फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Crowds thronging the banks, not the new notes

बैंकों पर उमड़ी भीड़, नहीं आए नए नोट

Fri, 11 Nov 2016 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Fri, 11 Nov 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
Crowds thronging the banks, not the new notes
नए नाोट - फोटो : अमर उजाला

500-1000 के नोट बंद होने के फैसले के बाद दूसरे दिन शहर में बैंक खुलने से पहले ही लोगों की भीड़ बैंकों के बाहर जुटना शुरू हो गई। शहर के आसपास क्षेत्र के लोग नए नोटों के दीदार की उम्मीद लेकर बैंक तो पहुंचे, लेकिन बदले में लोगों को सिर्फ मायूसी मिली। बताते चलें कि शुक्रवार को बैंकों के साथ एटीएम भी खुलने थे, इससे उम्मीद की जा रही थी कि एटीएम खुलने के बाद भीड़ को कुछ राहत मिलेगी।

विज्ञापन


 एसबीआई बैंक में भीड़ का यह आलम रहा कि बैंक के गेट से भीड़ हाइवे तक पहुंच गई। भीड़ बेकाबू होती देख इंदिरा चौक पर तैनात पुलिस को बैंक पहुंचकर भीड़ को संभालना पड़ा। हालांकि भीड़ में आज महिलाओं की संख्या पहले दिन के मुकाबले ज्यादा दिखी। बैंकों में भीड़ रहने से बाजारों में रौनक शुक्रवार को भी फीकी रही वहीं व्यापारी भी ग्राहक नहीं आने से दुकानों में बेचैन नजर आए।
विज्ञापन


शुक्रवार को लोग नए नोट लेने के लिए बैंक पहुंचे लोगों को बैंक कर्मियों को सौ-सौ के ही नोट दिए गए। लोगों ने बताया कि बैंक कर्मियों ने शुक्रवार को नए नोट बैंकों में आने की बात कही थी, लेकिन जब आज चार हजार की नगदी मिली तो उसमें सौ-सौ के नोट ही थे। लाइन में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हुई जो चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं। हालांकि लाइन में वह लोग भी दिखे जो कल चार हजार की नगदी बैंक से ले गए थे। उन्होंने बताया कि घर में शादी - समारोह होने के चलते उन्हें चार हजार रुपये निकालने के लिए रोजाना बैंक आना पड़ेगा। इधर जब एसबीआई बैंक के अधिकारियों से बैंकों में नये नोट आने की बात पूछी तो उन्होंने एक दो दिन में नए नोट आने की बात कही। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों ने पूछा कहां है काले धन वाले
बैंकों के बाहर लाइन में घंटों लगे लोगों का सब्र का बांध तब टूट गया जब लाइन छोटी नजर नहीं आ रही थी। भमरौला से आये सुदामा ने गुस्से में कहा कि सरकार ने यह फैसला काले धन को बाहर लाने के लिए लिया था, लेकिन लाइन में कोई भी अमीर पैसा जमा कराने नहीं आया। सुदामा ने कहा कि गरीब इंसान को ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। लाइन में लगे लोग हंसते हुए यही कह रहे थे कि लाइन में कहां हैं काले धन वाले।

निर्देश के बाद भी नहीं खुले एटीएम
सरकार द्वारा किए गए ऐलान के बावजूद भी शहर के एटीएम के शटर गिरे रहे। एक दिन एटीएम बंद रहने के बाद लोग शुक्रवार को एटीएम खुलने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन एटीएम के शटर गिरे रहे। शहर में विभिन्न बैंकों के पचास से अधिक एटीएम हैं, लेकिन बमुश्किल दो ही एटीएम खुले रहे। दो ही एटीएम खुलने से लोगों में मारामारी रही।


भीड़ देख सीपीयू भी खामोश
शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिण् लांच की गई सीपीयू भी भीड़ के आगे बेबस नजर आ रही है। बैंकों में जल्दी पहुंचने की हड़बड़ी और लाइन में बचने के चलते बाइक सवार शार्टकट अपना रहे हैं। इस कारण से बाइक सवार गलत दिशा में भी बाइक चला रहे हैं। नियमों को तोड़ने वाले बाइक सवारों की संख्या देख सीपीयू भी खामोश रहकर सही समय का इंतजार कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed