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करंट लगने से हुई थी मगन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Sun, 19 Jun 2016 11:44 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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पतरामपुर गांव में हुए मगन सिंह हत्याकांड ने नाटकीय मोड़ ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मगन की मौत करंट लगने से होने और नामजद आरोपियों की लोकेशन मृतक के घर के पास नहीं मिलने के बाद केस ने पुलिस को उलझा दिया है। पुलिस केस में जल्दबाजी नहीं चाहती, इसलिए तफ्तीश में फूंक-फूंककर कदम रखा जा रहा है। इधर पुलिस 48 घंटे बाद हत्याकांड का खुलासा करने का दावा कर रही है।
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शनिवार तड़के ग्राम पतरामपुर निवासी मगन सिंह अपने घर के बाहर अधमरी हालत में मिला था। परिजनों ने जब तक डाक्टर को बुलाया, वह दम तोड़ चुका था। परिजनों ने प्रीति किन्नर सहित सात आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
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उनका आरोप था कि किन्नर और छह साथी मगन को समझौता करने के बहाने घर से बुलाकर ले गए और मारपीट कर घर के बाहर फेंक दिया। पुलिस भी नामजद आरोपी होने की वजह से केस का खुलासा होने को लेकर आश्वस्त थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट से मौत और जांच में आरोपियों की लोकेशन घटना वाले दिन अलग-अलग जगहों पर मिलने से पुलिस खुद ही उलझ गई है।
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रिपोर्ट के अनुसार मगन के दाहिने हाथ में करंट लगा और इसी हाथ में कंधे के पास करंट लगने से छेद हुआ है। कोतवाल आरके चमोली ने बताया कि करंट किसी ने लगाया या खुद लगा, यह जांच का विषय है। शुक्रवार शाम मगन के अपहरण करने के कोई सबूत नहीं मिल रहे हैं। साढ़े सात बजे के बाद वह किसी से मोबाइल पर तल्खी से बात कर रहा था। अभी हत्या का खुलासा होने में 48 घंटे और लगेंगे।
वहीं हत्याकांड को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर चल रहा है। लोगों का कहना है कि अगर मगन घर के सामने तक जीवित था तो उसे परिजनों ने कहीं बाहर क्यों नहीं दिखाया। पड़ोसियों को रात को ही घटना का पता कैसे नहीं चला। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि हत्याकांड में कोई निर्दोष जेल न जाए, इसका खासतौर पर ख्याल रखा जा रहा है। मगन को करंट कैसे लगा, इसकी भी गहन जांच की जा रही है।
जांच किए बिना मुकदमा दर्ज करने की निंदा
पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि पतरामपुर क्षेत्र के कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। राजनीति से प्रेरित होकर ही यह रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में नामजद सभी व्यक्ति सम्मानित हैं, किसान हैं। पुलिस को बिना जांच किए इतनी जल्दी हत्या की रिपोर्ट में नामजद नहीं करना चाहिए था। नामजद होते ही पुलिस ने सोते हुए व्यक्तियों को घर से उठाकर हिरासत में ले लिया, जो गलत है।
परिजनों को दी सांत्वना
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आनंद सिंह रावत ने मृतक के घर पहुंचकर उसके परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने हत्याकांड का शीघ्र खुलासा, हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और प्रदेश सरकार से हरसंभव सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।