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यूकेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी सूची से नदारद
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कमेंद्र सिंह।
- फोटो : RUDRAPUR
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पंतनगर। उत्तराखंड राज्य (सिविल) प्रवर अधीनस्थ सेवा-2021 की तीन अप्रैल को संपन्न प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 26 मई को घोषित कर दिया गया है। इस सूची से जीबी पंत कृषि विवि के करीब 200 सफल छात्रों के नाम नदारद हैं। इन छात्रों ने सचिव लोक सेवा आयोग को प्रत्यावेदन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है ताकि वह भी मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकें।
पंतनगर विवि के एक छात्र ने बताया कि प्रवर अधीनस्थ सेवा-2021 की प्रारंभिक परीक्षा के घोषित परिणाम में उद्यान विकास अधिकारी (उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग) के पद के लिए विज्ञापन में अनिवार्य शैक्षिक अर्हता उद्यान विज्ञान में स्नातक (कृषि), बीएससी कृषि अथवा उद्यान विषय में समकक्ष उपाधि थी जिसकी कट ऑफ मार्क्स अनारक्षित श्रेणी के लिए 18.23 व अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 28.65 अंक हैं। बताया कि वह बीएससी (कृषि) स्नातक स्तर पर उद्यान विषय के साथ स्नातक उपाधि की अनिवार्य अर्हता धारित करता है और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 71.62 अंक (जीएस परीक्षा में 71.62 व जीएपी परीक्षा में 72.73 अंक) हासिल करने के बाद भी उसका नाम उद्यान विकास अधिकारी की मुख्य परीक्षा के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची में नहीं है। इसके चलते उसे कट ऑफ मार्क्स क्लीयर करने के बावजूद आयोग ने मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया है।
एक अन्य छात्र ने बताया कि 10.08.2021 को विज्ञापित पदनाम पौध सुरक्षा अधिकारी व मशरूम विकास अधिकारी पद की शैक्षिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विवि या संस्थान से संबंधित विषय में विज्ञान स्नातकोत्तर (कृषि) या विज्ञान स्नातकोत्तर उपाधि का उल्लेख किया गया था।
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इस पद के सापेक्ष घोषित परीक्षा परिणाम में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया है जबकि वह बीएससी कृषि व एमएससी कृषि उपाधि धारक है।
इसके अलावा एक अन्य छात्र ने बताया कि सहायक गन्ना आयुक्त पद के लिए शैक्षिक अर्हता किसी मान्यता प्राप्त विवि से कृषि में स्नातक उपाधि और सहायक निदेशक (कृषि सेवा श्रेणी-2 अभियंत्रण शाखा) के लिए अर्हता किसी विवि से कृषि अभियंत्रण में स्नातक उपाधि या उसके समकक्ष मांगी गई थी। भिन्न-भिन्न शैक्षिक अर्हताओं के बावजूद परीक्षा परिणाम में 15 छात्र दोनों पदों पर सफल दर्शाए गए हैं। छात्रों ने यह भी बताया कि दरअसल आयोग की ओर से विज्ञापित पदों के लिए जो शैक्षिक अर्हता मांगी गई है, वह उसे धारित करते हैं लेकिन पत्राचार करने पर आयोग नियमावली का हवाला देकर स्वयं को सही ठहरा रहा है।
- यह छात्र भ्रमित हैं, पदों के विज्ञापन में शैक्षिक अर्हता का साफ-साफ उल्लेख है। मेरे पास भी पंतनगर विवि के कई छात्रों की शिकायत आई है। इस मामले को कार्यालय खुलने पर चेक करवा लिया जाएगा। - कर्मेंद्र सिंह, सचिव, लोक सेवा आयोग।
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पंतनगर विवि के एक छात्र ने बताया कि प्रवर अधीनस्थ सेवा-2021 की प्रारंभिक परीक्षा के घोषित परिणाम में उद्यान विकास अधिकारी (उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग) के पद के लिए विज्ञापन में अनिवार्य शैक्षिक अर्हता उद्यान विज्ञान में स्नातक (कृषि), बीएससी कृषि अथवा उद्यान विषय में समकक्ष उपाधि थी जिसकी कट ऑफ मार्क्स अनारक्षित श्रेणी के लिए 18.23 व अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 28.65 अंक हैं। बताया कि वह बीएससी (कृषि) स्नातक स्तर पर उद्यान विषय के साथ स्नातक उपाधि की अनिवार्य अर्हता धारित करता है और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 71.62 अंक (जीएस परीक्षा में 71.62 व जीएपी परीक्षा में 72.73 अंक) हासिल करने के बाद भी उसका नाम उद्यान विकास अधिकारी की मुख्य परीक्षा के लिए सफल अभ्यर्थियों की सूची में नहीं है। इसके चलते उसे कट ऑफ मार्क्स क्लीयर करने के बावजूद आयोग ने मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया है।
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एक अन्य छात्र ने बताया कि 10.08.2021 को विज्ञापित पदनाम पौध सुरक्षा अधिकारी व मशरूम विकास अधिकारी पद की शैक्षिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विवि या संस्थान से संबंधित विषय में विज्ञान स्नातकोत्तर (कृषि) या विज्ञान स्नातकोत्तर उपाधि का उल्लेख किया गया था।
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इस पद के सापेक्ष घोषित परीक्षा परिणाम में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया है जबकि वह बीएससी कृषि व एमएससी कृषि उपाधि धारक है।
इसके अलावा एक अन्य छात्र ने बताया कि सहायक गन्ना आयुक्त पद के लिए शैक्षिक अर्हता किसी मान्यता प्राप्त विवि से कृषि में स्नातक उपाधि और सहायक निदेशक (कृषि सेवा श्रेणी-2 अभियंत्रण शाखा) के लिए अर्हता किसी विवि से कृषि अभियंत्रण में स्नातक उपाधि या उसके समकक्ष मांगी गई थी। भिन्न-भिन्न शैक्षिक अर्हताओं के बावजूद परीक्षा परिणाम में 15 छात्र दोनों पदों पर सफल दर्शाए गए हैं। छात्रों ने यह भी बताया कि दरअसल आयोग की ओर से विज्ञापित पदों के लिए जो शैक्षिक अर्हता मांगी गई है, वह उसे धारित करते हैं लेकिन पत्राचार करने पर आयोग नियमावली का हवाला देकर स्वयं को सही ठहरा रहा है।
- यह छात्र भ्रमित हैं, पदों के विज्ञापन में शैक्षिक अर्हता का साफ-साफ उल्लेख है। मेरे पास भी पंतनगर विवि के कई छात्रों की शिकायत आई है। इस मामले को कार्यालय खुलने पर चेक करवा लिया जाएगा। - कर्मेंद्र सिंह, सचिव, लोक सेवा आयोग।