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बंदी छोड़ दिवस पर ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दरबार साहिब में लाखों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2022 12:33 AM IST
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Diwali Mela in Nanakmatta
नानकमत्ता में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के दर्शन को उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़। संवाद - फोटो : SITARGANJ
नानकमत्ता। दीपावली मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने श्री हरमिंदर साहिब दरबार में अपनी हाजिरी लगाकर पवित्र पंजा साहिब पर घी के दीपक जलाए और गुरु महाराज से सुख-शांति की अरदास की। गुरुद्वारा साहिब में सजे धार्मिक दीवान में रागी, ढांढ़ी, कविसरी और कीर्तनी जत्थों ने संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा प्रबंधन व डेरा कारसेवा की ओर से श्रद्धालुओं के आवास और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई थी।
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गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य पर लगने वाले उत्तर भारत के प्रसिद्ध दीपावली मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 23 अक्तूबर से शुरू हुए मेले के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर श्री हरमिंदर साहिब के दर्शन किए और पवित्र पंजा साहिब में घी के दीपक जलाकर सुख-शांति की अरदास की।
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पर्व को लेकर 24 अक्तूबर से बाबा अलमस्त दीवान हाल में सजे धार्मिक दीवान में पंथ के प्रसिद्ध श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी कीर्तनी जत्थे भाई स्वरूप सिंह, गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब के भाई मनजिंदर सिंह, ढांढ़ी जत्थे पूरन सिंह अर्शी व बलवीर सिंह पारस एवं हजूरी रागी जत्थों ने संगत को गुरुजस सुनाकर निहाल किया। दीवान का संचालन सुखविंदर सिंह एमए ने किया।
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गुरुनानक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य तरसेम सिंह के नेतृत्व में शिक्षक संपूर्ण सिंह, ललित मोहन शर्मा, नेमचंद मौर्या व प्रशांत विश्वास के साथ एनसीसी व स्काउट के स्वयंसेवियों एवं मंझ सेवा सोसायटी सितारगंज के जत्थेदार सोहन सिंह, गुरुनानक सेवा जत्था शाहजहांपुर की जत्थेदारनी बीवी कमलेश कौर, दशमेश खालसा दल किच्छा के जत्थेदार गुरनाम सिंह मंड, दशमेश खालसा दल खटीमा के जत्थेदार हरमोहन सिंह, यूथ सिख सोसायटी सितारगंज के जत्थेदार सर्वजीत सिंह माटा संगत की सेवा में लगे थे। मेले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्साधीक्षक डॉ. अभिलाषा पांडेय के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चिकित्सा सहायता शिविर में बीमारों को दवा दी जा रही थी। श्रद्धालुओं के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से लंगर और ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।
श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा छेंवी पातशाही, भंडार साहिब, दूध वाला कुआं, लाल गुरु गुरुद्वारे में भी शीश नवाया। श्रद्धालुओं ने पवित्र बाऊली साहिब और अजायब घर में लगे सिखी के इतिहास को देख और पढ़कर खुद को गौरवान्वित किया। मेलार्थियों ने गुरुद्वारा साहिब में लंगर छक पर्व पर लगे मेले में जमकर खरीदारी कर मनोरजंन के साधनों का लुत्फ उठाया।
