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पार्वती मैम के अथक प्रयासों से बढ़ी विद्यार्थियों की संख्या
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पार्वती देवी, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी फाजिलपुर महरौला।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। आज शिक्षक दिवस है इसलिए ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी जिक्र होना चाहिए जिन्होंने अपनी नौकरी को अपना कर्तव्य समझा। रुद्रपुर के फाजिलपुर महरौला जीजीआईसी की प्रधानाचार्य पार्वती देवी की शख्सियत भी कुछ ऐसी ही है।
पार्वती देवी ने जब फाजिलपुर महरौला जीजीआईसी के प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया था। उस समय कॉलेज में कक्षा छह से लेकर 12वीं तक की छात्राओं की संख्या सिर्फ 260 थी। उनके अथक प्रयासों से छात्राओं की संख्या करीब चार गुना बढ़कर 1007 पहुंच गई है। कई जरूरतमंद बच्चों की बोर्ड परीक्षा फार्म की फीस भी वह खुद से भर चुकी हैैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने 20 छात्राओं की फीस भरी थी। छात्राएं भी स्कूल में उनको ही अपना अभिभावक मानती हैं।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक मजदूर परिवार में जन्मी पार्वती देवी बताती हैं कि जरूरतमंद बच्चे पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों पर ही निर्भर हैं। यदि बीच में उनकी पढ़ाई छूट जाए तो फिर उनका आगे पढ़ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए वह अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही नए शिक्षा सत्र शुरू होने पर घर-घर जाकर लोगों से बच्चों का एडमिशन करवाती हैं। अपने स्कूल में किसी भी छात्रा को ड्रॉप आउट नहीं होने देती हैं।
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जीजीआईसी की चहारदीवारी भी बनवाई
रुद्रपुर। फाजिलपुर महरौला जीजीआईसी में पहले चहारदीवारी नहीं थी जिस कारण छात्राओं को काफी दिक्कतें होती थीं। प्रधानाचार्य पार्वती देवी के प्रयासों से सीएसआर, जिला योजना से स्कूल की चहारदीवारी का निर्माण करवाया गया। इसके साथ ही स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़ने पर दूसरी मंजिल में नए कक्षों का निर्माण भी करवाया। संवाद
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पार्वती देवी ने जब फाजिलपुर महरौला जीजीआईसी के प्रधानाचार्य का पदभार ग्रहण किया था। उस समय कॉलेज में कक्षा छह से लेकर 12वीं तक की छात्राओं की संख्या सिर्फ 260 थी। उनके अथक प्रयासों से छात्राओं की संख्या करीब चार गुना बढ़कर 1007 पहुंच गई है। कई जरूरतमंद बच्चों की बोर्ड परीक्षा फार्म की फीस भी वह खुद से भर चुकी हैैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने 20 छात्राओं की फीस भरी थी। छात्राएं भी स्कूल में उनको ही अपना अभिभावक मानती हैं।
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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक मजदूर परिवार में जन्मी पार्वती देवी बताती हैं कि जरूरतमंद बच्चे पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूलों पर ही निर्भर हैं। यदि बीच में उनकी पढ़ाई छूट जाए तो फिर उनका आगे पढ़ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसलिए वह अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही नए शिक्षा सत्र शुरू होने पर घर-घर जाकर लोगों से बच्चों का एडमिशन करवाती हैं। अपने स्कूल में किसी भी छात्रा को ड्रॉप आउट नहीं होने देती हैं।
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जीजीआईसी की चहारदीवारी भी बनवाई
रुद्रपुर। फाजिलपुर महरौला जीजीआईसी में पहले चहारदीवारी नहीं थी जिस कारण छात्राओं को काफी दिक्कतें होती थीं। प्रधानाचार्य पार्वती देवी के प्रयासों से सीएसआर, जिला योजना से स्कूल की चहारदीवारी का निर्माण करवाया गया। इसके साथ ही स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़ने पर दूसरी मंजिल में नए कक्षों का निर्माण भी करवाया। संवाद