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निवर्तमान विधायक राणा पर भाजपा ने तीसरी बार जताया विश्वास
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नानकमत्ता में विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा का स्वागत करते भाजपाई व समर्थक।
- फोटो : SITARGANJ
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जनजाति के लिए आरक्षित नानकमत्ता विधानसभा सीट पर भाजपा ने तीसरी बार विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। डॉ. राणा के प्रत्याशी घोषित होने की जानकारी मिलते ही भाजपाइयों और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और मिष्ठान वितरण कर केंद्रीय हाईकमान का आभार जताया।
वर्ष 2012 में खटीमा तथा सितारगंज विधानसभा क्षेत्र से काटकर जनजाति के लिए आरक्षित 69-विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता का गठन किया गया। भाजपा ने विधानसभा गठन के बाद पहले विधानसभा चुनाव में डॉ. प्रेम सिंह राणा को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। डॉ. राणा ने कांग्रेस के प्रत्याशी गोपाल सिंह राणा को हराकर भाजपा के विश्वास को जीत में बदलकर अपनी रणनीति एवं राजनीति में पैठ जमा ली।
वर्ष 2017 में भाजपा ने फिर डॉ. प्रेम सिंह राणा पर विश्वास जताया। डॉ. राणा ने पहले चुनाव की अपेक्षा दोगुने वोटों से कांग्रेस के प्रत्याशी गोपाल सिंह राणा को हराकर चुनाव जीता और पार्टी में दबदबा कायम रखा। 2022 के चुनाव में उनको भाजापा से ही टिकट के दावेदारी कर रहे आरएसएस के कद्दावर नेता श्रीपाल राणा से तगड़ी चुनौती मिल रही थी।
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प्रदेश भाजपा तथा केंद्रीय चुनाव समिति ने तीसरीय बार डॉ. राणा को अपना प्रत्याशी बनाकर विश्वास जताया है। डॉ राणा पर अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के साथ ही भाजपा के प्रदेश व केंद्रीय चुनाव समिति के विश्वास को कायम रखने की चुनौती पर सफल उतरने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।
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वर्ष 2012 में खटीमा तथा सितारगंज विधानसभा क्षेत्र से काटकर जनजाति के लिए आरक्षित 69-विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता का गठन किया गया। भाजपा ने विधानसभा गठन के बाद पहले विधानसभा चुनाव में डॉ. प्रेम सिंह राणा को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। डॉ. राणा ने कांग्रेस के प्रत्याशी गोपाल सिंह राणा को हराकर भाजपा के विश्वास को जीत में बदलकर अपनी रणनीति एवं राजनीति में पैठ जमा ली।
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वर्ष 2017 में भाजपा ने फिर डॉ. प्रेम सिंह राणा पर विश्वास जताया। डॉ. राणा ने पहले चुनाव की अपेक्षा दोगुने वोटों से कांग्रेस के प्रत्याशी गोपाल सिंह राणा को हराकर चुनाव जीता और पार्टी में दबदबा कायम रखा। 2022 के चुनाव में उनको भाजापा से ही टिकट के दावेदारी कर रहे आरएसएस के कद्दावर नेता श्रीपाल राणा से तगड़ी चुनौती मिल रही थी।
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प्रदेश भाजपा तथा केंद्रीय चुनाव समिति ने तीसरीय बार डॉ. राणा को अपना प्रत्याशी बनाकर विश्वास जताया है। डॉ राणा पर अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के साथ ही भाजपा के प्रदेश व केंद्रीय चुनाव समिति के विश्वास को कायम रखने की चुनौती पर सफल उतरने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।