वहां गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरबंश सिंह चुघ, उपप्रधान बीवी कमलेश कौर, जनरल सेक्रेट्री अमरजीत सिंह, सचिव हरभजन सिंह, गुरवंत सिंह सोनी, प्रभुसरण सिंह, हरभाग सिंह, गुरदयाल सिंह, गुरमुख सिंह, निर्मल सिंह, जोगेंद्र सिंह, पलविंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, गुरपाल सिंह, प्रीतपाल सिंह के अलावा प्रबंधक रणजीत सिंह आदि थे। मेले की सुरक्षा में थानाध्यक्ष देवेंद्र गौरव, मेला कोतवाल दीवान सिंह बिष्ट पुलिस बल के साथ जुटे रहे और सीसीटीवी कैमरों के जरिये कड़ी निगरानी भी की।
लाल गुरु के दरबार में शीश नवाते हैं लाखों नानकपंथी
नानकमत्ता। गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों नानकपंथियों की आस्था का केंद्र है। हर साल दिवाली पर पीलीभीत, बीसलपुर, बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी आदि क्षेत्रों से नानकपंथी पहुंचते हैं। बाबा अलमस्त जो लाल गुरु के नाम से प्रसिद्ध थे, उनके अनुयायी नानकपंथी कहलाते हैं। नानकपंथी गुरुद्वारा साहिब के साथ ही ध्यानपुर के नंदीश्वर मंदिर पर भी घी चढ़ाते हैं।
सिख धर्म से विपरीत खानपान, रहन-सहन और वेशभूषा के बावजूद नानकपंथी प्रतिवर्ष नानकमत्ता पहुंचकर पवित्र पंजा साहिब पर घी के दीये जलाकर अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं। नानकपंथी नानकमत्ता साहिब से सात किमी दूर ध्यानपुर स्थित प्राचीन नंदीश्वर महादेव पहुंचकर सांड़ देवता को घी और दूध चढ़ाकर अपने पशुओं के स्वस्थ रहने की मनौती मांगते हैं। हर साल नानकपंथी परिवारों के नवदंपति भी गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने पहुंचते हैं। मनौती मांगकर गए दंपती मनौती पूर्ण होने पर फिर यहां आकर अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराते हैं।
मंदिर प्रबंध समिति की ओर से श्रद्धालुओं के चाय पानी व भोजन की व्यवस्था की जाती है। मंदिर के महंत बाबा समुंद्र गिरी ने बताया कि मुगलकाल से श्रद्धालुओं में सांड़ देवता की मान्यता है। श्रद्धालुओं में गुरैहना बाबा, नंदी बाबा, सांड़िया बाबा, नंदीश्वर सांड़ पत्थर के नाम से प्रसिद्ध हैं। किंवदंती है कि मुगल काल में डाकू व चोरों के आतंक से नंदीश्वर क्षेत्रवासियों की सुरक्षा करते थे।
डेरा कारसेवा पहुंची हजारों संगत, संतों से लिया आशीर्वाद
नानकमत्ता। संगत ने दूध वाले कुएं के भी दर्शन किए। पवित्र कुएं का जल प्रसाद के रूप ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने डेरा कारसेवा में लंगर छका। डेरे के मुखी दिल्ली से आए बाबा बचन सिंह, बाबा सुरेंद्र सिंह, बाबा तरसेम सिंह से आशीर्वाद लेकर खुद को धन्य किया। डेरे के सेवादार श्रद्धालुओं की तन्मयता से सेवा में लगे थे। वहां बाबा श्याम सिंह, बाबा रेशम सिंह, बाबा सज्जन सिंह, बाबा गुरमुख सिंह, बाबा लक्खा सिंह, बाबा गुलजार सिंह, दारा सिंह, दिलबाग सिंह, निरबैर सिंह संधू आदि थे।

यूपी के कैबिनेट मंत्री ने गुरुद्वारे में टेका मत्था
नानकमत्ता। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता पहुंचकर श्री हरमिंदर साहिब दरबार में मत्था टेका और अरदास कर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने पवित्र पंजा साहिब की परिक्रम भी की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से उप प्रधान बीवी कमलेश कौर व जनरल सेक्रेट्री अमरजीत सिंह ने प्रधान कार्यालय में कैबिनेट मंत्री को गुरुद्वारे का चित्र व सरोपा भेंटकर सम्मानित किया। जितिन प्रसाद ने बताया कि वह अपने पिता के साथ भी कई बार यहां चुके हैं। गुरुद्वारा साहिब आकर उनके मन को शांति मिलती है। वहां किसान आयोग के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष के पति सुरेश गंगवार, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, सुखजीत सिंह, हरेंद्र सिंह लाडी, हरभजन सिंह, उमेश अग्रवाल, पलविंदर सिंह, गुरपाल सिंह, हरबंश सिंह सोनी आदि थे।
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