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कालेज खुलेः पढ़ाने वालों की तैयारी अधूरी, पढ़ने वालों ने भी बनाई दूरी
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राज सिंह, छात्र, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।
- फोटो : RUDRAPUR
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कोरोना महामारी के करीब आठ माह बाद मंगलवार को अधूरी तैयारियों के चलते रुद्रपुर डिग्री कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका। कॉलेज खुलने की सूचना पर पहुंचे गिने चुने (आठ से दस फीसदी) छात्र-छात्राओं को वापस लौटना पड़ा। कॉलेज प्रशासन ने बृहस्पतिवार से शिक्षण कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पिछले बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 15 दिसंबर से उच्च शिक्षण संस्थान का खोलने का निर्णय था लेकिन तय तिथि पर रुद्रपुर डिग्री कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका। कॉलेज खुलने की सूचना पर कई छात्र-छात्राएं पहुंचे लेकिन कक्षाएं न चल पाने के कारण वह वापस लौट गए। कक्षाएं शुरू न होने के कारण कई छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताई। हालांकि कॉलेज में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया पूर्व से जारी है। इधर, कॉलेज परिसर में प्रवेश से पहले सभी छात्र-छात्राओं की गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
सरकार की एसओपी के अनुुसार कॉलेज में शिक्षण कार्य को तैयारियां पूरी नहीं हो सकीं थीं। सोमवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि बुधवार को सैनिटाइजेशन के बाद बृहस्पतिवार से कॉलेज में प्रैक्टिकल विषय की पढ़ाई होगी। कुछ अन्य विषयों को भी ऑफलाइन पढ़ाने की तैयारी है। - डॉ. राकेश कुमार पांडेय, प्रभारी प्राचार्य, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।
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मंगलवार को डिग्री कॉलेज औपचारिक रूप से नहीं खुल सका। हालांकि कॉलेज का स्टाफ पहले से ही ड्यूटी पर पहुंच रहा है। कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया भी चल रही है। कॉलेज गेट पर प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। बृहस्पतिवार से औपचारिक रूप से कॉलेज खुलने के बाद शिक्षण कार्य शुरू होगा। - डॉ. मनीषा तिवारी, एसोसिएट प्रोफेसर, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।
मैं बीएससी की छात्रा हूं। मंगलवार से कॉलेज में प्रैक्टिकल विषय की पढ़ाई शुरू होने की सूचना थी लेकिन कॉलेज पहुंचने पर पता चला कि अब दो दिन बाद बृहस्पतिवार से पढ़ाई शुरू होगी। - रितांशी बघेल, छात्रा।
कॉलेज में मंगलवार से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होनी थी लेकिन अधूरी तैयारियों के कारण पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। बीएससी के कई छात्र-छात्राओं को वापस लौटना पड़ा। अब कॉलेज खुलने चाहिए। - अलका, छात्रा
कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण कैबिनेट की बैठक के फैसले के बावजूद रुद्रपुर कॉलेज में कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। इस कारण दूरस्थ स्थानों से पहुंचे छात्र-छात्राएं परेशान रहे। - राघव सिंह, छात्र।
ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई ठीक प्रकार से नहीं हो पा रही है। मंगलवार से ऑफलाइन पढ़ाई होने की उम्मीद थी लेकिन तय तिथि पर कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका। - राज सिंह, छात्र।
काशीपुर के डिग्री कॉलेजों में भी नहीं हुई पढ़ाई
काशीपुर। कोरोना के कारण बंद पड़े डिग्री कॉलेजों को मंगलवार से शिक्षण कार्य शुुरू करने के लिए खोला गया था लेकिन छात्र-छात्राओं के न पहुंचने से शिक्षण कार्य नहीं हो सका। राधेहरि डिग्री कॉलेज में मात्र दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही पहुंचे और जानकारी लेकर लौट गए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रराम ने बताया कि शिक्षण कार्य शुरू करवाने के लिए टाइमटेबल तैयार किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को कॉलेज भेजने के लिए उनके अभिभावकों से भी अनुमति मांगी गई है, जिनके पास अनुमति होगी उन्हें ही कक्षाओं में बैठाया जाएगा। फिलहाल सिर्फ प्रयोगात्मक विषय के छात्र-छात्राओं के लिए ही कॉलेज में शिक्षण कार्य शुुरू करने की व्यवस्था की गई है।
