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यूएस नगर में ताबड़तोड़ हत्याओं में मेरठ के शूटर गैंग का हाथ
अमर उजाला ब्यूरो ऊधमसिंह नगर
Updated Sat, 11 Jun 2016 11:24 PM IST
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ऊधमसिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर के भूरारानी ग्राम सभा और फौजी मटकोटा क्षेत्र सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2002 से चल रही वर्चस्व की जंग में अब तक हुई छह से अधिक हत्याओं में यूपी-मेरठ के शूटर गैंग का नाम सामने आया है। सात जून को फौजी मटकोटा के पूर्व प्रधान और राज्य सरकार की ओर से मंडी परिषद के मनोनीत डायरेक्टर छोटे लाल की दिन दहाड़े हुई हत्या के बाद यूएस नगर पुलिस को जो अहम सुराग मिले हैं उनसे स्पष्ट हो रहा है कि पूर्व प्रधान की हत्या में यूपी के मेरठ के शूटरों का हाथ था।
इसमें यूएस नगर पुलिस ने एक शूटर को पकड़ने में कामयाबी भी हासिल की है। पुलिस ने शूटर से एक 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद की है। पूर्व प्रधान की हत्या में दो शूटर मेरठ के बताए जा रहे हैं। पुलिस दूसरे शूटर की गिरफ्तारी के लिए यूपी के शहरों में दबिश दे रही है। हालांकि पुलिस अभी इस हत्याकांड से पूरी तरह पर्दा उठाने के लिए एक या दो दिन का समय लगने की बात कह रही है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में बहुत अहम सुराग मिल चुके हैं 36 घंटे से पहले ही पूर्व प्रधान हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
उधर पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की माने तो उनका दावा है कि वर्ष 2002 से भूरारानी और फौजी मटकोटा में चल रही वर्चस्व की जंग में अब तक जिन लोगों की हत्या हुई है उसमें मेरठ के शूटर गैंग का ही हाथ है। पुलिस का यह भी दावा है कि मेरठ से ही अवैध हथियारों और कारतूसों के खेप भी भारी मात्रा में यूएस नगर में आ रही है। खास बात यह है कि पहले जहां अवैध तमंचों की खेप आती थी वहीं अब हथियारों के सौदागरों ने दर्रा निर्मित पिस्टलों के धंधे की सप्लाई भी यूएस नगर में करनी शुरू कर दी है। इनमें नाइन एमएम की पिस्टलों की खेप भी यहां पहुंच रही है। पूर्व प्रधान की हत्या में भी 9 एमएम की पिस्टल का ही उपयोग किया गया था। उधर शुक्रवार देर रात को पुलिस ने पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या में शामिल दो लोगों को दबोचा है, इसमें एक बदमाश रुद्रपुर का है जबकि एक शूटर मेरठ का है, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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पुलिस को मिले अहम सुराग : एसएसपी
यूएस नगर के एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने बताया कि पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या में शूटरों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, 36 घंटे के भीतर हत्याकांड से पर्दा उठा लिया जाएगा। हत्यारे यूपी के मेरठ शहर के बताए जा रहे हैं।
भारी मात्रा में पुलिस को असलहा मिलने की उम्मीद
पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें से एक के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद होने की आशंका जताई जा रही है। चूंकि पूर्व प्रधान की हत्या में शूटर मेरठ के बताए जा रहे हैं जिससे पुलिस को भरोसा है यूपी का मेरठ शहर 9 एमएम पिस्टल बनाने की बड़ी मंडी है, कहीं न कहीं हत्यारों और उनके साथियों के लिए पिस्टलों की बहुत बड़ी खेप शहर में आने की उम्मीद है। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
चतुर्वेदी भाइयों ने ली राहत की सांस
पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या में नामजद मुकेश चतुर्वेदी और उनके भाई मोनू चतुर्वेदी ने शनिवार को राहत की सांस ली है। पुुलिस ने शनिवार शाम दोनों भाईयों को छोड़ दिया है। क्योंकि इस हत्याकांड में पुलिस को मजबूत सुराग हाथ लगने के कारण ही मान लिया था कि दोनों भाई हत्याकांड में शामिल नहीं है। पूर्व प्रधान की हत्या के बाद से हीं दोनों भाई स्वयं पुलिस के समक्ष आकर खड़े हो गए थे और उन्होंने इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं स्वीकारा था, फिर भी पुलिस उन पर भी शक जता रही थी, लेकिन जब पुलिस ने हत्याकांड में दो लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया तो चतुर्वेदी भाइयों ने राहत की सांस ली है। शुरू से दोनों चतुर्वेदी भाई पुलिस तफ्तीश में पूरा सहयोग कर रहे थे। उधर पर्वतीय समाज ने भी हाल ही में दोनों भाइयों को इस हत्याकांड से दूर बताया।
जमीनों के विवादों में हो रहा खूनी खेल
