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बारिश से गेहूं पड़ा काला, दाना भी छोटा
ब्यूरो/अमर उजाला, किच्छा (ऊधमसिंह नगर)
Updated Tue, 07 Apr 2015 09:56 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के बाद गेहूं की बदहाली से किसान परेशान हैं। आजादनगर के किसानों के मुताबिक इस साल बेमौसमी बरसात ने तीस से चालीस फीसदी फसल चौपट की हैं।
अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात से गेहूं का रंग खराब और दाना भी छोटा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान तबका फसल खराब हो जाने से परेशान हैं। आजादनगर निवासी भीमसेन पुजारा, गुरदयाल फुटेला ने बताया कि बारिश से फसल तीस चालीस प्रतिशत खराब हुई है।
बताया कि जहां किसान हर साल गेहूं की बीस से लेकर पच्चीस बोरे प्रति कुंतल की उपज लेता था, वहां इस बार बारह से पंद्रह बोरे प्रति एकड़ उपज होने के आसार हैं। किसानों का कहना है कि इस साल जिस तरह बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है, उससे लगता है कि किसान कई सालों तक नहीं उबर पाएगा। बताया कि इसका असर जमीन की ठेकेदारी पर भी सीधा पड़ेगा। यहां पर नीरज मुंजाल, भजन गुज्जर, बब्बी शर्मा, राजेंद्र कालरा, राजू हुरिया, सुंदर लाल भुसरी, गुरदयाल फुटेला, दीपक खुग्घर, मोती राम मौर्य आदि थे।
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अनुमान लगाया जा रहा है कि बरसात से गेहूं का रंग खराब और दाना भी छोटा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान तबका फसल खराब हो जाने से परेशान हैं। आजादनगर निवासी भीमसेन पुजारा, गुरदयाल फुटेला ने बताया कि बारिश से फसल तीस चालीस प्रतिशत खराब हुई है।
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बताया कि जहां किसान हर साल गेहूं की बीस से लेकर पच्चीस बोरे प्रति कुंतल की उपज लेता था, वहां इस बार बारह से पंद्रह बोरे प्रति एकड़ उपज होने के आसार हैं। किसानों का कहना है कि इस साल जिस तरह बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है, उससे लगता है कि किसान कई सालों तक नहीं उबर पाएगा। बताया कि इसका असर जमीन की ठेकेदारी पर भी सीधा पड़ेगा। यहां पर नीरज मुंजाल, भजन गुज्जर, बब्बी शर्मा, राजेंद्र कालरा, राजू हुरिया, सुंदर लाल भुसरी, गुरदयाल फुटेला, दीपक खुग्घर, मोती राम मौर्य आदि थे।
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