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भगवती बाल सुंदरी का झंडा जुलूस निकाला
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काशीपुर में डोले में बैठने की तैयारी में मुख्य।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। नगर मंदिर पक्का कोट से भगवती बाल सुंदरी का झंडा जुलूस गाजे-बाजों के साथ निकाला गया। अब से ठीक छह माह बाद चैती मेला लगेगा और कुछ दिनों के लिए देवी चैती मंदिर में विराजमान होंगी।
बुधवार को नगर मंदिर पक्का कोट में पंडित दयाकिशन जोशी ने मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री और पंडा परिवार को पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद पंडा विकास अग्निहोत्री देवी प्रतिमा के प्रतीक नारियल को गोद में लेकर पालकी में बैठे। ढोल-नगाड़ों और भगवती के जयकारों के साथ झंडा जुलूस निकाला गया। जुलूस किला मैदान से सदर बाजार होकर एमपी चौक पहुंचा। एमपी चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है।
ऐसे में रास्ता बंद था। पार्षद अनिल कुमार व देवी भक्तों ने फ्लाईओवर निर्माण के ठेकेदार से रास्ता खुलवाया। तब जुलूस द्रोणसागर से गोविषाण की तलहटी के कच्चे रास्ते से होकर चैती मंदिर पहुंचा। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद देवी ध्वज जुलूस वापस पॉलीटेक्निक मंदिर के सामने दूज मेले में पहुंचा। यहां पूजा के बाद जुलूस पक्का कोट स्थित नगर मंदिर पहुंचा। देवी अज्ञातवास में स्थापित की गईं। छह माह बाद चैती मंदिर में ही देवी के दर्शन होंगे।
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पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि अब से ठीक छह माह बाद चैती मेला जुड़ेगा। भगवती बाल सुंदरी इस दौरान कुछ समय के लिए भक्तों को दर्शन देने के लिए चैती मंदिर में निवास करेंगी। देवी जुलूस देखने के लिए रास्ते में भीड़ जमा थी। जुलूस के साथ आनंद कुमार, गुरविंदर चंडोक, बाबा सम्राट गिरी, भुवन गिरी, मुकेश शर्मा, अनुज, हर्ष, पंडा कृष्ण गोपाल आदि थे।
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बुधवार को नगर मंदिर पक्का कोट में पंडित दयाकिशन जोशी ने मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री और पंडा परिवार को पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद पंडा विकास अग्निहोत्री देवी प्रतिमा के प्रतीक नारियल को गोद में लेकर पालकी में बैठे। ढोल-नगाड़ों और भगवती के जयकारों के साथ झंडा जुलूस निकाला गया। जुलूस किला मैदान से सदर बाजार होकर एमपी चौक पहुंचा। एमपी चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है।
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ऐसे में रास्ता बंद था। पार्षद अनिल कुमार व देवी भक्तों ने फ्लाईओवर निर्माण के ठेकेदार से रास्ता खुलवाया। तब जुलूस द्रोणसागर से गोविषाण की तलहटी के कच्चे रास्ते से होकर चैती मंदिर पहुंचा। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद देवी ध्वज जुलूस वापस पॉलीटेक्निक मंदिर के सामने दूज मेले में पहुंचा। यहां पूजा के बाद जुलूस पक्का कोट स्थित नगर मंदिर पहुंचा। देवी अज्ञातवास में स्थापित की गईं। छह माह बाद चैती मंदिर में ही देवी के दर्शन होंगे।
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पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि अब से ठीक छह माह बाद चैती मेला जुड़ेगा। भगवती बाल सुंदरी इस दौरान कुछ समय के लिए भक्तों को दर्शन देने के लिए चैती मंदिर में निवास करेंगी। देवी जुलूस देखने के लिए रास्ते में भीड़ जमा थी। जुलूस के साथ आनंद कुमार, गुरविंदर चंडोक, बाबा सम्राट गिरी, भुवन गिरी, मुकेश शर्मा, अनुज, हर्ष, पंडा कृष्ण गोपाल आदि थे।