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आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भड़के, कोतवाली घेरी
Sun, 12 May 2019 12:39 AM IST
yashwant yashwant
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: yashwant yashwant
Updated Sun, 12 May 2019 12:39 AM IST
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खटीमा कोतवाली में धरने पर बैठी थारू जनजाति की महिलाएं व लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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थारू जनजाति के दो लोगों पर जानलेवा हमला और अपहरण में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से बानूसा के ग्रामीण भड़क गए। महिलाओं के साथ ग्रामीणों ने कोतवाली में धरना-प्रदर्शन किया। तीन घंटे से अधिक समय तक हंगामा होने के बाद जल्द गिरफ्तारी के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। सीओ ने कहा कि प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक व एसएसआई के नेतृत्व में दो टीमों आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दे रही हैं।
बृहस्पतिवार को भूमि विवाद के चलते बानूसा में दो पक्षों में मारपीट हो गई। अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि सुखदेव सिंह, संदीप सिंह, जसवंत सिंह, अमरजीत सिंह, विक्की सिंह पर रास्ते में अंकित सिंह, कुलदीप सिंह, विरेंद्र सिंह पर हमलाकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। कुलदीप को टेड़ाघाट के जंगल में ले गए, जहां पेड़ से बांध कर उसे घायल कर दिया।
बृहस्पतिवार देर रात ही कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, ब्लाक प्रमुख दान सिंह राणा आदि के साथ कोतवाली में धरना दिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 342, 367, 307, 323, 504, 506 में रिपोर्ट दर्ज की थी। जबकि दूसरे पक्ष के सुखदीप सिंह के लोगों ने भी शुक्रवार को कोतवाली का घेराव कर खरीदा खेत को जोतने का विरोध करने पर मारपीट और फायरिंग करने का आरोप लगाया था।
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इधर, शनिवार सुबह हमले में घायल कुलदीप सिंह राणा की पत्नी सुनीता, वीरेंद्र की पत्नी के साथ कई महिलाओं और ग्रामीणों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। उन्होंने गिरफ्तारी न होने तक धरने पर डटे रहने का एलान किया।
सीओ कमला बिष्ट ने कहा कि प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक तपेश कुमार चंद व एसएसआई देवेंद्र गौरव के नेतृत्व में दो टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। आश्वासन मिलने पर थारू जनजाति के ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शन में सुभाष सिंह, ईश्वर सिंह, नारायण सिंह, सुनीता, अनीता, उर्मिला, विमलेश, हेमा, कलावती, लक्ष्मी आदि शामिल रहे।
थारू राणा परिषद के पदाधिकारी भी सीओ से मिले
खटीमा। थारू राणा परिषद के अध्यक्ष गोपाल सिंह राणा चांदा, रमेश राणा आदि ने सीओ कमला बिष्ट के समक्ष जनजाति के दो लोगों पर हमले के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। इस दौरान जिपं सदस्य रवींद्र राणा, रोहित राणा, वीर सिंह राणा आदि रहे।
कोतवाली के अंदर व बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं
खटीमा। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से महिलाओं में खासा आक्रोश रहा। कोतवाली के भीतर और मुख्य द्वार पर महिलाएं बैठीं रहीं। कुलदीप की पत्नी सुनीता राणा आदि ने कहा कि बृहस्पतिवार की रात ही रिपोर्ट दर्ज हो गई थी, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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बृहस्पतिवार को भूमि विवाद के चलते बानूसा में दो पक्षों में मारपीट हो गई। अंकित सिंह राणा ने आरोप लगाया कि सुखदेव सिंह, संदीप सिंह, जसवंत सिंह, अमरजीत सिंह, विक्की सिंह पर रास्ते में अंकित सिंह, कुलदीप सिंह, विरेंद्र सिंह पर हमलाकर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। कुलदीप को टेड़ाघाट के जंगल में ले गए, जहां पेड़ से बांध कर उसे घायल कर दिया।
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बृहस्पतिवार देर रात ही कार्रवाई की मांग को लेकर पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, ब्लाक प्रमुख दान सिंह राणा आदि के साथ कोतवाली में धरना दिया। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 342, 367, 307, 323, 504, 506 में रिपोर्ट दर्ज की थी। जबकि दूसरे पक्ष के सुखदीप सिंह के लोगों ने भी शुक्रवार को कोतवाली का घेराव कर खरीदा खेत को जोतने का विरोध करने पर मारपीट और फायरिंग करने का आरोप लगाया था।
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इधर, शनिवार सुबह हमले में घायल कुलदीप सिंह राणा की पत्नी सुनीता, वीरेंद्र की पत्नी के साथ कई महिलाओं और ग्रामीणों ने कोतवाली में प्रदर्शन किया। उन्होंने गिरफ्तारी न होने तक धरने पर डटे रहने का एलान किया।
सीओ कमला बिष्ट ने कहा कि प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक तपेश कुमार चंद व एसएसआई देवेंद्र गौरव के नेतृत्व में दो टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। आश्वासन मिलने पर थारू जनजाति के ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शन में सुभाष सिंह, ईश्वर सिंह, नारायण सिंह, सुनीता, अनीता, उर्मिला, विमलेश, हेमा, कलावती, लक्ष्मी आदि शामिल रहे।
थारू राणा परिषद के पदाधिकारी भी सीओ से मिले
खटीमा। थारू राणा परिषद के अध्यक्ष गोपाल सिंह राणा चांदा, रमेश राणा आदि ने सीओ कमला बिष्ट के समक्ष जनजाति के दो लोगों पर हमले के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। इस दौरान जिपं सदस्य रवींद्र राणा, रोहित राणा, वीर सिंह राणा आदि रहे।
कोतवाली के अंदर व बाहर धरने पर बैठीं महिलाएं
खटीमा। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से महिलाओं में खासा आक्रोश रहा। कोतवाली के भीतर और मुख्य द्वार पर महिलाएं बैठीं रहीं। कुलदीप की पत्नी सुनीता राणा आदि ने कहा कि बृहस्पतिवार की रात ही रिपोर्ट दर्ज हो गई थी, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।