इधर, चंद्रावती कन्या महाविद्यालय में बुधवार से प्रयोगात्मक विषय वाली छात्राओं का शिक्षण कार्य शुरू होगा। कॉलेज में सुबह के समय कुछ छात्राएं पहुंचीं लेकिन प्रवेश के लिए पहुंचने वाली छात्राओं की संख्या अधिक थी। कुछ छात्राओं के पास उनके अभिभावकों के सहमति पत्र नहीं थे, जिसके चलते कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें भेज दिया। कॉलेज की प्राचार्य कीर्ति पंत ने बताया कि 16 दिसंबर से प्रयोगात्मक विषय की छात्राओं की पढ़ाई होगी।
इसमें स्नातक स्तर पर चित्रकला, गृह विज्ञान, आईटी, संगीत और स्नातकोत्तर स्तर पर चित्रकला, गृह विज्ञान विषय की छात्राओं के अधिकतम 20 बैच बनाए गए हैं। छात्राओं को कॉलेज आने के लिए अभिभावकों का सहमति पत्र लाना आवश्यक है। राज्य के बाहर से आनी वाली छात्राओं को आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना भी अनिवार्य है।
सितारगंज में 40 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे
सितारगंज/खटीमा। क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष में पंजीकृत सौ विद्यार्थियों में से 40 ही पहुंचे, जिनकी सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक कक्षाएं संचालित हुईं। प्राचार्य डॉ. सुभाष वर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन कराया गया। उधर, खटीमा के हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में भी गिनेचुने ही विद्यार्थी पहुंचे। उनमें भी अधिकतर वे विद्यार्थी थे जो प्रवेश के लिए पहुंचे थे।
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पिछले बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में 15 दिसंबर से उच्च शिक्षण संस्थान का खोलने का निर्णय था लेकिन तय तिथि पर रुद्रपुर डिग्री कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका। कॉलेज खुलने की सूचना पर कई छात्र-छात्राएं पहुंचे लेकिन कक्षाएं न चल पाने के कारण वह वापस लौट गए। कक्षाएं शुरू न होने के कारण कई छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताई। हालांकि कॉलेज में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया पूर्व से जारी है। इधर, कॉलेज परिसर में प्रवेश से पहले सभी छात्र-छात्राओं की गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
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सरकार की एसओपी के अनुुसार कॉलेज में शिक्षण कार्य को तैयारियां पूरी नहीं हो सकीं थीं। सोमवार को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि बुधवार को सैनिटाइजेशन के बाद बृहस्पतिवार से कॉलेज में प्रैक्टिकल विषय की पढ़ाई होगी। कुछ अन्य विषयों को भी ऑफलाइन पढ़ाने की तैयारी है। - डॉ. राकेश कुमार पांडेय, प्रभारी प्राचार्य, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।
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मंगलवार को डिग्री कॉलेज औपचारिक रूप से नहीं खुल सका। हालांकि कॉलेज का स्टाफ पहले से ही ड्यूटी पर पहुंच रहा है। कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया भी चल रही है। कॉलेज गेट पर प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। बृहस्पतिवार से औपचारिक रूप से कॉलेज खुलने के बाद शिक्षण कार्य शुरू होगा। - डॉ. मनीषा तिवारी, एसोसिएट प्रोफेसर, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।
मैं बीएससी की छात्रा हूं। मंगलवार से कॉलेज में प्रैक्टिकल विषय की पढ़ाई शुरू होने की सूचना थी लेकिन कॉलेज पहुंचने पर पता चला कि अब दो दिन बाद बृहस्पतिवार से पढ़ाई शुरू होगी। - रितांशी बघेल, छात्रा।
