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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Dineshpur was tortured by police: Swaran Singh

दिनेशपुर में पुलिस ने दी थी यातनाएं : स्वर्ण सिंह

Wed, 15 Jul 2015 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नानकमत्ता।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नानकमत्ता। Updated Wed, 15 Jul 2015 02:01 AM IST
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 अंग्रेजों के जमाने की पुलिस ने भी बुजुर्गों पर ऐसे अत्याचार नहीं किए, जैसे आज की पुलिस करती है। दिनेशपुर लेकर गई पुलिस ने झूठा शपथ पत्र देने के लिए उनको यातनाएं दीं।

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विपक्षियों ने जेल में आकर उन्हें रिहा कराने का लालच देते हुए शपथ पत्र देने को कहा। लेकिन, न पुलिस और न ही विपक्षियों की बात मानी। यह बात गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के पूर्व रिसीवर एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ज्ञानी स्वर्ण सिंह ने कही।
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  24 दिन जेल में बिताने के बाद गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब के पूर्व रिसीवर मंगलवार को नानकमत्ता साहिब पहुंचे। ज्ञानी स्वर्ण सिंह ने अपने पुत्र बलराज सिंह और पौत्र सतनाम सिंह के साथ श्री दरबार साहिब में मत्था टेक अरदास की।
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यहां पत्रकारों से बातचीत में 95 वर्षीय स्वर्ण सिंह ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भी जेल गया था। अब अपनी सरकार ने बिना जांच किए जेल भेज दिया। अपने होश में मैंने कोई पाप नहीं किया। शायद पिछले जन्म में किए कर्म की वजह से इस उम्र में जेल का मुंह देखना पड़ा।

 कहा कि उन्हें जेल भिजवाने वालों के लिए मन में कोई ईर्ष्या नहीं है। गुरु घर में जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा। मेरे लिए सभी अपने है। स्वर्ण सिंह ने बताया कि अंग्रेजों के जमाने की पुलिस भी बुजुर्ग पर अत्याचार नहीं करती थी। लेकिन, आज की पुलिस निरंकुश हो गई है।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के समय दिनेशपुर पुलिस के थानाध्यक्ष व पुलिस कर्मियों ने उनको आतंकित करने के लिए बायां हाथ मोड़ा और गला भी दबाया। मेरा बायां हाथ आज भी नहीं उठ पा रहा है। वह मुझ पर अपने मनमाफिक बयान का शपथ पत्र देने का दबाव बना रहे थे।


 जेल में मिलने आए विपक्षी पार्टी के लोगों ने शपथ पत्र देने का लालच देकर जेल से रिहा कराने की बात कही थी। उन्होंने इस उम्र में झूठा शपथ पत्र देने से इंकार करते हुए कहा कि मुझे जेल में रहना मंजूर है। लेकिन, झूठा शपथ पत्र नहीं दूंगा।

इस मौके पर जत्थेदार त्रिलोक सिंह बघौरा, डा. देवेन्द्र सिंह, भजन सिंह डोरी, बाज सिंह, हरचरन सिंह,कारज सिंह, शेर सिंह, निरवैर सिंह संधू आदि थे।

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