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रोहित हत्याकांड : तीन को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 01 Apr 2016 12:18 AM IST
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रोहित तिवारी
- फोटो : amar ujala
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छह साल पहले खनन के वर्चस्व को लेकर शांतिपुरी में हुए रोहित तिवारी हत्याकांड में कोर्ट ने तीन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6-6 महीने का अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इसके अलावा, सबूतों के अभाव में कोर्ट ने पांच को बरी कर दिया है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता दीपक अरोरा ने 22 गवाहों के साथ पुख्ता सबूत पेश कर तीन आरोपियों पर दोष सिद्ध कर दिया।
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सयन सिंह ने गौरव, जितेेंद्र और राजपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं अन्य आरोपी लक्ष्मण बिष्ट, प्रकाश, राधेश्याम, नरेंद्र और समीर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं आर्म्स एक्ट में राजपाल को दोषी पाते हुए 4 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि रोहित तिवारी का परिवार वर्तमान में गोरखपुर में रहता है।
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छह साल पहले हुई थी रोहित की हत्या
ग्राम चुकटी देवरिया किच्छा निवासी रोहित तिवारी शांतिपुरी नंबर 4 स्थित गौला नदी में आवंटित खनन पट्टे में योगेश तिवारी के साथ काम करता था। 7/8 जनवरी 2009 की रात रोहित की शांतिपुरी जाने वाली सड़क में पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
रात में घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने तलाश की तो शव घटनास्थल पर पड़ा मिला और कार संख्या यूए06जे 1962 भी लावारिस मिली थी। रोहित के पिता गिरीश चंद्र तिवारी ने गौरव अग्रवाल निवासी ग्राम चुकटी देवरिया, जितेंद्र बिष्ट प्रीत विहार रुद्रपुर, राजपाल निवासी वार्ड नंबर 2 किच्छा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में लक्ष्मण बिष्ट निवासी ग्राम बंडिया किच्छा, प्रकाश धामी अग्रसेननगर रुद्रपुर, राधेश्याम निवासी वार्ड 2 किच्छा, नरेंद्र सिंह टाकुली उर्फ तारी निवासी बंडिया और समीर अहमद निवासी वार्ड नंबर 6 किच्छा के नाम भी प्रकाश में आए थे।