों के नाम पर जी, सर और आप लगाने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जनता की जीत बताया। भट्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ईवीएम पर खड़े किए सवालों का भी करारा जवाब दिया। कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाने के बजाय आत्ममंथन करें कि कहां कमी रह गई। 

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बृहस्पतिवार को चुनाव परिणाम आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अजय भट्ट ने कहा कि सीएम रहे हरीश रावत को जनता ने दो बार पीछे धकेला। किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण सीट से करारी हार मिली और अब आम चुनाव में हार की खीज मिटाने के लिए विपक्ष के लोग ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं। कहा कि हरीश रावत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में मंत्री थे तो ईवीएम ठीक थी।
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10 वर्षों तक मनमोहन पीएम रहे। तब ईवीएम ठीक थी। पंजाब में अमरिंदर सिंह जीते तो ईवीएम ठीक थी। तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार आई तो ईवीएम ठीक थी। आज देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को दोबारा पीएम बनाने के लिए एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में मतदान किया तो ईवीएम खराब हैं। विपक्ष को ट्रेंड पता लग गया था, फेस सेविंग के लिए 10-15 दिन पहले से ही ईवीएम-ईवीएम करने लगे।
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कहा कि प्रमुख पार्टी के नेता राहुल गांधी आतंकवादियों को जी, आप, सर की इज्जत देंगे, देश के पीएम को गाली देंगे। पाकिस्तान का मनोबल बढ़ाने, भारत और सेना का मनोबल घटाने वाले बयान देंगे तो देश की प्रबुद्घ जनता ने उसका उत्तर दे दिया। उन्होंने विपक्षियों को राष्ट्र से खिलवाड़ न करने की सलाह दी। कहा कि गठबंधन बिखर गया है।

अब सांप और नेवले कल से एक-दूसरे पर पुन: वार करेंगे। पश्चिम बंगाल में डेढ़ गज का कफन, टूटीं चूड़ियां और बिंदी महिलाओं की दहलीज पर पड़ा होता है और महिलाएं कांप जाती हैं कि वोट देने नहीं जाना है। ऐसी स्थिति में भी वहां भाजपा के लिए मतदाता आगे आए। यह चुनाव मोदी बनाम विपक्षी दलों का था। भट्ट ने इस जीत को मोदी और जनता की जीत बताया। 

हरीश रावत को भाजपा में आने आमंत्रण दिया
अजय भट्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत को भाजपा में आने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि रावत उनके बड़े भाई जैसे है। उनके साथ मिलकर काम करने से प्रदेश आगे बढ़ेगा।

एचएमटी, जमरानी और जाम से मुक्ति दिलाना मेरी प्राथमिकता : अजय
रुद्रपुर। प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट ने कहा कि जमरानी बांध का निर्माण कराना उनकी प्राथमिकता होगी। कहा-एचएमटी बंद हो गई है उसे रिवाइव कराने क ा प्रयास किया जाएगा। नैनीताल में झील बैठ रही है, उसकी मरम्मत  कराई जाएगी। बलियानाला भी उनके ध्यान में है। ऊधमसिंह नगर जिले में पांच-छह तालाब हैं, उनके माध्यम से टूरिज्म पर काम करने के साथ विद्युत उत्पादन करने की दिशा में काम की योजना है। 

ये काम भी रहेंगे प्राथमिकता में
- जाम के झाम से निपटने के लिए हल्द्वानी में रिंग रोड समेत अन्य योजनाओं पर काम करेंगे।
- केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में लाने का प्रयास होगा। बेरोजगारों के लिए केंद्रीय संस्थानों को भी उत्तराखंड में लाने का प्रयास किया जाएगा। 
- खटीमा नेपाल सीमा से सटा हुआ है, वहां दो से तीन हजार किमी सड़कों को मंजूरी दिलाना प्राथमिकता होगी।
- 12 हजार करोड़ के विद्युत प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएंगे। पर्यटन क्षेत्र में काम करेंगे
- कुमाऊं के मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। 
- पंचेश्वर बांध का निर्माण पूरा कराएंगे। 


तीन माह तक सोचूंगा कि आगे क्या करना है : हरीश रावत
हल्द्वानी।  यहां स्वराज आश्रम में प्रेसवार्ता में हरीश रावत ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि इस पर मंथन किया जाएगा। राज्य में मिली हार पर भी विमर्श करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने के बाद तीन माह तक सोचूंगा कि आगे क्या करना है। कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सुधार हुआ है। देश में एक बड़े तबके का विश्वास जीतने में सफल हुए। मशीन से निकलने वाले नतीजों को लेकर कुछ भाजपा के बयान वीर पहले से ही घोषणा कर रहे थे।

रावत ने कहा कि नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से मेरा लड़ने का मकसद यह जानना था कि कांग्रेस निरंतर क्यों हार रही है। जीत के साथ ही परिवर्तन की उम्मीद थी मगर ऐसा हो नहीं पाया। अब युवाओं को आगे लेकर चलना है और गहराई से कांग्रेस की हार पर मंथन करना है ताकि कांग्रेस को दोबारा उसके सौंदर्य पर खड़ा किया जा सके।