कॉलेज में मंगलवार से ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होनी थी लेकिन अधूरी तैयारियों के कारण पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। बीएससी के कई छात्र-छात्राओं को वापस लौटना पड़ा। अब कॉलेज खुलने चाहिए। - अलका, छात्रा
कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण कैबिनेट की बैठक के फैसले के बावजूद रुद्रपुर कॉलेज में कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। इस कारण दूरस्थ स्थानों से पहुंचे छात्र-छात्राएं परेशान रहे। - राघव सिंह, छात्र।
ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई ठीक प्रकार से नहीं हो पा रही है। मंगलवार से ऑफलाइन पढ़ाई होने की उम्मीद थी लेकिन तय तिथि पर कॉलेज में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका। - राज सिंह, छात्र।
काशीपुर के डिग्री कॉलेजों में भी नहीं हुई पढ़ाई
काशीपुर। कोरोना के कारण बंद पड़े डिग्री कॉलेजों को मंगलवार से शिक्षण कार्य शुुरू करने के लिए खोला गया था लेकिन छात्र-छात्राओं के न पहुंचने से शिक्षण कार्य नहीं हो सका। राधेहरि डिग्री कॉलेज में मात्र दस फीसदी छात्र-छात्राएं ही पहुंचे और जानकारी लेकर लौट गए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रराम ने बताया कि शिक्षण कार्य शुरू करवाने के लिए टाइमटेबल तैयार किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को कॉलेज भेजने के लिए उनके अभिभावकों से भी अनुमति मांगी गई है, जिनके पास अनुमति होगी उन्हें ही कक्षाओं में बैठाया जाएगा। फिलहाल सिर्फ प्रयोगात्मक विषय के छात्र-छात्राओं के लिए ही कॉलेज में शिक्षण कार्य शुुरू करने की व्यवस्था की गई है।
इधर, चंद्रावती कन्या महाविद्यालय में बुधवार से प्रयोगात्मक विषय वाली छात्राओं का शिक्षण कार्य शुरू होगा। कॉलेज में सुबह के समय कुछ छात्राएं पहुंचीं लेकिन प्रवेश के लिए पहुंचने वाली छात्राओं की संख्या अधिक थी। कुछ छात्राओं के पास उनके अभिभावकों के सहमति पत्र नहीं थे, जिसके चलते कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें भेज दिया। कॉलेज की प्राचार्य कीर्ति पंत ने बताया कि 16 दिसंबर से प्रयोगात्मक विषय की छात्राओं की पढ़ाई होगी।
इसमें स्नातक स्तर पर चित्रकला, गृह विज्ञान, आईटी, संगीत और स्नातकोत्तर स्तर पर चित्रकला, गृह विज्ञान विषय की छात्राओं के अधिकतम 20 बैच बनाए गए हैं। छात्राओं को कॉलेज आने के लिए अभिभावकों का सहमति पत्र लाना आवश्यक है। राज्य के बाहर से आनी वाली छात्राओं को आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना भी अनिवार्य है।
सितारगंज में 40 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे
सितारगंज/खटीमा। क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालय में बीएससी प्रथम वर्ष में पंजीकृत सौ विद्यार्थियों में से 40 ही पहुंचे, जिनकी सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक कक्षाएं संचालित हुईं। प्राचार्य डॉ. सुभाष वर्मा ने बताया कि सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन कराया गया। उधर, खटीमा के हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में भी गिनेचुने ही विद्यार्थी पहुंचे। उनमें भी अधिकतर वे विद्यार्थी थे जो प्रवेश के लिए पहुंचे थे।

अलका, छात्रा, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।- फोटो : RUDRAPUR

रितांशी बघेल, छात्रा, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।- फोटो : RUDRAPUR

डॉ. मनीषा तिवारी, एसोसिएट प्रोफेसर, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।- फोटो : RUDRAPUR

डॉ. आरके पांडेय, प्रभारी प्राचार्य, रुद्रपुर डिग्री कॉलेज।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर डिग्री कॉलेज में मंगलवार को कक्षाएं शुरू न होने पर लौटतीं छात्राएं।- फोटो : RUDRAPUR

काशीपुर के चंद्रावती कन्या डिग्री कॉलेज में प्रवेश के लिए पहुंची छात्राएं।- फोटो : KASHIPUR

रुद्रपुर डिग्री कॉलेज गेट पर छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग करता सुरक्षा कर्मी।- फोटो : RUDRAPUR