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अमर उजाला शिक्षा अभियान : अब स्कूल पहुंचे विद्यार्थी तो आई असली इम्तिहान की घड़ी

Fri, 25 Mar 2022 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर
अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Fri, 25 Mar 2022 12:27 AM IST
सार

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं व 12वीं की ऑफलाइन बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह है। उन्हें कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने से ऑफलाइन क्लासेस कम मिली।

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Amar Ujala shiksha abhiyan Now the students reached the school the time of real examination came
जिज्ञासा - फोटो : KASHIPUR

विस्तार

काशीपुर में कोरोना की पाबंदियां खत्म होने के बाद अब विद्यार्थियों के सामने ऑफलाइन परीक्षाओं में बेहतर करने की चुनौती है। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। हर विद्यार्थी इसे गंभीरता से ले रहा है। उनका कहना है कि बीते दो साल में जिस तरह बच्चों को प्रमोट किया गया है, ऐसे में होनहार छात्रों को अपनी शैक्षिक क्षमता के मुताबिक अंक नहीं मिल सके हैं। अब असली परीक्षा का समय आ गया है।

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उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं व 12वीं की ऑफलाइन बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह है। उन्हें कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने से ऑफलाइन क्लासेस कम मिली। इसके बावजूद उन्होंने घर में रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की।
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जब स्कूल खुले तब छात्रों अपने शिक्षक से क्लास में कोर्स संबंधी प्रश्नों का सही से उत्तर पाया। साथ ही उनसे प्रश्नों का आसानी से हल करने के टिप्स ले रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच बहुत से बच्चे ऑफलाइन परीक्षा के लिए अवसाद में हैं। इसकी मुख्य वजह ऑनलाइन पढ़ाई में बहुत से छात्रों ने समय ही नहीं दिया। ऐसे बच्चों को शिक्षक अब काउंसिलिंग करके उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं।
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क्या कहना है छात्रों का
कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई से कोई खास लाभ नहीं मिला। कई बार न तो हम बात रख पाते थे और न ही शिक्षक हमें समझा पाते थे। ऑफलाइन पढ़ाई जब शुरू हुई तो काफी लाभ मिला। बीते दो वर्ष में जैसे छात्रों को प्रमोट किया गया उससे काफी हद तक शैक्षिक योग्यता का स्तर गिर गया। मैंने तो गणित की ट्यूशन भी लगाई है और अब मैं पूरी तरह से परीक्षा के लिए तैयार हूं। इससे मेरी सालभर की मेहनत का परिणाम मिलेगा। -तनिष कुमार, कक्षा-10, तुलाराम राजाराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, काशीपुर।

ऑफलाइन कक्षाओं से मदद मिली
जब संक्रमण के चलते स्कूल बंद थे, तब ऑनलाइन पढ़ाई में काफी परेशानी हुई। एक मोबाइल है जो कि कई बार मेरे भाई अपने साथ ले जाते थे। वहीं जब ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हुईं तब काफी खुशी मिली कि अब शिक्षक से सीधे तौर पर अपनी समस्या का समाधान करा सकूंगी। मैं 5 से 6 घंटे तक पढ़ाई करती हूं और 90 से अधिक अंक आने की उम्मीद है। -अंशु कुमारी, कक्षा-10, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, किली स्ट्रीट।

अब 90 प्रतिशत से अधिक अंक आने की उम्मीद
वर्चुअल क्लासेस में काफी समस्या आई, लेकिन जब ऑफलाइन कक्षाएं शुरू हुईं तो शिक्षकों के सामने से अपनी समस्या का समाधान कराने का मौका मिला। अब मैं पूरी तरह से परीक्षा के लिए तैयार हूं। मैंने वर्ष 2020 में हाईस्कूल परीक्षा में 95 फीसदी अंक हासिल करके मेरिट में 13वीं रैंक पाई थी। अब इंटर में 90 प्रतिशत से अधिक अंक आने की उम्मीद है, क्योंकि भौतिक रूप से कक्षाएं नहीं मिलीं। -निखिल कुमार, कक्षा 12वीं, तुलाराम राजाराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, काशीपुर।

कोरोना संक्रमण के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई में काफी परेशानी होती थी। विषय संबंधी यदि हम कुछ जानकारी लेना चाहते थे तो उसे समझना मुश्किल होता था। वहीं जो बीते वर्ष में छात्रों को प्रमोट किया गया वह गलत था। मैंने वर्ष 2020 में हाईस्कूल परीक्षा में 97.8 फीसदी अंक हासिल करके मेरिट में सेकेंड रैंक पाई थी और अब इंटर में 95 प्लस की उम्मीद है। -जिज्ञासा कुमारी, कक्षा-12वीं, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, किली स्ट्रीट।

प्रधानाचार्य बोले
हमने छात्रों के अभिभावकों से उनकी तैयारी व पढ़ाई को लेकर बात की। साथ ही ग्रुप बनाकर बच्चों से लगातार संपर्क में रहे। ऑनलाइन पढ़ाई में समस्याएं तो आईं लेकिन जब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई तो बच्चों को इसका बड़ा लाभ मिला। बच्चों की योग्यता परखने के लिए प्रतिदिन एक विषय का टेस्ट लिया जाता था ताकि बच्चों की तैयारी का मूल्यांकन किया जा सके। साथ ही हमने हाईस्कूल के 20 छात्रों और इंटर के 15 ऐसे छात्रों का चयन किया है जो वाकई में मेरिट के हकदार हैं। हमारे शिक्षक इन छात्रों को बेहतर अंक पाने के लिए टिप्स देते रहते हैं। - त्रिवेंद्र सिंह चौहान, प्रधानाचार्य तुलाराम राजाराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, काशीपुर।


हमने कोरोना काल के दौरान बेहतर पढ़ाई नहीं होने पर छात्रों को बताया कि वह स्कूल टाइम में किसी भी समय आकर अपनी कोर्स संबंधी समस्या का समाधान करा सकते हैं। साथ ही सभी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वह जब भी छात्र विषय संबंधी कोई जानकारी लें तो उसे बताया जाए। बच्चों को बेहतर अंक लाने के टिप्स दिए गए। साथ ही उनकी काउंसिलिंग की। बीते दिन इंटरमीडिएट के छात्रों के विदाई समारोह के दौरान भी शिक्षकों ने बेहतर अंक लाने के टिप्स दिए। -सुभाष शर्मा, प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, किली स्ट्रीट।

 

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