यूएस नगर के रुद्रपुर शहर में वर्ष 2004 में सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई तो यहां पर कौड़ियों की जमीन करोड़ों में बिकनी शुरू हो गई और इसी चकाचौंध और रुपयों की लालसा ने तराई में गैंगवार को जन्म दे दिया। जिसमें कई लोगों ने जमीन के धंधे में जिंदगी गंवा दी है। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने भी माना कि यूएस नगर में अधिकांश हत्याएं जमीनी विवादों में हो रही हैं। इसे रोका जाना बहुत जरूरी है।
इसमें यूएस नगर पुलिस ने एक शूटर को पकड़ने में कामयाबी भी हासिल की है। पुलिस ने शूटर से एक 9 एमएम की पिस्टल भी बरामद की है। पूर्व प्रधान की हत्या में दो शूटर मेरठ के बताए जा रहे हैं। पुलिस दूसरे शूटर की गिरफ्तारी के लिए यूपी के शहरों में दबिश दे रही है। हालांकि पुलिस अभी इस हत्याकांड से पूरी तरह पर्दा उठाने के लिए एक या दो दिन का समय लगने की बात कह रही है। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में बहुत अहम सुराग मिल चुके हैं 36 घंटे से पहले ही पूर्व प्रधान हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
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उधर पुलिस के अधिकारिक सूत्रों की माने तो उनका दावा है कि वर्ष 2002 से भूरारानी और फौजी मटकोटा में चल रही वर्चस्व की जंग में अब तक जिन लोगों की हत्या हुई है उसमें मेरठ के शूटर गैंग का ही हाथ है। पुलिस का यह भी दावा है कि मेरठ से ही अवैध हथियारों और कारतूसों के खेप भी भारी मात्रा में यूएस नगर में आ रही है। खास बात यह है कि पहले जहां अवैध तमंचों की खेप आती थी वहीं अब हथियारों के सौदागरों ने दर्रा निर्मित पिस्टलों के धंधे की सप्लाई भी यूएस नगर में करनी शुरू कर दी है। इनमें नाइन एमएम की पिस्टलों की खेप भी यहां पहुंच रही है। पूर्व प्रधान की हत्या में भी 9 एमएम की पिस्टल का ही उपयोग किया गया था। उधर शुक्रवार देर रात को पुलिस ने पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या में शामिल दो लोगों को दबोचा है, इसमें एक बदमाश रुद्रपुर का है जबकि एक शूटर मेरठ का है, पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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पुलिस को मिले अहम सुराग : एसएसपी
यूएस नगर के एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने बताया कि पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या में शूटरों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, 36 घंटे के भीतर हत्याकांड से पर्दा उठा लिया जाएगा। हत्यारे यूपी के मेरठ शहर के बताए जा रहे हैं।
भारी मात्रा में पुलिस को असलहा मिलने की उम्मीद
पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें से एक के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद होने की आशंका जताई जा रही है। चूंकि पूर्व प्रधान की हत्या में शूटर मेरठ के बताए जा रहे हैं जिससे पुलिस को भरोसा है यूपी का मेरठ शहर 9 एमएम पिस्टल बनाने की बड़ी मंडी है, कहीं न कहीं हत्यारों और उनके साथियों के लिए पिस्टलों की बहुत बड़ी खेप शहर में आने की उम्मीद है। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
चतुर्वेदी भाइयों ने ली राहत की सांस
पूर्व प्रधान छोटे लाल की हत्या में नामजद मुकेश चतुर्वेदी और उनके भाई मोनू चतुर्वेदी ने शनिवार को राहत की सांस ली है। पुुलिस ने शनिवार शाम दोनों भाईयों को छोड़ दिया है। क्योंकि इस हत्याकांड में पुलिस को मजबूत सुराग हाथ लगने के कारण ही मान लिया था कि दोनों भाई हत्याकांड में शामिल नहीं है। पूर्व प्रधान की हत्या के बाद से हीं दोनों भाई स्वयं पुलिस के समक्ष आकर खड़े हो गए थे और उन्होंने इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं स्वीकारा था, फिर भी पुलिस उन पर भी शक जता रही थी, लेकिन जब पुलिस ने हत्याकांड में दो लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया तो चतुर्वेदी भाइयों ने राहत की सांस ली है। शुरू से दोनों चतुर्वेदी भाई पुलिस तफ्तीश में पूरा सहयोग कर रहे थे। उधर पर्वतीय समाज ने भी हाल ही में दोनों भाइयों को इस हत्याकांड से दूर बताया।
जमीनों के विवादों में हो रहा खूनी खेल
यूएस नगर के रुद्रपुर शहर में वर्ष 2004 में सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हुई तो यहां पर कौड़ियों की जमीन करोड़ों में बिकनी शुरू हो गई और इसी चकाचौंध और रुपयों की लालसा ने तराई में गैंगवार को जन्म दे दिया। जिसमें कई लोगों ने जमीन के धंधे में जिंदगी गंवा दी है। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने भी माना कि यूएस नगर में अधिकांश हत्याएं जमीनी विवादों में हो रही हैं। इसे रोका जाना बहुत जरूरी है।