अब निशाने पर निलंबित अफसर नगन्याल
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भूमि मुआवजा घोटाला प्रकरण में जेल में बंद 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के बाद एसआईटी का फोकस अब चिन्हित किए गए आरोपियों पर है। एसआईटी ने निलंबित अफसर एनएस नगन्याल के अलावा आठ काश्तकारों के खिलाफ कोर्ट से एनबीडब्ल्यू ले रखा है। लेकिन, अब उनके खिलाफ 82 की कार्रवाई के लिए कोर्ट में आवेदन देने की तैयारी की जा रही है। एसआईटी को बाजपुर तहसील की एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। इनमें एक मामला तत्कालीन बाजपुर के एसडीएम और निलंबित अफसर एसएस जंगपांगी का भी है। उनके हस्ताक्षरों से भी एक मामले में जमीन की पिछली तारीख में 143 की गई थी।
एसआईटी को उम्मीद है कि कुर्की आवेदन से पहले ही नगन्याल की गिरफ्तारी हो जाएगी। हालांकि, फरार काश्तकारों के गिरफ्त मेें नहीं आने की दशा में उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अब तक की जांच में निलंबित अफसर तीरथपाल के खिलाफ एसआईटी को आपराधिक मामले नहीं मिल सके हैं। हालांकि कुछ मामले ऐसे हैं, जिनमें तीरथपाल ने 3ए का नोटिफिकेशन होने के बाद 143 के आधार पर मुआवजा बांटा था पर एनएचएआई की आपत्ति के बाद मुआवजा खारिज हो गया था।
वहीं, गदरपुर में तीरथपाल के खिलाफ कुछ और मामले आने की आशंका है। इधर, एफएसएल भेजे गए बाजपुर तहसील के 62 हस्ताक्षर और हस्तलेख के नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। इनमें एक मामला निलंबित अफसर एसएस जंगपांगी का है। उनके कार्यकाल में भी पिछली तारीख में जमीन की 143 होने के बाद मुआवजा हासिल किया गया था। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब चिन्हित आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू होगा। गिरफ्तारी नहीं होने की दशा में 82 और 83 की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बाजपुर के चार काश्तकारों ने की मुआवजा लौटाने की पेशकश
रुद्रपुर। एसआईटी का काश्तकारों पर शिकंजा कस रहा है तो सहमे कुछ काश्तकार जेल जाने से बचने के लिए गलत ढंग से हासिल किए गए मुआवजे की रकम को लौटाने की पेशकश कर रहे हैं। जसपुर के पांच काश्तकारों के बाद बाजपुर के चार काश्तकारों ने भी डीएम को प्रार्थना पत्र देकर अतिरिक्त मुआवजे की रकम को लौटाने की पेशकश की है।
हालांकि यह उन काश्तकारों के लिए थोड़ी राहत की बात है, जिन्हे एसआईटी ने आरोपी नहीं बनाया है। एसआईटी के आरोपी बनाए गए जसपुर के जो काश्तकार रकम लौटाने की पेशकश कर रहे हैं, उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी ही रहेगी। बता दें कि इन प्रत्येक काश्तकारों की ओर से प्रति काश्तकार 10 से 15 करोड़ का मुआवजा लेने का अनुमान है।