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हज यात्रा के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज जरूरी
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मौलाना शुएब आलम
- फोटो : KASHIPUR
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जसपुर। हज यात्रा पर जाने वाले आजमीनों को इस वर्ष कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लेना जरूरी होगा। एक नवंबर से हज आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
शनिवार को उत्तराखंड राज्य हज समिति के चेयरमैन शमीम आलम ने हज कमेटी ऑफ इंडिया एवं सउदी सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्ष कोरोना काल में हज यात्रा पूरी तरह प्रभावित रही। इस बार हज यात्रा पर जाने वाले चयनित आजमीनों को फ्लाइट से एक माह पहले कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लगना बेहद जरूरी है अन्यथा वे लोग हज यात्रा से महरूम रह सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है। हज आवेदकों का पासपोर्ट 31 दिसंबर 2022 तक वैध होना भी जरूरी है और 65 वर्ष की आयु वाले ही इस बार आवेदन कर सकते हैं। इस साल 45 से 65 वर्ष आयु की अधिकतम 4 से 5 गैर मेहरम महिलाएं ग्रुप में एक साथ हज यात्रा पर जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि चयन के बाद प्रथम किस्त 81 हजार रुपये प्रति हज आवेदक जमा करनी होगी। इस वर्ष हज यात्रा का खर्च 3 लाख 35 हजार से 4 लाख सात हजार तक निर्धारित होने की संभावना है जो गत वर्ष से अधिक है।
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उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2020 में 2516 तथा वर्ष 2021 में 710 आवेदकों ने हज यात्रा के लिए अपने फार्म जमा किए थे। पिछले सभी आवेदनों को निरस्त करते हुए नए सिरे से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अलावा हज हाउस पीराने कलियर व कैंप कार्यालय देहरादून समेत अन्य साइबर कैफे या मोबाइल एप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
शारीरिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमान पर हज फर्ज (अनिवार्य) है। आजमीनों को हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर जारी दिशा निर्देशों पर अमल कर वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। हाजी को एक जगह से दूसरी जगह तक निश्चित समय में पैदल चलकर और यात्रा में उपलब्ध साधनों के माध्यम से पहुंचना होता है। सऊदी नियमों के अनुसार एक हज यात्री को आर्थिक, नैतिक, शारीरिक, व्यवहारिक और मानसिक रूप से चाकचैबंद होना जरूरी है।
-मौलाना शुएब आलम, नायब इमाम जामा मस्जिद जसपुर।
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शनिवार को उत्तराखंड राज्य हज समिति के चेयरमैन शमीम आलम ने हज कमेटी ऑफ इंडिया एवं सउदी सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्ष कोरोना काल में हज यात्रा पूरी तरह प्रभावित रही। इस बार हज यात्रा पर जाने वाले चयनित आजमीनों को फ्लाइट से एक माह पहले कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लगना बेहद जरूरी है अन्यथा वे लोग हज यात्रा से महरूम रह सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है। हज आवेदकों का पासपोर्ट 31 दिसंबर 2022 तक वैध होना भी जरूरी है और 65 वर्ष की आयु वाले ही इस बार आवेदन कर सकते हैं। इस साल 45 से 65 वर्ष आयु की अधिकतम 4 से 5 गैर मेहरम महिलाएं ग्रुप में एक साथ हज यात्रा पर जा सकेंगी। उन्होंने बताया कि चयन के बाद प्रथम किस्त 81 हजार रुपये प्रति हज आवेदक जमा करनी होगी। इस वर्ष हज यात्रा का खर्च 3 लाख 35 हजार से 4 लाख सात हजार तक निर्धारित होने की संभावना है जो गत वर्ष से अधिक है।
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उन्होंने बताया कि गत वर्ष 2020 में 2516 तथा वर्ष 2021 में 710 आवेदकों ने हज यात्रा के लिए अपने फार्म जमा किए थे। पिछले सभी आवेदनों को निरस्त करते हुए नए सिरे से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट के अलावा हज हाउस पीराने कलियर व कैंप कार्यालय देहरादून समेत अन्य साइबर कैफे या मोबाइल एप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
शारीरिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम मुसलमान पर हज फर्ज (अनिवार्य) है। आजमीनों को हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर जारी दिशा निर्देशों पर अमल कर वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए। हाजी को एक जगह से दूसरी जगह तक निश्चित समय में पैदल चलकर और यात्रा में उपलब्ध साधनों के माध्यम से पहुंचना होता है। सऊदी नियमों के अनुसार एक हज यात्री को आर्थिक, नैतिक, शारीरिक, व्यवहारिक और मानसिक रूप से चाकचैबंद होना जरूरी है।
-मौलाना शुएब आलम, नायब इमाम जामा मस्जिद जसपुर।

शमीम आलम- फोटो : KASHIPUR