कहा कि अब मेरा सोपान आया है और अब मेरे लिए आवश्यक है कि आराम करने के साथ ही सोचूं। कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूरी शिद्दत से काम किया। उनकी मेहनत को मैं जीत में नहीं बदल पाया। कांग्रेस एक टीम है। किसी व्यक्ति विशेष की टीम नहीं होती है। सिर्फ चेहरा बदलता है।

हरीश रावत ने बड़े नेताओं के साथ नहीं चलने पर कहा कि समय सब दिशाओं को ठीक कर देता है और जो दिशा भ्रम के शिकार होंगे, उनको समय ठीक कर देगा। जब दिशा ठीक हो जाएगी तो दशा भी ठीक हो जाएगी। साफ शब्दों में कहा कि राहुल के नेतृत्व में केरल, पंजाब और तमिलनाडू समेत अन्य स्थानों पर जीत मिली है। ईवीएम के सवाल पर बोले कि टेक्नालाजी में सब संभव है और उसको दाएं या बाएं कमांड देकर चलाया जा सकता है।

मोदी हैं तो ईवीएम टैंपरिंग संभव है : रावत

रुद्रपुर। नैनीताल लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा है। शुरुआती रुझानों से ही आगे चल रहे भाजपा प्रत्याशी के जीत का आंकड़ा निरंतर बढ़ता देख दोपहर करीब सवा घंटे मतगणना स्थल पर रहे हरीश रावत मायूस दिखे। उन्होंने मीडिया के समक्ष ईवीएम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश में मोदी हैं तो ईवीएम टैंपरिंग भी संभव है।

बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे बगवाड़ा मंडी स्थित मतगणना स्थल पर जिले की सभी नौ विधानसभाओं के वोटों की गिनती शुरू हुई। मतगणना की शुरुआत होने के बाद करीब 9: 45 बजे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी पहुंच गए। उन्होंने करीब 11 बजे तक मतगणना स्थल पर ही रुझान जानें और फिर भाजपा की निरंतर बढ़त को देखते हुए वहां से चले गए। मंडी गेट पर रावत ने पत्रकारों से बातचीत की तो हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ दिया।

रावत ने कहा कि कांग्रेस के कुछ परंपरागत वोट वाली जगहों पर भी भाजपा को ही एकतरफा वोट पड़ा है। इससे संदेह पैदा होता है। जब हमने देश में मोबाइल की शुरुआत की थी, तब मोबाइल फोन मोटे हुआ करते थे और अब मोबाइल स्लिम होने के साथ ही घड़ी में भी आ रहा है। जब टेक्नोलॉजी में बदलाव संभव है तो ईवीएम भी तो एक टेक्नोलॉजी आधारित मशीन है।

उसमें बदलाव क्यों नहीं हो सकता। कहा कि पूरे देश में भाजपा की बढ़त से लगता है कि राजनीतिक दलों की ओर से जो डर और संदेह प्रकट किया जा रहा था, वह सही साबित होगा। यह मतगणना के निर्णर्यों पर दिखाई भी दे रहा है। ईवीएम टेक्नोलॉजी को टैंपर किया जा सकता है। हम किसी पर निशाना नहीं साध रहे, वास्तविकता को कह रहे हैं।

ये रहे हरीश रावत की हार के कारण
= कांग्रेस के किसी बड़े नेता का प्रचार में न आना।
= कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी।
= जमीनी स्तर पर संगठन का बेहद कमजोर होना।
= सभी विधानसभाओं में जाने के बाद भी कांग्रेस की नीति के प्रति लोगों को आकर्षित न कर पाना।
= राफेल, बेरोजगारी, नोटबंदी और जीएसटी पर प्रचार का फोकस।
= मोदी हटाने का उचित कारण न बता पाना।
= राष्ट्रवाद को नकारना और बालाकोट पर सवाल खड़े करना। 

कोश्यारी तो शहर छोड़कर भाग गए
हल्द्वानी। कोश्यारी की ओर से रावत पर साधे गए निशाने के जवाब में कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत ने कहा कि वह (हरीश) तो शहर छोड़कर नहीं भागे, मगर सांसद भगत सिंह कोश्यारी शहर छोड़कर भाग गए। भाजपा की जीत हुई है और जीतने वाले को कहने का हक होता है। कहा कि राज्य सरकार के आगे पेयजल किल्लत से निपटना सबसे बड़ी चुनौती है। साथ ही नए जनप्रतिनिधि जनता के आकांक्षा और आशाओं पर खरा उतरे ऐसी उम्मीद करता हूं।


मेहनत के साथ ही मिलकर काम करना होगा
हल्द्वानी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि चुनाव के परिणाम के बाद गंभीर तरीके से विश्लेषण करना होगा। जिन प्रांतों में कांग्रेस की सरकार है, वहां भी कमजोर स्थिति रही है। परिश्रम और मेहनत करने की जरूरत है। बारीकी से बात करनी होगी। मिलकर काम करते हुए चुनाव जीते के लिए नक्शा खींचना होगा। हताश और निराश होने की जरूरत नहीं है कांग्रेस फिर लौटेगी। कहा कि संगठन के स्तर पर कड़ी मेहनत करके उसे मजबूती के साथ खड़ा करना होगा। 

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